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दस्तरख्वान की बदली रवायत, दूध, दही और पनीर हुए शामिल

Mon, 19 Apr 2021 01:22 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 19 Apr 2021 01:22 AM IST
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ramjan news in varanasi
कोरोना संक्रमण ने रहन-सहन के साथ ही खाने-पीने की आदतों को भी बदल दिया है। मुकद्दस रमजान के महीने में कोरोना संक्रमण ने दस्तरख्वान की रवायत भी बदल दी। मांसाहार की जगह दूध, दही और पनीर ने ले ली है तो बर्फ का इस्तेमाल भी पूरी तरह से बंद है।
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अर्दली बाजार के रहने वाले अमन ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण सहरी और इफ्तारी में बहुत परहेज किया जा रहा है। इफ्तारी के दौरान बर्फ का इस्तेमाल पूरी तरह बंद है और घड़े के पानी का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं रसोई में अब मांसाहार की जगह दूध, दही और पनीर ने ले ली है। अधिकांश घरों में इसका ही उपयोग किया जा रहा है। सिगरा के रहने वाले मो. जावेद ने बताया कि घर के सभी सदस्य रोजे के साथ ही खानपान में भी सावधानियां बरत रहे हैं। नियमित रूप से भाप लेने के साथ ही इफ्तारी में फलों का सेवन बढ़ गया है। विटामिन सी के स्त्रोत वाले फल संतरा, कीवी, आलू बुखारा और मोसम्मी का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके साथ ही खान-पान में तेल का इस्तेमाल भी कम हो गया है।
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हुआ है बदलाव
बर्फ का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं
सादे पानी में शर्बत बना रहे हैं
नियमित रूप से भाप ले रहे हैं
फलों का सेवन बढ़ गया है
तेल का कम इस्तेमाल करें
हरी सब्ज्यिों का इस्तेमाल बढ़ा
दूध, दही और पनीर का इस्तेमाल बढ़ा है
अंकुरित अनाज का सेवन बढ़ा है
प्रतिरक्षा तंत्र होता है मजबूत
बीएचयू के वैद्य सुशील दुबे ने बताया कि उपवास शरीर के लिए लाभदायक है। इससे शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करने में मदद मिलती है। उपवास में शरीर के चारों ओर कोशिकाओं में होने वाली सामान्य सूजन कम करने का गुण है। इस प्रक्रिया से प्रतिरोधी क्षमता बढ़ती है।
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क्षतिग्रस्त कोशिकाओं होती हैं रिसाइकिल
राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय प्रो. विनय मिश्र ने बताया कि उपवास करने से शरीर में पोषक तत्वों की कमी होती है और शरीर ऊर्जा संरक्षण मोड में चला जाता है। इससे शरीर के भीतर संचित ऊर्जा की खपत में होने वाली अनेक क्रियाएं बंद हो जाती हैं। इस दौरान शरीर पुरानी और क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को री-साइकल करता है। इससे नई प्रतिरोधक कोशिकाएं बनती हैं और प्रतिरोधी क्षमता में आश्चर्यजनक वृद्धि देखने को मिलती है।
कोरोना काल में यह करें
खानपान में विशेषतौर पर सतर्कता रखें।
प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए हल्दी और दालचीनी मिलाकर गुनगुना दूध पीएं।
भोजन में हरी मेथी का सेवन अवश्य करें।
बदलते मौसम में च्यवनप्राश के इस्तेमाल से लाभ होगा।
हरी पत्तेदार सब्जियों का प्रयोग अधिक करें।
सुबह शाम टहलने की आदत डालें।
कोरोना काल में यह न करें
एसी का इस्तेमाल बिल्कुल न करें।
इस मौसम में दही और खट्टी चीजों का प्रयोग न करें।
देर रात तक न जागें आठ घंटे की पूरी नींद लें
घर के सदस्य एक दूसरे को रुमाल और तौलिया इस्तेमाल न करें।
देर रात भोजन करने से बचें, क्योंकि पाचन क्रिया का दुरुस्त रहना जरूरी है।
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