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Varanasi: मालवीय जी के राम मंदिर में विराजे रामलला, सजी रामदरबार की झांकी; देखने को उमड़ी भीड़
Tue, 26 Dec 2023 04:51 PM IST
प्रगति चंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: प्रगति चंद
Updated Tue, 26 Dec 2023 04:51 PM IST
सार
मालवीय भवन में लगी पुष्प प्रदर्शनी में गुलदावदी, गुलाब, लीलियम, जलबेरा, ग्लैडियोलस, रजनीगंधा सहित कई फूलों की अलग अलग वैराइटी शामिल है। फल व सब्जियों, औषधीय पौधे, जैविक फलदार पौधे, जैविक शाकभाजी के साथ ही विभिन्न पुष्पों से सुसज्जित रंगोली भी सजाई गई है।
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मालवीय भवन में आयोजित पुष्प प्रदर्शनी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
महामना की बगिया में रंग-बिरंगे फूलों से रामदरबार की झांकी सजाई गई। बीएचयू के संस्थापक महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती पर मालवीय भवन में आयोजित तीन दिवसीय पुष्प प्रदर्शनी में राममंदिर की आकृति आकर्षण का केंद्र बनी रही। पुष्प प्रदर्शनी में फूलों की अलग-अलग वैरायटी को देखने के लिए यहां हजारों की भीड़ जुटी रही। देर शाम तक परिवार संग लोग मालवीय भवन में आते जाते रहे।
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मालवीय भवन में लगी पुष्प प्रदर्शनी के स्वागत द्वार पर ही राममंदिर की आकृति बनाई गइ है। रंग बिरंगे फूलों से बनी मंदिर की आकृति के ऊपर ध्वज भी सजा था। प्रदर्शनी का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार शुक्ल ने किया। उन्होंने प्रदर्शनी के सचिव डॉ. आनंद कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारियों के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन किया। राममंदिर जैसा गेट बनाने के प्रयासों की सराहना भी की। प्रदर्शनी में कुल 638 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनी 27 दिसंबर की शाम 6 बजे तक खुली रहेगी।
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कटे फूलों, रंगीन पत्तियों से बनाई आकर्षक डिजाइन
प्रदर्शनी में गुलदावदी, गुलाब, लीलियम, जलबेरा, ग्लैडियोलस, रजनीगंधा सहित कई फूलों की अलग अलग वैराइटी शामिल है। फल व सब्जियों, औषधीय पौधे, जैविक फलदार पौधे, जैविक शाकभाजी के साथ ही विभिन्न पुष्पों से सुसज्जित रंगोली भी सजाई गई है। मालवीय प्रदर्शनी में चावल के दाने से महामना की आकृति बनाई गई है। इसके अलावा हरी पत्तियों के संग्रह, मालवीय जी पर आधारित वास्तुकला के नमूने, मानव पक्षी एवं जल प्रपात आदि आकर्षण के केंद्र रहे। प्रदर्शनी में विश्वविद्यालय के अलावा 39 जीटीसी छावनी परिषद, उप-निदेशक उद्यान, बनारस रेल इंजन कारखाना, केंद्रीय कारागार, पूर्वोत्तर रेलवे, जिला कारागार आदि ने हिस्सा लिया है।
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चर्चा में रहे ये फूल
मालवीय भवन में आयोजित पुष्प प्रदर्शनी।
- फोटो : अमर उजाला
किंग ऑफ द शो - हाट साट गुलाबी, क्वीन ऑफ द शो- टाॅप जुमेलिया, प्रिंस ऑफ द शो- टॉप पीच सीक्रेट, प्रिंसेस ऑफ द शो - अम्बे रोजिया
मालवीय दीपावली में छात्रों ने जलाए दीप
मालवीय भवन में मंगलवार की शाम को मालवीय दीपावली भी बनाई गई। इसमें राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक प्रो.आरएन मीना के नेतृत्व में स्वयंसेवकों, छात्रों सहित अन्य लोगों ने 15 हजार दीप जलाए तो पूरा मालवीय भवन दीपों से जगमग हो उठा।
