फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   ropeway gondola will reach nearest station without electricity in varanasi

Ropeway Varanasi: बिजली नहीं तो भी नजदीकी रोपवे स्टेशन तक पहुंच जाएगा गंडोला, तेज हवा पर धीमी हो जाएगी रफ्तार

Mon, 29 Sep 2025 12:15 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Mon, 29 Sep 2025 12:15 PM IST
सार

Varanasi News: वीडीए उपाध्यक्ष और एनएचएनएमएल की प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने रोपवे की खासियत बताई। बिजली नहीं होने पर भी गंडोला नजदीकी रोपवे स्टेशन तक पहुंच जाएगा। अब इसका संचालन नए साल में होगा। 

विज्ञापन
ropeway gondola will reach nearest station without electricity in varanasi
Ropeway varanasi - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दुनिया के तीसरे पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे का संचालन काशी में सुरक्षित तरीके से होगा। अगर बिजली गुल हो गई, तो भी गंडोला आंतरिक बिजली आपूर्ति से नजदीकी रोपवे स्टेशन तक पहुंच जाएगा। तेज हवा चली तो गंडोला अपने आप धीमा हो जाएगा। गंडोला रास्ते में नहीं खुलेगा। इसका संचालन रात में भी किया जा सकता है। गंडोला के अंदर एसी लगे हैं। गर्मी से बचाव की अन्य सुविधाएं भी हैं।

विज्ञापन


वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) उपाध्यक्ष पुलकित गर्ग और एनएचएनएमएल की प्रोजेक्ट डायरेक्टर पूजा मिश्रा ने रविवार को रोपवे की खासियत बताई। वीडीए सभागार में पत्रकारों को बताया कि यह पहाड़ी इलाकों में चल रहे रोपवे से अलग, सुरक्षित और हाईटेक है। इसमें यूरोपियन स्टैंडर्ड के सेफ्टी उपकरण लगाए गए हैं।
विज्ञापन


निगरानी के लिए कंट्रोल रूम बना है। रोपवे के लिए अलग से बिजली उपकेंद्र बना है। पहले तो बिजली नहीं कटेगी। अगर किसी वजह से बिजली कटी तो जनरेटर से संचालन किया जाएगा। किसी वजह से जनरेटर नहीं चला, तो भी गंडोला तार के सहारे हवा में नहीं रुकेगा। स्टेशन तक आराम से पहुंच जाएगा। आपात स्थिति में क्रेन के सहारे गंडोला को ऊपर से खोला जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

अब नए साल से रोपवे का संचालन, 148 गंडोला चलेंगे

वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित गर्ग ने बताया कि कहा कि दिसंबर तक रोपवे की सुरक्षा जांच होगी। लोड टेस्टिंग का काम तेजी से चल रहा है। रोपवे का संचालन अब 2026 में होगा। जब सभी 148 गंडोला का लोड रोप पर डालकर चला लिया जाएगा, तब रोपवे को आम जनता के लिए खोला जाएगा। यह काशी के लिए सिर्फ अत्याधुनिक अर्बन ट्रांसपोर्ट का साधन नहीं होगा बल्कि पर्यटन, रोजगार और शहर के आर्थिक विकास का नया द्वार खोलेगा।

रोपवे कॉरिडोर के 16 मीटर के दायरे के भवनों की ऊंचाई 10 मीटर से ज्यादा नहीं
उपाध्यक्ष ने बताया कि रोपवे कॉरिडोर के दोनों तरफ आठ-आठ मीटर के दायरे में भवनों की ऊंचाई 10 मीटर रखी गई है। यानी कुल कुल दायरा 16 मीटर का है। इस दायरे में ऊपर की तरफ निर्माण प्रतिबंधित रहेगा। 10 मीटर से ज्यादा की ऊंचाई के भवन नहीं बनवाए जा सकेंगे। इसकी निगरानी कराई जाएगी। अलग-अलग जोन के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।

इसे भी पढ़ें; Asia Cup: चंदौली के सपा सांसद वीरेंद्र सिंह का विवादित पोस्ट, 'पैसे के लिए कराया गया भारत-पाकिस्तान मैच'

नए कॉरिडोर के लिए सर्वे, एक कंसल्टेंट इंजीनियर, रोपवे इंस्पेक्टर की होगी नियुक्ति

