फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Raids at 26 locations in Varanasi over three days 523 kg of adulterated sweets worth ₹1.17 lakh destroyed

वाराणसी में मिलावट पर बड़ी कार्रवाई: तीन दिन में 26 जगहों पर छापा, 1.17 लाख की 523 किलो मिलावटी मिठाई नष्ट

Thu, 27 Aug 2026 03:53 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Thu, 27 Aug 2026 03:53 PM IST
सार

वाराणसी में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खेल का पर्दाफाश किया गया। प्रवर्तन दल ने मर्वइया, सारनाथ, खालिसपुर, बेलवा रोड पिंडरा और रोहनिया क्षेत्र में खान-पान की 13 दुकानों का निरीक्षण किया। नौ स्थानों पर छापा मारा। 

विज्ञापन
Raids at 26 locations in Varanasi over three days 523 kg of adulterated sweets worth ₹1.17 lakh destroyed
मिलावटी मिठाई नष्ट कराती टीम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी जिले में रक्षाबंधन और त्योहारों पर मिठाइयों, खोया समेत अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट का खेल चल रहा है। खाद्य विभाग ने तीन दिन में 26 जगहों पर छापा मारा। 523 किलो घटिया व मिलावटी खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई। इसकी कीमत 1.17 लाख रुपये बताई गई है। तीन दिनों में 36 दुकानों का निरीक्षण किया। 

विज्ञापन


बुधवार को प्रवर्तन दल ने मर्वइया, सारनाथ, खालिसपुर, बेलवा रोड पिंडरा और रोहनिया क्षेत्र में खान-पान की 13 दुकानों का निरीक्षण किया। नौ स्थानों पर छापा मारा। करौंदी में खाद्य कारोबारी हेमंत जायसवाल के दुकान में गंदगी से रखी 255 किग्रा रसभरी नष्ट कराई गई। 
विज्ञापन


मिठाई सड़ गई थी और दुर्गंध आ रही थी। इसकी कीमत 68,850 बताई गई। मिल्कीचक में वाहन से 58 किग्रा मिलावटी खोया और खालिसपुर के दुकान से 210 किग्रा बूंदी के लड्डू के नमूने लेकर नष्ट करवाया गया। दुकानदारों पर जुर्माना लगाया गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जिले भर में 12,000 कुंटल मिठाई की खपत होने का अनुमान है। खाद्य व्यापार मंडल के मुताबिक, जिले में मिठाई की छोटी-बड़ी कुल 2,200 दुकानें हैं। इन दुकानों पर खोया, छेना और रंग-बिरंगी मिठाइयों का स्टॉक तैयार किया जा रहा है।

20 सैंपल भेजे लैब, 30 दिन बाद आएगी रिपोर्ट
खाद्य विभाग ने तीन दिनों की कार्रवाई में गुणवत्ता जांच के लिए मलदहिया, भोजूबीर, विशेश्वरगंज, सिगरा, रोहनिया समेत कई क्षेत्रों से बूंदी लड्डू, खोया, पनीर, छेना, बर्फी और रसगुल्ले के 20 नमूने लखनऊ प्रयोगशाला भेजे हैं। सवाल यह है कि नमूनों की जांच रिपोर्ट आने में कम से कम एक महीने का समय लगेगा। तब तक त्योहार बीत चुका होगा और सैकड़ों कुंतल संदिग्ध मावा व मिलावटी मिठाइयां लोग खा चुके होंगे। 30 दिन बाद आने वाली रिपोर्ट का कोई औचित्य नहीं रह जाता।

ऐसे करें नकली मिठाई की पहचान
मावा/खोया :
मिठाई के एक छोटे टुकड़े को अंगूठे और उंगली के बीच रगड़ें। अगर यह शुद्ध है, तो इसमें से घी जैसी चिकनाई और खुशबू निकलेगी। मिलावटी मावा दानेदार होकर बिखर जाएगा या हाथों पर सूखा-सूखा लगेगा।
छेना/पनीर : रसगुल्ले या छेने की मिठाई को दबाएं। अगर वह रबड़ की तरह खिंचती है या स्पंज की जगह सख्त महसूस होती है, तो उसमें सिंथेटिक दूध या स्टार्च है।
असली दूध व घी की मिठाई मुंह में डालते ही घुलने लगती है। अगर मिठाई खाते समय तालू या दांतों में चिपचिपी लगे तो उसमें मैदा या आरारोट मिला है।
हल्का तीखापन, साबुन जैसा झागदार अहसास या कड़वाहट लगे, तो वह डिटर्जेंट/केमिकल युक्त सिंथेटिक दूध से बनी हो सकती है।

किसी प्रकार का मिलावटी पदार्थ मिलता है तो दुकानदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कई बार अत्यधिक संदिग्ध दिखने पर संबंधित दुकान को तत्काल सीज किया जाता है। -कौशलेंद्र शर्मा, सहायक आयुक्त, खाद्य विभाग

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed