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चांद की तस्दीक के बाद शुरू होगा इबादतों का महीना रमजान
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चांद के दीदार के साथ ही इबादतों के महीने रमजान की शुरूआत होगी। इस्लामी कैलेंडर का नौंवा महीना रमजान चांद की तस्दीक के बाद शुरू होगा। संभावना है कि अगर 12 अप्रैल को चांद नजर आया तो रोजा 13 से और 13 को चांद नजर आया तो रोजा 14 से शुरू होगा।
शिया जामा मस्जिद केप्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने बताया कि रमजान का महीना कभी 29 दिन का तो कभी 30 दिन का होता है। मस्जिद से लेकर घरों में रमजान की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। चांद की तस्दीक होने के बाद ही रोजे की शुरूआत होगी। जिस तरह से इबादत जरूरी है उसी तरह सबके लिए जान की हिफाजत भी जरूरी है। हमें इबादत भी करनी है और दूसरे लोगों के जान की हिफाजत भी। इस बार रमजान बेहद खास है क्योंकि 13 से चैत्र नवरात्र, वैसाखी और नवसंवत्सर की भी शुरूआत हो रही है।
हाथ-पैर धोकर ही जाएं घर से
कोरोना संक्रमण को देखते हुए शहर की मस्जिदों में लोगों से दरख्वास्त की जा रही है कि वह रमजान के दौरान मस्जिद में जाएं तो हाथ-पैर धो कर जाएं और घर से ही वजू बनाकर। इसकेसाथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए इबादत क रें। पिछले साल को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतें। घरों की आसपास की मस्जिदों में ही इफ्तार कर लें। तरावीह को दिए गए समय में जल्द से जल्द समाप्त करें।
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शिया जामा मस्जिद केप्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने बताया कि रमजान का महीना कभी 29 दिन का तो कभी 30 दिन का होता है। मस्जिद से लेकर घरों में रमजान की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। चांद की तस्दीक होने के बाद ही रोजे की शुरूआत होगी। जिस तरह से इबादत जरूरी है उसी तरह सबके लिए जान की हिफाजत भी जरूरी है। हमें इबादत भी करनी है और दूसरे लोगों के जान की हिफाजत भी। इस बार रमजान बेहद खास है क्योंकि 13 से चैत्र नवरात्र, वैसाखी और नवसंवत्सर की भी शुरूआत हो रही है।
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हाथ-पैर धोकर ही जाएं घर से
कोरोना संक्रमण को देखते हुए शहर की मस्जिदों में लोगों से दरख्वास्त की जा रही है कि वह रमजान के दौरान मस्जिद में जाएं तो हाथ-पैर धो कर जाएं और घर से ही वजू बनाकर। इसकेसाथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए इबादत क रें। पिछले साल को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतें। घरों की आसपास की मस्जिदों में ही इफ्तार कर लें। तरावीह को दिए गए समय में जल्द से जल्द समाप्त करें।
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