फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Research reveals 70 percent Muslim, 30 percent Hindu women have vitamin D deficiency

शोध में खुलासा: 70% मुस्लिम, 30% हिंदू महिलाओं में विटामिन डी की कमी; बुर्का पहनने और धूप से दूरी है इसका कारण

Sun, 01 Jun 2025 03:44 PM IST
शाहरुख खान चंद्रेश कुमार यादव, अमर उजाला, जौनपुर
चंद्रेश कुमार यादव, अमर उजाला, जौनपुर Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 01 Jun 2025 03:44 PM IST
सार

शोध में खुलासा हुआ है कि 70% मुस्लिम, 30% हिंदू महिलाओं में विटामिन डी की कमी है। बुर्का पहनने और धूप से दूरी बनाने वालीं मुस्लिम महिलाओं में हड्डियां टूटने की शिकायत अधिक है।

विज्ञापन
Research reveals 70 percent Muslim, 30 percent Hindu women have vitamin D deficiency
महिलाएं - फोटो : freepik.com

विस्तार

जौनपुर के उमानाथ सिंह स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय के आर्थोपेडिक्स विभाग के शोध में दावा किया गया है कि विटामिन डी की कमी से 70 फीसदी मुस्लिम और 30 फीसदी हिंदू महिलाएं कमर दर्द और हड्डियों की विभिन्न समस्याओं से परेशान हैं। 
विज्ञापन


हड्डियों का घनत्व कम होने से फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। महिलाओं को पता भी नहीं चलता और उनकी हड्डियां खुद-ब-खुद टूट जाती हैं। उमानाथ सिंह स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय के ऑर्थोपेडिक्स विभाग के वरिष्ठ सर्जन प्रो. डॉ. उमेश कुमार सरोज के निर्देशन में 100 हिंदू और 100 मुस्लिम महिलाओं पर यह शोध किया गया। 
विज्ञापन


शोध के आंकड़ों के अनुसार, 10 से 20 वर्ष की आयु की 60 से अधिक मुस्लिम युवतियों में माइनर और मेजर फ्रैक्चर की शिकायतें पाई गई, जबकि 21 से 50 वर्ष की करीब 35 महिलाएं भी हड्डी संबंधी समस्याओं से पीड़ित थीं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिकतर महिलाएं हड्डियों के खुद-ब-खुद टूटने जैसी समस्या से ग्रसित थीं, जिसे मेडिकल की भाषा में ऑस्टियोमलेशिया कहा जाता है। यह बीमारी तब होती है, जब शरीर में विटामिन डी की मात्रा अत्यधिक कम हो जाती है। 

शोध में पाया गया कि हिंदू महिलाओं में यह समस्या तुलनात्मक रूप से 70 प्रतिशत कम है। इसकी प्रमुख वजह यह है कि गांवों में रहने वाली अधिकतर हिंदू महिलाएं खेतों में काम करती हैं और उन्हें भरपूर मात्रा में धूप मिलती है। इसके विपरीत, अधिकतर समय बुर्का पहनने से मुस्लिम महिलाओं को धूप नहीं मिल पाती है। इससे उनके शरीर में विटामिन डी का स्तर गिर जाता है।

ऑस्टियोमलेशिया में होती हैं ये समस्याएं 
डॉ. सरोज की टीम द्वारा किए गए इस अध्ययन में यह भी स्पष्ट हुआ कि ऑस्टियोमलेशिया के मरीजों को सामान्यतः कमर दर्द, मांसपेशियों में तनाव, ऐंठन, चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएं होती हैं। इसमें हड्डियों कमजोर हो जाती हैं। वे इन्हें सामान्य स्वास्थ्य समस्याएं मानकर केवल पेन किलर या मल्टी विटामिन जैसी दवाएं लेती हैं। वास्तविक बीमारी का पता तब चलता है जब एक्स-रे और विटामिन-डी की विशेष जांच कराई जाती है। 

बचाव के उपाय 
सुबह शाम हल्की धूप के साथ व्यायाम करने के साथ-साथ हरी सब्जियां, फल फूल, दूध का सेवन करने की आवश्यकता है। ज्यादा शीतल पेय पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। 

 

रिसर्च के मुताबिक 
मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, शरीर में विटामिन डी का स्तर 30 से 100 नैनोग्राम प्रति मिलीलीटर होना चाहिए। जौनपुर की कई महिलाओं में यह स्तर 20 से भी नीचे पाया गया, जो कि अत्यंत गंभीर स्थिति है। हड्डी संबंधी गंभीर बीमारी से मुस्लिम महिलाएं सर्वाधिक प्रभावित हैं। 

 

रिसर्च में पाया गया है कि 70 फीसदी से ज्यादा मुस्लिम महिलाएं ऑस्टियोमलेशिया नामक बीमारी से जूझ रही हैं। तुलनात्मक रूप से हिंदू 
महिलाओं में ये समस्या कम है। मुस्लिम महिलाएं तेजी से इस बीमारी की चपेट में आ रही हैं। प्रोफेसर डॉ. उमेश कुमार सरोज, वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक्स सर्जन, मेडिकल कॉलेज। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed