कोरोना से राहत: वाराणसी में तीन महीने के बाद 10 से कम कोरोना संक्रमित मिले, तीन मरीजों ने दम तोड़ा
वाराणसी में कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या तेजी से नीचे आ रही है तो वहीं नये मामलों में भी गिरावट जारी है। वर्तमान में कोरोना मरीजों की संख्या बेहद कम हो चुकी है। तीन महीने ऐसा बाद हुआ है जब एक दिन में 10 से कम मरीज मिले हैं।
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वाराणसी में कोरोना संक्रमण की दर काफी हद तक काबू में आ चुकी है। तीन महीने ऐसा बाद हुआ है जब एक दिन में 10 से कम मरीज मिले हैं। शनिवार को पांच नए मरीज मिले, जबकि तीन मरीजों की मौत भी हुई है। इसके साथ ही एक्टिव मरीजों की संख्या भी 300 से कम होकर 278 तक पहुंच गई है। रविवार को 5345 सैंपल की मिली रिपोर्ट में पांच मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है।
इसमें भी बीएचयू में सबसे अधिक तीन, मंडुवाडीह में एक मरीज मिला है जबकि 60 वर्षीय एक संक्रमित मरीज के बारे में स्वास्थ्य विभाग को कोई रिकार्ड ही नहीं मिला है। इसके अलावा बीएचयू में भर्ती नरोत्तमपुर निवासी 57 वर्षीय पुरुष, पहड़िया निवासी 63 वर्षीय महिला, कैंसर अस्पताल में भर्ती बरियारपुर निवासी 61 वर्षीय पुरुष की मौत हुई है।
इस बीच रविवार को 28 लोग होम आइसोलेशन में स्वस्थ हुए और तीन लोगों को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। इधर, मरीजों की कम संख्या व नियमों की सख्ती के चलते अब निजी हास्पिटल संचालक स्वयं ही सीएमओ कार्यालय में आवेदन देकर कोविड अस्पताल की अनुमति समाप्त करने की मांग कर रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को जिलाधिकारी ने दो निजी कोविड अस्पताल की मान्यता को सशर्त समाप्त कर दिया है।
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टीकाकरण के लिए मिनटों में फुल हो गए स्लॉट
कोरोना टीकाकरण के लिए रविवार की सुबह 10 बजे बुकिंग के लिए खोले गए स्लॉट चंद मिनटों में ही फुल हो गए। किसी को मनचाहा सेंटर नहीं मिल सका तो किसी के सेंटर पर सर्वर डाउन होने से वैक्सीन बुक नहीं हो पाया। शहर भर में ऐसी समस्या देखने को मिली। इसे लेकर बरेका मजदूर संघ ने बैठक कर समस्या पर नाराजगी जाहिर की। बैठक में लोगाें ने बताया कि बरेका टीकाकरण केंद्र पर तय समय 10 बजे के बजाय बुकिंग देरी से खोला जा रहा है।