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यहां लंबे समय से चल रही थी रेल टिकटों की कालाबाजारी, इस सॉफ्टवेयर की लेते थे मदद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 08 Jun 2018 11:55 AM IST
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पूर्वांचल के कई जिलों में भेजे जाते थे कंफर्म टिकट, 209 टिकट बरामद
- फोटो : अमर उजाला
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रेल टिकटों की कालाबाजारी के खिलाफ आरपीएफ की सीआईबी टीम को बड़ी सफलता मिली है। आजमगढ़ के लालगंज स्थित शालिमार ट्रैवेल पर बुधवार की रात छापेमारी की कार्रवाई हुई। इसमें चार लाख 42 हजार 76 रुपये के 209 रेल टिकट बरामद किए गए।
टीम ने एक अंतरजनपदीय रैकेट का पर्दाफाश किया। कार्रवाई के दौरान चार लैपटॉप के साथ वहां काम कर रहे 22 वर्षीय दिलशाद अहमद को गिरफ्तार किया गया। हालांकि मुख्य आरोपी दुकान मालिक अबरार अहमद अभी हाथ नहीं आया है।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई के दौरान मौके से गलत आईडी से तैयार 183 प्रयोग हुए रेल टिकट और 26 नए टिकट बरामद किए गए। इसके अलावा कैश 52818 रुपये भी बरामद हुआ।
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दुकान से सात पासपोर्ट, इतने ही मोबाइल, 21 एटीएम, यूनियन बैंक की दो चेक बुक, दो डोंगल आदि मिला है। ट्रैवेल एजेंसी से पूर्वांचल के विभिन्न जिलों को कंफर्म टिकट भेजे जाते थे। सीआईबी इंस्पेक्टर अनिरुद्ध राय ने बताया कि यह अभी तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है।
जांच चल रही है। इतनी मात्रा में मिले टिकट यह साबित करते हैं कि कई जिलों से इसके तार जुड़े हैं। रेड चिली सॉफ्टवेयर भी मिला है। इसका प्रयोग होता था या नही जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
इंस्पेक्टर सीआईबी आरपीएफ के अलावा इंस्पेक्टर औड़िहार आरपीएफ एनके मीना, अरविंद यादव, संतोष कुमार राय, विजय प्रताप सिंह, श्रीराम मिश्रा आदि टीम में शामिल रहे।
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टीम ने एक अंतरजनपदीय रैकेट का पर्दाफाश किया। कार्रवाई के दौरान चार लैपटॉप के साथ वहां काम कर रहे 22 वर्षीय दिलशाद अहमद को गिरफ्तार किया गया। हालांकि मुख्य आरोपी दुकान मालिक अबरार अहमद अभी हाथ नहीं आया है।
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मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई के दौरान मौके से गलत आईडी से तैयार 183 प्रयोग हुए रेल टिकट और 26 नए टिकट बरामद किए गए। इसके अलावा कैश 52818 रुपये भी बरामद हुआ।
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दुकान से सात पासपोर्ट, इतने ही मोबाइल, 21 एटीएम, यूनियन बैंक की दो चेक बुक, दो डोंगल आदि मिला है। ट्रैवेल एजेंसी से पूर्वांचल के विभिन्न जिलों को कंफर्म टिकट भेजे जाते थे। सीआईबी इंस्पेक्टर अनिरुद्ध राय ने बताया कि यह अभी तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है।
जांच चल रही है। इतनी मात्रा में मिले टिकट यह साबित करते हैं कि कई जिलों से इसके तार जुड़े हैं। रेड चिली सॉफ्टवेयर भी मिला है। इसका प्रयोग होता था या नही जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
इंस्पेक्टर सीआईबी आरपीएफ के अलावा इंस्पेक्टर औड़िहार आरपीएफ एनके मीना, अरविंद यादव, संतोष कुमार राय, विजय प्रताप सिंह, श्रीराम मिश्रा आदि टीम में शामिल रहे।
ऐसे करते थे तत्काल टिकट बुक
मौके से बरामद लैपटॉप में चिली सॉफ्टवेयर डाउनलोड है। तत्काल का समय शुरू होने से पहले लैपटॉप पर सारा जरूरी डिटेल भर लिया जाता था। जैसे ही तत्काल खुले रेड चिली सॉफ्टवेयर अपना काम शुरू कर देता, जहां सरवर हैंग रहता तो वहीं इधर तत्काल टिकट तैयार कर लिए जाते।
पिछली घटनाओं से भी जुड़ सकते हैं तार
आरपीएफ की सीआईबी टीम पिछली घटनाओं से तार जुड़े होने की संभावनाओं से इंकार नहीं कर रही है। इससे पहले आजमगढ़ के ही मेहनाजपुर में 4 लाख 11 हजार के रेल टिकट मिले थे।
उसके बाद बनारस के सिधौरा में भी छापेमारी कर अवैध टिकट बरामद हुए थे। दोनों जगह रेड चिली साफ्टेवयर का इस्तेमाल हो रहा था। शालिमार ट्रैवेल का इन एजेंसियों के साथ कोई संपर्क रहा है या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
पिछली घटनाओं से भी जुड़ सकते हैं तार
आरपीएफ की सीआईबी टीम पिछली घटनाओं से तार जुड़े होने की संभावनाओं से इंकार नहीं कर रही है। इससे पहले आजमगढ़ के ही मेहनाजपुर में 4 लाख 11 हजार के रेल टिकट मिले थे।
उसके बाद बनारस के सिधौरा में भी छापेमारी कर अवैध टिकट बरामद हुए थे। दोनों जगह रेड चिली साफ्टेवयर का इस्तेमाल हो रहा था। शालिमार ट्रैवेल का इन एजेंसियों के साथ कोई संपर्क रहा है या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।