कोरोना से राहत: वाराणसी में छह नए मरीज मिले, पंडित राजन मिश्र अस्थायी कोविड अस्पताल हो गया खाली
बीते दो दिन से नये कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 10 से कम होने से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने राहत महसूस की है। बीएचयू स्थित पंडित राजन मिश्र अस्थायी अस्पताल अब खाली हो गया है। यहां भर्ती कोरोना संक्रमित सभी मरीजों को अब बीएचयू सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक (एसएसबी) में शिफ्ट करा दिया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
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वाराणसी में कोरोना के नए मामले पाए जाने की रफ्तार धीमी हो गई है। लगातार दूसरे दिन संक्रमण के नए मामलों की संख्या 10 से कम रही है। बृहस्पतिवार को केवल छह नए मरीज मिले हैं। वहीं, अस्पताल और होम आइसोलेशन में केवल 201 मरीजों का इलाज चल रहा है। इधर, बीएचयू स्थित पंडित राजन मिश्र अस्थायी अस्पताल अब खाली हो गया है। यहां भर्ती कोरोना संक्रमित सभी मरीजों को अब बीएचयू सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में शिफ्ट करा दिया गया है।
बीते दो दिन से कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या इकाई अंक में सीमित होने से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने राहत महसूस की है। बृहस्पतिवार को 4,996 सैंपलों की रिपोर्ट में नई बस्ती पांडेयपुर, चितईपुर, शीलनगर कॉलोनी, चौक में रहने वालों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। 13 मरीज होम आइसोलेशन में स्वस्थ हुए, आठ मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया।
अब कुल संक्रमितों का आंकड़ा 82,138 पहुंच गया है। इसमें से 81,166 डिस्चार्ज हो चुके हैं। 771 की मौत हो चुकी है। बृहस्पतिवार को 18 साल तक के 436 बच्चों की आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल लिए गए। पांच साल तक के 120, छह से बारह साल के 173 और 13 से 18 साल के 143 बच्चे शामिल हैं।
12 मरीजों का सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में चल रहा इलाज
बीएचयू स्थित पंडित राजन मिश्र अस्थायी अस्पताल अब खाली हो गया है। यहां भर्ती कोरोना संक्रमित सभी मरीजों को अब बीएचयू सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक (एसएसबी) में शिफ्ट करा दिया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। अब आईएमएस बीएचयू की ओर से सेवा दे रहे रेजिडेंट और पैरामेडिकल स्टाफ भी वापस आ जाएंगे।
एंफीथिएटर मैदान में बने 750 बेड वाले अस्पताल में 250 बेड पर आईसीयू में मरीजों को भर्ती कर 10 मई से इलाज किया जा रहा था। दो तीन दिन से यहां 12 मरीज ही बचे थे। अब मरीजों को सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में शिफ्ट कर दिया गया है।
इसमें बुधवार को सात मरीज आ चुके थे जबकि बाकी पांच को भी बृहस्पतिवार तक शिफ्ट करा दिया गया है। एमएस प्रो. केके गुप्ता ने बताया कि अस्थायी अस्पताल से आए मरीजों का इलाज चल रहा है और डॉक्टरों की टीम निगरानी कर रही है।
अब 50 निजी अस्पतालों में नहीं होगा कोरोना का इलाज
वाराणसी जिले के 50 निजी कोविड अस्पतालों में अब कोरोना मरीज नहीं भर्ती होंगे। ये सामान्य दिनों की तरह नॉन कोविड अस्पताल के रूप में संचालित होंगे। इन अस्पतालों में भर्ती कोरोना मरीजों को बीएचयू और दीनदयाल अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा। वहीं, बरेका अस्पताल में भी कोई मरीज न होने की वजह से नॉन कोविड सेवाएं शुरू हो गई हैं। इसके अलावा दीनदयाल अस्पताल और ईएसआई में भी पिछले एक सप्ताह से कोई मरीज नहीं है।
एक जुलाई से 300 केंद्रों पर लगेंगे टीके, ऑन द स्पॉट होगी बुकिंग
वाराणसी जिले में एक जुलाई से 300 केंद्रों पर टीकाकरण कराने के साथ ही गांवों में कलस्टर बनाकर लोगों को टीका लगाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। 12 साल तक के बच्चों के अभिभावकों के लिए भी केंद्र बढ़ाए जाएंगे। जिले में इस समय शहरी और ग्रामीण इलाकों में 145 केंद्र हैं, जहां औसतन 10 से 12 हजार टीकाकरण हर दिन हो रहा है। 16 जनवरी से शुरू टीकाकरण में अब तक 6.90 लाख लोगों का टीकाकरण हो चुका है।
45 साल वालों की तो केंद्र पर बुकिंग हो जा रही है, लेकिन 18 से 44 वालों को स्लॉट नहीं मिल पा रहा है। सीएमओ डा. वीबी सिंह ने बताया कि नई गाइडलाइन के अनुसार एक जुलाई से 300 केंद्र बनाकर टीकाकरण किया जाएगा। गांवों में कलस्टर बनाकर ऑन द स्पॉट बुकिंग के माध्यम से टीके लगाए जाएंगे।
इधर, बृहस्पतिवार को बारिश की वजह से टीका लगवाने वालों की संख्या घट गई और केवल 4,420 लोगों को टीका लगा। 18 से 44 साल के 3271 और 45 साल के ऊपर वाले 1149 शामिल है। ईएसआईसी हॉस्पिटल में विशेष बूथ पर दिव्यांगजनों और दी स्मॉल इंडस्ट्री एसोसिएशन के सहयोग से एमएसएमई सभागार में भी उद्यमियों, कर्मचारियों के परिवारीजनों का टीकाकरण शुरू हुआ।