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बलिया : सीएम साहब का आदेश ठेंगे पर, टेंट में रात गुजार रहे बाढ़ पीड़ित, राहत सामग्री भी नहीं पहुंची

Thu, 19 Sep 2019 04:09 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Thu, 19 Sep 2019 04:09 PM IST
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Relief materials financial aid did not reach flood affected people in Ballia
दयाछपरा में टेंट में रह रहे लोग। - फोटो : अमर उजाला

बलिया में बाढ़ राहत कार्य पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। अब तक ना तो बाढ़ पीड़ितों को राहत राशि मिली है और ना ही राहत सामग्री। हद तो तब हो जाती है जब पता चलता है कि शासन की ओर से राहत सामग्री 16 और 17 सितंबर के बीच ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भेज दी गई हो। इसके बावजूद अब तक संबंधित अधिकारियों ने राहत सामग्री बाढ़ पीड़ितों तक नहीं पहुंचाई है।

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यही नहीं, मुख्यमंत्री के आदेशों को भी जिला प्रशासन ने ठेंगा दिखा दिया। मुख्यमंत्री के आदेश के तीन दिन बाद भी बाढ़ पीड़ित करीब ढाई हजार परिवारों को अब तक सामुदायिक भवनों और स्कूलों में शरण नहीं दी गई है। यह परिवार आज भी खुले आसमान के नीचे और टेंटों में जीनों को मजबूर हैं।
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गौरतलब है कि मंगलवार 17 सितंबर को बाढ़ पीड़ितों की पीड़ा जाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बलिया के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंनें अधिकारियों से 12 घंटे के अंदर बाढ़ पीड़ितों को सहायता राशि देने और राहत सामग्री बांटने को कहा था।

इसके अलावा बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री देने व पशुओं के लिए चारे आदि की व्यवस्था करने के आदेश दिए थे। इसके अलावा इन बाढ़ पीड़ितों को सामुदायिक भवनों और स्कूलों में शरण देने के भी सख्त आदेश दिए थे लेकिन इन सभी आदेशों को जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों ने ठेंगा दिया। अब तक इनमें से कोई भी सुविधा बाढ़ पीड़ितों को नहीं दी गई है।



उधर, मंगलवार और बुधवार को लगातार हुई बारिश ने बाढ़ पीड़ितों को तोड़कर रख दिया। मंगलवार को करीब नौ घंटे की लगातार बारिश और तेज हवा ने जहां बाढ़ पीड़ितों के टेंटों को उड़ा दिया, वहीं उनकी गृहस्थी का सामान और बिस्तर आदि को बुरी तरह भिगो दिया। आंखों में आंसू लेकर ये लोग पूरी रात खुले आसमान में गिले बिस्तर पर बैठ आसमान की ओर बारिश के रूकने की प्रार्थना करते रहे। वहीं बुधवार को भी दिन में कई बार रुकरुक कर बारिश होती रही। ऐसे में दूसरे दिन भी रात में उन्हें गीले बिस्तरों के चलते जाग कर ही रात गुजारनी पड़ी।

राहत सामग्री आई फिर क्यों नहीं बांटी गई :
सूत्रों की मानें तो बैरिया में राहत सामग्री 16-17 तारीख को ही आ गई थी। इसके बावजूद अब तक इसे नहीं बांटा गया। इसकी जानकारी जिला प्रशासन को भी है। सूत्रों के अनुसार डीएम ने इस संबंध में बैरिया के स्थानीय अधिकारियों को फटकार भी लगाई है। वहीं, एक राजनीतिक दल के नेता पर राहत सामग्री न बंटने देने का भी मामला सामने आ रहा है। इस संबंध में जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगरौत ने संबंधित अधिकारियों को फटकार भी लगाई है।

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