पिता जी, ये मेडल गोल्ड से कम नहीं: कांस्य पदक जीतने के बाद रोहित ने फोन पर की बात, छलके खुशी के आंसू
एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने के बाद रोहित यादव ने पिता से फोन पर बात की। इस दौरान कहा कि पिता जी, यह हमारा पहला मेडल है, किसी गोल्ड से कम नहीं है। यह बातें कहते हुए रोहित के आंसू छलक उठे।
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पिता जी, यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमारा पहला बड़ा मेडल है...। यह किसी गोल्ड से कम नहीं है। यह भावुक शब्द उस बेटे के थे जिसने एशियाई खेलों के पोडियम पर तिरंगा लहराया। फोन पर यह सुनते ही पूर्व मैराथन धावक पिता सभाजीत यादव की आंखें खुशी से छलक उठीं। कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचने के तुरंत बाद रोहित यादव ने मछलीशहर तहसील के अदारी डभिया गांव में अपने पिता सभाजीत यादव को फोन किया। पदक गले में सजते ही रोहित ने अपनी यह कामयाबी अपने पिता के संघर्षों और देशवासियों को समर्पित किया।
पिता सभाजीत यादव ने बताया कि मुकाबला खत्म होने के कुछ देर बाद रोहित का फोन आया। उसकी आवाज में देश के लिए पदक जीतने का गर्व झलक रहा था। रोहित ने कहा कि भले ही रंग कांस्य का है, लेकिन एशिया के सबसे बड़े खेल मंच पर पहला पदक जीतना किसी स्वर्ण पदक से कम सुकून नहीं देता। बेटे के मुंह से यह बात सुनकर पिता अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए।
एशियन गेम्स के कांस्य विजेता रोहित बरेका के कार्यालय अधीक्षक
बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) के अंतरराष्ट्रीय जैवलिन थ्रो खिलाड़ी रोहित यादव ने एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीत लिया। रोहित यादव बरेका के इलेक्ट्रिक विभाग में कार्यालय अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। साल 2018 से बरेका में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
बरेका की ओर से आधिकारिक सूचना जारी कर बताया गया है कि नौकरी के साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जैवलिन थ्रो में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया है। रोहित यादव की इस उपलब्धि पर बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।