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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Restoration work is carried out at cost of Rs 3.57 crore and pillars painted without repair in varanasi

Varanasi News: लक्ष्मी कुंड के जीर्णोद्धार कार्य में अनियमितता पर भड़के मेयर, अधिकारियों को सुनाई खरी-खोटी

Tue, 24 Mar 2026 10:18 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Tue, 24 Mar 2026 10:18 AM IST
सार

वाराणसी जिले में 3.57 करोड़ रुपये से लक्ष्मी कुंड का जीर्णोद्धार हो रहा, लेकिन इस कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं। औचक निरीक्षण के दौरान मौके पर बदहाली देखकर मेयर दंग रह गए। 

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Restoration work is carried out at cost of Rs 3.57 crore and pillars painted without repair in varanasi
लक्ष्मी कुंड - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी शहर के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले लक्ष्मी कुंड के जीर्णोद्धार कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं। नगर निगम की ओर से सीएसआर फंड से करीब 3.57 करोड़ रुपये की लागत से कराए जा रहे इस पुनरुद्धार कार्य का सोमवार को मेयर अशोक कुमार तिवारी ने औचक निरीक्षण किया। वहां की बदहाली देखकर वह दंग रह गए। निर्माण कार्यों की बेहद खराब गुणवत्ता और मानकों की अनदेखी को देखकर मेयर का पारा चढ़ गया और उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों व कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई।
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निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि कुंड के चारों ओर स्थित पुराने पिलरों (खंभों) की न तो ठीक से सफाई की गई और न ही उनकी मरम्मत हुई, बल्कि धूल और गंदगी के ऊपर ही सीधे पेंटिंग कर खानापूर्ति कर दी गई। इसके अलावा, जो नए पत्थर लगाए गए हैं, उनमें अभी से सीपेज (पानी का रिसाव) दिखाई दे रहा है, जो भविष्य में निर्माण की मजबूती पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
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मेयर ने पिलरों की स्थिति और पत्थरों की खराब जुड़ाई को देखकर गहरी नाराजगी व्यक्त की और स्पष्ट कहा कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दरअसल, लक्ष्मी कुंड के जीर्णोद्धार का प्रकरण 22 मार्च को क्षेत्रीय पार्षद राम गोपाल वर्मा ने सदन की बैठक में उठाया था। उन्होंने सदन को अवगत कराया था कि कुंड का कार्य बिल्कुल भी संतोषजनक नहीं है और कार्यदायी संस्था पूरी तरह से मनमाने ढंग से काम कर रही है।

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पार्षद की इसी शिकायत के मद्देनजर सोमवार को मेयर खुद धरातल पर स्थिति देखने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान पार्षद राम गोपाल वर्मा और मुख्य अभियंता आरके सिंह भी मौजूद रहे। मेयर ने मुख्य अभियंता को स्वयं इस पूरे कार्य की निगरानी करने का निर्देश दिया, ताकि कुंड के पानी का ट्रीटमेंट आधुनिक मानकों के अनुरूप हो और जल स्वच्छ बना रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्य की गुणवत्ता में तत्काल सुधार नहीं हुआ और मनमानी जारी रही, तो संबंधित संस्था का भुगतान रोकने के साथ ही कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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