# Lock down में बेजुबानों, बेसहारा की सेवा कर रहे टैक्सी ड्राइवर रामवतार मिश्र
कोरोना वायरस के विश्वव्यापी संकट में इंसानों के साथ-साथ सड़क बेजुबान जानवरों के सामने भी भोजन का संकट खड़ा हो गया है। इस मुश्किल समय में कुछ गैरसरकारी संस्थाओं की तरफ से पशुओं के लिए चारे आदि का प्रबंध किया जा रहा है, लेकिन मुंबई में भूखे जानवरों का एक सहारा टैक्सी चालक राम अवतार भी हैं जो संकट की इस घड़ी में सुबह और शाम उन जानवरों को खाना खिला रहे हैं, जो बेसहारा हैं।
मुंबई के पश्चिमी उपनगर अंधेरी के साकीनाका इलाके में रहने वाले रामवतार मिश्र मुंबई में टैक्सी चलाते हैं। वह मूलत: उत्तर प्रदेश के भदोही जिले की ज्ञानपुर तहसील स्थित काधिया गांव के निवासी हैं। अपने इस कार्य के बारे में राम अवतार बताते हैं कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए प्रभावी लॉक डाउन में जब इंसानों को भी भोजन के लाले पड़ रहे हैं, तो ऐसे में इन बेजुबान जानवरों के लिए भी हमारी उतनी ही जिम्मेदारी बनती है, जितनी की खुद अपने लिए।
लॉक डाउन जैसी विषम परिस्थिति है, इसलिए जानवर भी भूखे रह रहे हैं। मैं रोजाना करीब 50 कुत्तों को बिस्कुट इत्यादि खिलाता हूं। इस समय सुबह और शाम कुत्तों और अन्य जानवरों को खिलाने में करीब 500 रुपये खर्च कर रहे हूं। वह कहते है कि पहले आम दिनों में 150 से 200 रुपए में काम हो जाता था लेकिन इस समय ज्यादा खर्चा हो रहा है। वह पिछले 6-7 सालों से बेसहारा कुत्ते और बिल्लियों को खाना खिला रहे हैं।