{"_id":"65ad92531631d9e9dd04d369","slug":"rashtra-mandir-will-be-built-from-ram-mandir-only-indresh-kumar-varanasi-news-c-20-vns1013-489492-2024-01-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"राम मंदिर से ही होगा राष्ट्र मंदिर का निर्माण: इंद्रेश कुमार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राम मंदिर से ही होगा राष्ट्र मंदिर का निर्माण: इंद्रेश कुमार
विज्ञापन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार ने कहा कि राम मंदिर से राष्ट्र मंदिर का निर्माण होने वाला है। अब हर घर अयोध्या होगी। यह पहला उत्सव है जो संसार न हीं, पूरी सृष्टि मनाएगी।
रविवार को कमिश्नरी में धर्म संस्कृति संगम की ओर से राष्ट्र निर्माण में सभी धर्मों की उपादेयता विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी हुई। इसके बाद निवेदिता शिक्षा सदन की छात्राओं ने रामलीला नृत्य नाटिका का मंचन किया। मुख्य वक्ता इंद्रेश कुमार ने कहा कि काशी में रामराज्य की व्याख्या की शुरुआत होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि डीएनए के रूप में हमारी पहचान हिंदुस्तानी के रूप में है। मत और मार्ग अनेक हैं लेकिन सभी धर्मों की मंजिल एक है। मुख्य अतिथि बीएचयू के पूर्व कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि भारत केवल भूखंड ही नहीं दर्शन है। संपूर्ण सृष्टि परमात्मा का विग्रह है। सनातन धर्म का संबंध देश जाति संप्रदाय से नहीं सृष्टि से है। अध्यक्षता काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. एके त्यागी ने की। बीएचयू के प्रो. अशोक कुमार, प्राचार्य नंदिता, प्रो. रमेश चंद्र नेगी, प्रो. पृथ्वीश नाग, डॉ. भागीरथी प्रसाद, मुख्तार महतो ने अपने विचार रखे। संचालन प्रो. हरिप्रसाद अधिकारी ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार को कमिश्नरी में धर्म संस्कृति संगम की ओर से राष्ट्र निर्माण में सभी धर्मों की उपादेयता विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी हुई। इसके बाद निवेदिता शिक्षा सदन की छात्राओं ने रामलीला नृत्य नाटिका का मंचन किया। मुख्य वक्ता इंद्रेश कुमार ने कहा कि काशी में रामराज्य की व्याख्या की शुरुआत होनी चाहिए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि डीएनए के रूप में हमारी पहचान हिंदुस्तानी के रूप में है। मत और मार्ग अनेक हैं लेकिन सभी धर्मों की मंजिल एक है। मुख्य अतिथि बीएचयू के पूर्व कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि भारत केवल भूखंड ही नहीं दर्शन है। संपूर्ण सृष्टि परमात्मा का विग्रह है। सनातन धर्म का संबंध देश जाति संप्रदाय से नहीं सृष्टि से है। अध्यक्षता काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. एके त्यागी ने की। बीएचयू के प्रो. अशोक कुमार, प्राचार्य नंदिता, प्रो. रमेश चंद्र नेगी, प्रो. पृथ्वीश नाग, डॉ. भागीरथी प्रसाद, मुख्तार महतो ने अपने विचार रखे। संचालन प्रो. हरिप्रसाद अधिकारी ने किया।
विज्ञापन

सरायअकिल कस्बे में सुजीत कुमार की मौत के बाद रोते बिलखते परिजन। संवाद