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यूपी: खेल-खेल में 10 वर्षीय बालक के लिए रस्सी बनी मौत का फंदा, कमरा बंद कर अक्सर खेलता था

Sun, 06 Dec 2020 06:04 PM IST
विचित्र सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया Published by: विचित्र सिंह Updated Sun, 06 Dec 2020 06:04 PM IST
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Rope for death of a child in the game he used to close the room and play in Ballia
प्रतीकात्मक तस्वीर

यूपी के बलिया जनपद में खेल खेल में ही एक 10 वर्षीय बालक की मौत हो गई। वह अक्सर कमरा बंद कर अंदर खेलता था। शनिवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ कि बालक की जान चली गई। घटना बलिया शहर के बेदुआ मोहल्ले की है। घर में ही दो बच्चों ने रस्सी का झूला बनाया था। उसी झूले पर दोनों अक्सर कमरा बंद कर झूलते रहते थे। शनिवार देर रात झूले में गर्दन फंस जाने से एक 10 वर्षीय बालक की मौत हो गई।

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बेदुआ मोहल्ले में बेचू भारद्वाज का घर है। घर में उनके दो बेटे रस्सी का झूला बनाए थे। उसी झूले पर शनिवार रात लगभग नौ बजे बेचू का बड़ा बेटा कुणाल (10) कमरा अंदर से बंद कर झूला झूल रहा था। उसका छोटा भाई चार वर्षीय रजत अपनी मां के पास बैठा था, जो दूसरे कमरे में खाना बना रही थी। पिता किसी काम से बाहर गया था। खाना तैयार होने के बाद उसकी मां ने आवाज देनी शुरू की तो अंदर से काई आवाज नहीं आई।

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सूचना पर बेचू भी घर पहुंचा और करीब साढ़े दस बजे पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा तो अंदर कुणाल बुरी तरह से झूले में फंसा दिखा। लोग उसे जिला अस्पताल ले गए जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। थाना कोतवाली सदर के बिचला घाट चौकी प्रभारी रोहन राकेश सिंह ने बताया कि बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद पिता को सौंप दिया गया। घर में बने रस्सी के झूला में बच्चे की गर्दन फंस जाने से उसकी मौत हो गई थी।

झूला पर बैठकर उसे गोल-गोल घुमाता था...

बेचू ने बताया कि बच्चों ने काफी दिन से घर की छत में लटकी कुंडी के सहारे झूला बनाया था। उसी पर दोनों भाई कुणाल व रजत अक्सर झूलते रहते थे। बच्चों का मन बहला रहे, इसलिए उसने भी कभी नहीं टोका, लेकिन उसे क्या पता था कि यही झूला एक दिन उसके बेटे के लिए मौत का फंदा बन जाएगा। बेचू ने बताया कि कुणाल अक्सर झूला पर बैठकर उसे गोल-गोल घुमाता था और जब रस्सी पूरी तरह से तन जाती थी तो पैर उठा लेता था, जिससे झूला गोल-गोल घूमने लगता था। शनिवार को भी उसने यही किया होगा और रस्सी में अधिक तनाव आ जाने के कारण उसकी गर्दन उसी में फंसी रह गई, जिससे उसकी मौत हो गई। उसने बताया कि झूला झूलते समय अक्सर दरवाजे से टकराता था, इसलिए वह दरवाजा बंद कर लेेता था।

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