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रोड नहीं तो वोट नहीं... का नारा बुलंद किया
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ग्राम पंचायत रमचंदीपुर के गंगापुर धराधर निषाद बस्ती के लोगों ने रविवार को रोड नहीं तो वोट नहीं लिखा बैनर लेकर प्रदर्शन किया। ढाब इलाके में बसा यह गांव हर वर्ष बाढ़ का दंश झेलने को विवश है। ग्रामीणों के अनुसार, अब तक बस्ती के बीस सेे अधिक लोग बेघर हो चुके हैं। इनके आने जाने के लिए कोई सार्वजनिक मार्ग अभी तक नहीं बन पाया है। खेतों की मेड़ों से होकर बस्ती से बाहर निकलना इनकी मजबूरी है।
निषाद बस्ती के दक्षिण व पश्चिमी की तरफ छितौनी ग्राम पंचायत के किसानों की और उत्तर की ओर धराधर (देवरिया) के किसानों की जमीन है। ग्रामीणों का कहना है कि फसल नुकसान होने के कारण किसान आने जाने से मना करते हैं। पूर्व प्रधान श्यामू निषाद का कहना है कि जनप्रतिनिधियों से कई बार मार्ग के लिए गुहार लगा चुके हैं, लेकिन किसी ने समाधान नहीं किया। गांव की कलावती, ज्ञानी देवी व अन्य महिलाओं का कहना है कि प्रसव के लिए महिलाओं को चारपाई से मुख्य मार्ग तक पहुंचाया जाता है। द्वारपूजा के समय दूल्हा कंधे पर लाना पड़ता है। रास्ता नहीं होने से लड़कों के विवाह में अड़चन आ रही है।
इस बारे में मुख्य राजस्व अधिकारी से बात की गई तो उनका कहना था विभाग मेरे चार्ज में है, लेकिन मैं न्यायिक कार्य देखता हूं। वहीं इस बारे में सर्किल लेखपाल ओमप्रकाश ने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
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गंगापुर बस्ती में निषाद समाज की 2500 की आबादी है। चुनाव के समय नेता आश्वासन देते हैं। जीतने के बाद कोई नहीं पूछता। सभी ने मिलकर निर्णय लिया है कि कोई ठोस पहल होने के बाद ही वोट देंगे। नहीं नहीं तो वोट का बहिष्कार करेंगे। - रामसरोज निषाद, ग्राम प्रधान पति
मताधिकार का प्रयोग करके ही समस्या का समाधान कराया जा सकता है। ग्रामीणों से बातचीत के लिए सोमवार को टीम भेजी जाएगी। मतदान में गांव की भागीदारी कराई जाएगी। -कौशल राज शर्मा, जिलाधिकारी
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निषाद बस्ती के दक्षिण व पश्चिमी की तरफ छितौनी ग्राम पंचायत के किसानों की और उत्तर की ओर धराधर (देवरिया) के किसानों की जमीन है। ग्रामीणों का कहना है कि फसल नुकसान होने के कारण किसान आने जाने से मना करते हैं। पूर्व प्रधान श्यामू निषाद का कहना है कि जनप्रतिनिधियों से कई बार मार्ग के लिए गुहार लगा चुके हैं, लेकिन किसी ने समाधान नहीं किया। गांव की कलावती, ज्ञानी देवी व अन्य महिलाओं का कहना है कि प्रसव के लिए महिलाओं को चारपाई से मुख्य मार्ग तक पहुंचाया जाता है। द्वारपूजा के समय दूल्हा कंधे पर लाना पड़ता है। रास्ता नहीं होने से लड़कों के विवाह में अड़चन आ रही है।
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इस बारे में मुख्य राजस्व अधिकारी से बात की गई तो उनका कहना था विभाग मेरे चार्ज में है, लेकिन मैं न्यायिक कार्य देखता हूं। वहीं इस बारे में सर्किल लेखपाल ओमप्रकाश ने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
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गंगापुर बस्ती में निषाद समाज की 2500 की आबादी है। चुनाव के समय नेता आश्वासन देते हैं। जीतने के बाद कोई नहीं पूछता। सभी ने मिलकर निर्णय लिया है कि कोई ठोस पहल होने के बाद ही वोट देंगे। नहीं नहीं तो वोट का बहिष्कार करेंगे। - रामसरोज निषाद, ग्राम प्रधान पति
मताधिकार का प्रयोग करके ही समस्या का समाधान कराया जा सकता है। ग्रामीणों से बातचीत के लिए सोमवार को टीम भेजी जाएगी। मतदान में गांव की भागीदारी कराई जाएगी। -कौशल राज शर्मा, जिलाधिकारी