उपाध्यक्ष ने बताया कि नए कॉरिडोर के लिए सर्वे शुरू करा दिया गया है। फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार हो रही है। रोपवे सबसे बड़ा टावर 160 फीट है जो सिगरा सुविधा साड़ी केंद्र के पास है। कार्यदायी एजेंसी को 15 वर्ष संचालित करने के लिए अनुबंध किया गया। रोपवे की सुरक्षा के लिहाज से एक कंसल्टेंट इंजीनियर, रोपवे इंस्पेक्टर रखे जाएंगे।

रोपवे का किराया कम होगा, बजट होटल बनेगा
उपाध्यक्ष ने बताया कि रोपवे का किराया काफी कम होगा। इसकी नियमावली बन रही है। इसके आर्थिक विकास मॉडल की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। सभी स्टेशनों पर कॉमर्शियल गतिविधियां शुरू की जाएंगी। चारों स्टेशनों पर दो लाख स्क्वायर फीट में व्यावसायिक गतिविधियां शुरू की जाएंगी। बजट होटल बनेगा। दुकानों और होटलों के लिए अभी से काफी डिमांड आ रही है। आवंटन की प्रक्रिया नीलामी से पूरी की जाएगी।

दूरी 3.8 किलोमीटर, लागत 815.58 करोड़

उपाध्यक्ष ने बताया कि भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्वतमाला प्रोजेक्ट के तहत एशिया का पहला अर्बन रोपवे प्रोजेक्ट शहरी परिवहन (अर्बन ट्रांसपोर्ट) के रूप में काशी में शुरू किया है। यह प्रोजेक्ट 3.8 किलोमीटर का है जो वाराणसी कैंट स्टेशन से गोदौलिया तक रहेगा। इसके बीच कैंट के अलावा काशी विद्यापीठ, रथयात्रा स्टेशन हैं। गिरजाघर एक टेक्निकल स्टेशन है। इस प्रकार कुल 5 स्टेशन और 29 टावर बनाए जाएंगे। इस परियोजना की कुल लागत 815.58 करोड़ निर्धारित हुई है। इसमें 15 वर्षों का ओएंडएम (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) भी शामिल है।

ये है खासियत

  • रोपवे से प्रति घंटे में 3000 लोग आ-जा सकते हैं। यानी 16 घंटे के संचालन में प्रतिदिन लगभग 96 हजार लोगों का आना-जाना होगा।
  • यह क्षमता भारत के सबसे बड़े गुलमर्ग रोपवे की तुलना में 2.5 गुना अधिक है।
  • हाई पावर ड्राइव्स एवं स्टैंडबाई सिस्टम्स, बड़े टर्मिनल्स, एडवांस्ड कंट्रोल, कम्युनिकेशन्स सिस्टम, बेहतर इवैक्यूएशन और रेस्क्यू प्रावधान हैं।
  • लेटेस्ट टेक्नोलॉजी और हाई क्वालिटी मेटेरियल्स (गंडोला और रोप्स सहित) का उपयोग किया जा रहा है।
  • इमरजेंसी के लिए तीन लेयर ऑफ सेफ्टी बनाई गई है
  • रोपवे घनी आबादी वाले अर्बन एरिया से होकर गुजरता है और मौजूदा बिल्डिंग्स के ऊपर से जाता है।
  • कुल लागत में 15 वर्षों का ऑपरेशन और मेंटेनेंस शामिल है।
  • इसमें ऑपरेशन, इलेक्ट्रिसिटी, जेनसेट, मैनपावर, स्टेशन सिक्योरिटी, क्लीनलीनेस, इक्विपमेंट्स की रिपेयर और मेंटेनेंस सम्मिलित हैं।

रोपवे का दुष्प्रचार, अफवाह फैलाने में दो के खिलाफ मुकदमा दर्ज

सोशल मीडिया पर रोपवे का दुष्प्रचार और अफवाह फैलाने मामले में रविवार की रात सिगरा थाने में दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। डीसीपी काशी गौरव बंशवाल ने बताया कि एक्स हैंडल पर अशोक और और डॉ. शीतल यादव की आईडी से एक वीडियो प्रसारित किया गया। यह दिखाया गया कि बनारस में चार किमी का रोपवे 800 करोड़ की लागत से बना रोपवे का उद्घाटन होते ही गंडोला टूटकर नीचे गिरा। इसमें भाजपा के नेता भी नीचे गिर गए। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। सिगरा इंस्पेक्टर संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि चौकी प्रभारी रोडवेज पुष्कर दुबे की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का संबंध छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर का है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed