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हद है: वाराणसी में पीएनजी के लिए खोदी सड़क, मरम्मत कराना भूले, छोड़ दी तीन फीट की पाइप; परेशानी

Thu, 14 May 2026 05:26 PM IST
Aman Vishwakarma अभिषेक सेठ, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अभिषेक सेठ, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Thu, 14 May 2026 05:26 PM IST
सार

PNG Pipeline: वाराणसी में पीएनजी पाइपलाइन बिछाने के दौरान गेल ने तेजी से कनेक्शन तो दिए, लेकिन सड़कों की मरम्मत नहीं कराई। सुंदरपुर, करौंदी, प्रशांतपुरी, डीआईजी कॉलोनी समेत कई इलाकों में गड्ढे और बाहर निकली पाइप लोगों के लिए परेशानी बन गई हैं। मानसून से पहले जलभराव का खतरा बढ़ गया है। गेल ने रेस्टोरेशन की जिम्मेदारी संबंधित विभागों पर बताई है।

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Road Dug Up for PNG Installation in Varanasi Authorities Forgot to Repair It and Left Three
पीएनजी कनेक्शन। - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

Varanasi News: जिले में गैस की किल्लत के बीच पीएनजी पाइपलाइन बिछाने का काम तेजी से किया जा रहा है। गेल ने रिकॉर्ड गति से कनेक्शन देने का लक्ष्य तो पूरा कर लिया, लेकिन सड़कों और गलियों की मरम्मत करना मानो भूल गई। पाइपलाइन डालने के लिए खोदी गई सड़कें अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई हैं।

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कई स्थानों पर पाइप बाहर निकली हुई हैं, जबकि कहीं गड्ढे जस के तस छोड़ दिए गए हैं। सुंदरपुर, करौंदी, सुसवाही, डीआईजी कॉलोनी, प्रशांतपुरी, पीडब्ल्यूडी कॉलोनी, आवास विकास, प्रेमचंद नगर कॉलोनी, अशोक विहार फेज-2 और सिद्धगिरी बाग समेत कई इलाकों से सड़क खराब होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। 

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एक महीने में दिए 9330 कनेक्शन :  गेल अधिकारियों के अनुसार जिले में अब तक 70 हजार से अधिक पीएनजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं। बीते एक महीने में 9330 नए कनेक्शन दिए गए, जिनमें 9297 घरेलू, 30 कॉमर्शियल और मात्र तीन इंडस्ट्रियल कनेक्शन शामिल हैं।

मानसून से पहले बढ़ी चिंता : स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मानसून से पहले सड़कों की मरम्मत नहीं हुई तो जलभराव और कीचड़ की समस्या गंभीर हो जाएगी। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार नियम यह है कि पाइपलाइन बिछाने के तुरंत बाद संबंधित एजेंसी सड़क को पूर्व स्थिति में बहाल करेगी, लेकिन लक्ष्य पूरा करने की जल्दबाजी में इस जिम्मेदारी की अनदेखी की गई। (संवाद)

केस 1 : मकबूल आलम रोड स्थित प्रशांतपुरी कॉलोनी में गेल ने कई जगह पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं कराई। पाइप कनेक्शन संबंधी जानकारी पत्थरों पर अंकित कर दी गई, लेकिन खुदाई के दौरान निकले ईंट-पत्थर वहीं छोड़ दिए गए।

केस 2 : डीआईजी कॉलोनी में पुलिस अधिकारियों के आवास होने के बावजूद कई जगह गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं। कॉलोनी के बाहर सड़क पर बने गड्ढे लोगों के लिए मुसीबत बने हुए हैं और शहर की सूरत बिगाड़ रहे हैं।

केस 4 : सिद्धगिरी बाग में गली के बीचोंबीच पाइप डालने के लिए गड्ढा खोदा गया। काम पूरा होने के बाद उसे बिना भरवाए छोड़ दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय यहां दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

केस 4 : खजुरी क्षेत्र में सड़क किनारे तीन स्थानों पर तीन से चार फीट तक पाइप बाहर निकली हुई है। इसी मार्ग से प्रधानमंत्री का काफिला भी गुजर चुका है, लेकिन इसके बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई।

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गेल के ठेकेदारों ने जो गड्ढे किए हैं, उसकी जिम्मेदारी गेल की ही होती है। जहां गेल काम नहीं कर पाया, वहां रेस्टोरेशन के लिए पीडब्ल्यूडी और नगर निगम को धनराशि दी गई है। इसके बाद संबंधित विभागों की जिम्मेदारी बनती है। - प्रवीण गौतम, चीफ मैनेजर, गेल (सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन)।

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