UP: राजभवन ने तलब किया विश्वविद्यालयों से संबद्ध कॉलेजों का ब्योरा, बिंदुवार समीक्षा; शिक्षा में सुधार की बात
Varanasi News: आनंदीबेन पटेल अप्रैल अंत में प्रदेश के कॉलेजों की समीक्षा करेंगी। राजभवन लखनऊ में प्रस्तुतीकरण होगा। कॉलेजों को शैक्षणिक, प्रशासनिक, स्टाफ, इंफ्रास्ट्रक्चर व उपलब्धियों का पूरा विवरण जियो टैग्ड प्रमाणों सहित देना होगा। गुणवत्ता सुधार व पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से समीक्षा के बाद कार्रवाई संभव है।
विस्तार
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल अप्रैल के अंतिम सप्ताह में प्रदेश के कॉलेजों की समीक्षा करेंगी। इसके लिए राजभवन की ओर से सभी संबंधित संस्थानों को निर्धारित प्रारूप में पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन तैयार करने को कहा गया है। राजभवन की ओर से उच्च शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता और पारदर्शिता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह समीक्षा की जाएगी। समीक्षा के बाद कुछ कॉलेजों पर कार्रवाई भी हो सकती है।
राजभवन से जारी पत्र के अनुसार, यह प्रेजेंटेशन राज्यपाल एवं कुलाधिपति की अध्यक्षता में जन भवन लखनऊ में आयोजित बैठकों में किया जाएगा। विभिन्न विश्वविद्यालयों के लिए अलग-अलग तिथियां तय की गई हैं, इनमें कुलपति और संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्य निर्धारित समय पर उपस्थित रहेंगे।
इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य महाविद्यालयों की शैक्षणिक, प्रशासनिक और भौतिक स्थिति का समग्र आकलन करना है, ताकि गुणवत्ता सुधार, संसाधनों के बेहतर उपयोग और उच्च शिक्षा में प्रतिस्पर्धा को बढ़ाया जा सके।
शैक्षणिक आयोजनों की जानकारी भी मांगी
प्रस्तुतीकरण में संस्थान का संक्षिप्त परिचय, संचालित पाठ्यक्रमों की जानकारी, शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के स्वीकृत व रिक्त पदों का विवरण शामिल करना होगा। साथ ही छात्र नामांकन की स्थिति, उपलब्ध इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे कक्षाएं, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल सुविधाएं और छात्रावास आदि का पूरा ब्यौरा देना अनिवार्य किया गया है। यही नहीं छात्र एवं शिक्षकों की उपलब्धियों, शोध कार्य, प्रकाशन, पेटेंट, सांस्कृतिक गतिविधियों, सेमिनार, कार्यशालाओं और अन्य शैक्षणिक आयोजनों की जानकारी भी साक्ष्यों सहित प्रस्तुत करने को कहा गया है।
प्रेजेंटेशन में महाविद्यालयों की रैंकिंग, वित्तीय प्रगति, सामाजिक गतिविधियां, एनएसएस/एनसीसी तथा अन्य प्रमुख उपलब्धियों को भी शामिल होगा। निर्देशों में यह भी स्पष्ट है कि सभी जानकारियों के समर्थन में जियो टैग्ड फोटो और कैप्शन सहित प्रमाण प्रस्तुत किए जाएं, इससे प्रस्तुतिकरण की प्रामाणिकता सुनिश्चित हो सके। पत्र में कहा गया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही के लिए संबंधित प्राचार्य स्वयं जिम्मेदार होंगे।