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वाराणसी में चार क्विंटल प्रतिबंधित चाइनीज मंझा जब्त, एक माह में 20 से अधिक हुए घायल

Fri, 29 Dec 2017 02:06 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Fri, 29 Dec 2017 02:06 PM IST
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Restricted chinese thread seize in varanasi
जब्त चाइनीज मंझा - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी में प्रतिबंधित चाइनीज मंझे से एक माह के भीतर 20 से ज्यादा लोगों के गंभीर रूप से घायल होने के बाद आखिरकार गुरुवार को पुलिस की नींद टूटी। दालमंडी क्षेत्र के कुंजीगढ़ टोला में दोपहर बाद छापेमारी कर पुलिस ने पांच दुकानों से चार क्विंटल चाइनीज मंझा बरामद कर छह लोगों को हिरासत में लिया।
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इन सभी का शांतिभंग के आरोप में चालान किया गया है। जिन दुकानों से मंझा जब्त किया गया उन सभी दुकानों के बाहर ‘यहां चाइनीज मंझा नहीं मिलता’ लिखकर टांगा गया था।
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हालांकि, शहर के अन्य चिह्नित इलाकों में चाइनीज मंझे के खिलाफ पुलिस और प्रशासन की ओर से कोई अभियान नहीं चलाया गया। सीओ दशाश्वमेध स्नेहा तिवारी ने चौक थाने में बताया कि सूचना मिली थी कि दालमंडी क्षेत्र के कुछ दुकानदार अपने गोदाम में चाइनीज मंझे का स्टॉक छिपाकर रखे हुए हैं।
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तस्दीक करने के बाद ही ग्राहक को चाइनीज मंझा बेचते हैं। छापेमारी में हनुमान फाटक के गुलजार अहमद, पड़ाव नई बस्ती के मनोज गुप्ता, कोतवाली क्षेत्र के मो. जफर, दिलावर अली व रोशन अली और चौक के वसीम को हिरासत में लिया गया। सभी के खिलाफ चौक थाने में मामला दर्ज किया गया है। दालमंडी क्षेत्र में आगे भी पुलिस की छापेमारी जारी रहेगी।

मंझा जानलेवा मगर दंड का ठोस प्रावधान नहीं

Restricted chinese thread seize in varanasi
ह‌िरासत में लोग - फोटो : अमर उजाला
जानलेवा चाइनीज मंझे की बिक्री पर उच्चतम न्यायालय, एनजीटी और सरकार की ओर से प्रतिबंध लगाया गया है मगर कार्रवाई के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं है। पुलिस छापेमारी कर चाइनीज मंझा जब्त तो कर लेती है लेकिन बेचने वालों पर ठोस कार्रवाई नहीं कर पाती।

इस वजह से पुलिस और कोई उपाय न देख भारतीय दंड संहिता की धारा 188 (लोक सेवक द्वारा सम्यक रूप से प्रख्यापित आदेश की अवज्ञा) के तहत प्रकरण दर्ज करती है। इस धारा के तहत दोष सिद्ध होने पर एक से छह माह तक के कारावास और दो सौ से एक हजार रुपये तक के जुर्माना का प्रावधान है।

सात वर्ष से कम सजा होने के कारण पुलिस इस धारा के आरोपी को गिरफ्तार भी नहीं कर सकती। ऐसे में जिलाधिकारी द्वारा धारा 144 के तहत जारी निषेधाज्ञा के मद्देनजर चाइनीज मंझे की बिक्री करने वालों का पुलिस शांतिभंग के आरोप में चालान कर देती है।
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