शिक्षकों, छात्रों ने दी महामना को श्रद्धांजलि
बीएचयू छात्रसंघ भवन समेत अलग-अलग जगहों पर आयोजित कार्यक्रम में पूर्व और वर्तमान छात्रों ने महामना को श्रद्धांजलि दी। छात्रसंघ भवन में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यमंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु और मुख्य वक्ता नागरी प्रचारिणी सभा के प्रधानमंत्री व्योमेश शुक्ल ने कहा कि महामना के सपनों को साकार करना सभी की जिम्मेदारी है। उनके बताए मार्ग पर चलकर राष्ट्रनिर्माण में सहयोग देना कर्तव्य है। छात्रनेता मृत्युंजय तिवारी आजाद के देखरेख में आयोजित कार्यक्रम में राजर्षि गांगेय हंस, बीएचयू के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. अरविंद शुक्ला और डॉ. रजनीश सिंह समेत अन्य लोगों ने श्रद्धांजलि दी। प्रो. हरिहर नाथ त्रिपाठी फाउंडेशन और काशी बौद्धिक मंच के संयुक्त तत्वावधान में सिंह द्वार स्थित मालवीय प्रतिमा पर नमन कर पुष्पांजलि अर्पित की गई।
मालवीय दीपावली में छात्रों ने जलाए दीप
मालवीय भवन में मंगलवार की शाम को मालवीय दीपावली भी बनाई गई। इसमें राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक प्रो.आरएन मीना के नेतृत्व में स्वयंसेवकों, छात्रों सहित अन्य लोगों ने 15 हजार दीप जलाए तो पूरा मालवीय भवन दीपों से जगमग हो उठा।
शिक्षकों, छात्रों ने दी महामना को श्रद्धांजलि
बीएचयू छात्रसंघ भवन समेत अलग-अलग जगहों पर आयोजित कार्यक्रम में पूर्व और वर्तमान छात्रों ने महामना को श्रद्धांजलि दी। छात्रसंघ भवन में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यमंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु और मुख्य वक्ता नागरी प्रचारिणी सभा के प्रधानमंत्री व्योमेश शुक्ल ने कहा कि महामना के सपनों को साकार करना सभी की जिम्मेदारी है। उनके बताए मार्ग पर चलकर राष्ट्रनिर्माण में सहयोग देना कर्तव्य है। छात्रनेता मृत्युंजय तिवारी आजाद के देखरेख में आयोजित कार्यक्रम में राजर्षि गांगेय हंस, बीएचयू के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. अरविंद शुक्ला और डॉ. रजनीश सिंह समेत अन्य लोगों ने श्रद्धांजलि दी। प्रो. हरिहर नाथ त्रिपाठी फाउंडेशन और काशी बौद्धिक मंच के संयुक्त तत्वावधान में सिंह द्वार स्थित मालवीय प्रतिमा पर नमन कर पुष्पांजलि अर्पित की गई।
महामना जयंती पर सम्मानित हुईं विभूतियां, कैनवास पर उकेरी आकृति
मालवीय भवन में आयोजित पुष्प प्रदर्शनी।
- फोटो : अमर उजाला
महामना जयंती पर आश्रय सेवा संस्था की ओर से अस्सी घाट स्थित सुबह-ए-बनारस मंच पर आयोजित कार्यक्रम में समाज में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 61 विशिष्ट विभूतियों को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के सहकारिता मंत्री डॉ. जेपीएस राठौर ने सभी को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रो. हरिशंकर शुक्ला, डॉ. राजेश्वर आचार्य, प्रो. सरोज चूड़ामणि गोपाल आदि मौजूद रहीं। उधर, मां गंगा सेवा समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में युवा कलाकारों ने गंगा आरती के अद्भुत चित्रण कला का प्रदर्शन किया। अस्सी घाट पर गंगा आरती मालवीय को समर्पित रही। बीएचयू के मधुबन पार्क में फाइन आर्ट स्टडी सोसाइटी की ओर से 30 बाई 20 फीट की रंगोली में मालवीय जी की आकृति उकेरी गई।