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भोर से रात तक बारिश: अचानक 8 डिग्री पारा गिरा, यूपी में सबसे ठंडी काशी; निकलने लगे रजाई-गद्दे और गर्म कपड़े

Fri, 30 Oct 2026 05:46 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Fri, 30 Oct 2026 05:46 AM IST
सार

भोर से रात तक हुई बारिश से वाराणसी में अचानक पारा आठ डिग्री गिर गया। अक्तूबर में 33 डिग्री रहने वाला अधिकतम औसत तापमान घटकर 24.5 डिग्री पर पहुंच गया। बुधवार को अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री था। मौसम में आए बदलाव के बाद काशी प्रदेश में सबसे ठंडी रही। बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली।

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Rain dawn night Mercury drops 8 degrees Kashi becomes coldest place in UP quilts mattresses warm clothing
बारिश के बीच बच्चों को छाते का सहारा देकर जाती महिला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अर्णब तूफान के असर से काशी में भोर के साढ़े चार बजे से पूरी रात बारिश नहीं रुकी। बेमौसम बारिश ने अक्तूबर में ही जाड़े का अहसास करा दिया। एक ही दिन में पारा साढ़े आठ डिग्री लुढ़क गया। अधिकतम तापमान सामान्य से 7.2 डिग्री नीचे आकर सिर्फ 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 

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बुधवार को पारा 32.8 डिग्री था। तापमान के इस गिरावट के चलते बृहस्पतिवार को वाराणसी प्रदेश का सबसे ठंडा जिला बन गया। दिन और रात के बीच तापमान में सिर्फ तीन डिग्री का ही फर्क रहा। पूरे दिन काशी में धीमे-धीमे सिर्फ दो मिमी ही बारिश हुई, लेकिन पहली बार अक्तूबर की दोपहर में कंपकंपी छूट गई। 
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पूरे दिन बादल भी छाये रहे। हवा 25 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बही। इस बारिश ने लोगों की ठंड बढ़ाने के साथ ही सड़कों पर कीचड़ भी खूब कराई। घाटों पर फिसलन से कई लोगों को आने-जाने में दिक्कत हुई। अक्तूबर का न्यूनतम तापमान 20.7 डिग्री और अधिकतम औसत तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहा है। औसत बारिश यानी कि अक्तूबर में 30.3 मिमी तक बारिश हो जाती है।

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काशी के आसपास बारिश का ऑरेंज अलर्ट
वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि अर्णब का असर शुक्रवार से कम हो जाएगा। अब मौसम वापस अपने पूर्व अवस्था में लौट आएगा। हालांकि इस बीच सिहरन बढ़ने से ठंड लगने लगी है। काशी के अलावा आसपास के जिलों में शुक्रवार को भी आंधी, बिजली चमकने और बादल गरजने के साथ बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसका थोड़ा बहुत असर काशी में भी दिख सकता है।

लेट गईं धान की खड़ी फसलें
रोहनिया, राजातालाब, चोलापुर, बाबतपुर, बड़ागांव, चिरईगांव, मिर्जामुराद, सेवापुरी सहित कई इलाकों के खेतों में पक चुकी धान की फसलें बारिश से गीली हो गईं। वहीं तेज हवा से लोट भी गईं। इससे काशी के किसानों की चिंता काफी बढ़ गई है। रोहनिया में दरेखू के किसानों ने कहा कि इनकी पकी फसल बर्बाद हो जाएगी। सिंधौरा के किसानों ने कहा कि अभी 50 फीसदी ही कटाई हो पाई है और मड़ाई का काम बहुत कम हुआ है।

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