पालने पर झूलीं राधारानी: मथुरा के जरीदार वस्त्रों, आभूषणों से हुआ शृंगार; काशी में 108 व्यंजनों का लगा भोग
वाराणसी में राधाष्टमी पर इस्कॉन और गोपाल मंदिर में राधारानी का विशेष शृंगार किया गया। मथुरा के जरीदार वस्त्रों और आभूषणों से सजी राधारानी को पालने पर झुलाया गया। दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। मंदिरों में संकीर्तन से माहौल भक्तिमय रहा। राधारानी को 108 व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन में जमकर सहभागिता की।
विस्तार
राधाष्टमी पर शनिवार को श्रीकृष्ण मंदिरों, मठों और आश्रमों में राधारानी की झांकियां सजाकर विधि-विधान से पूजन किया गया। भक्तों ने राधारानी का शृंगार कर उन्हें पालने में झुलाया और भोग अर्पित किया। मंदिरों में दिनभर भजन-कीर्तन और हरिनाम संकीर्तन से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
षष्ठपीठ गोपाल मंदिर में सुबह मुकुंद राय और गोपाललाल जी के मंगल दर्शन के बाद वैष्णवजनों ने विशेष पालना सजाकर स्वामिनी जी को झुलाया। इस दौरान हवेली कीर्तन हुआ। मंदिर के पीठाधीश्वर गोस्वामी श्याम मनोहर महाराज ने सपरिवार पालना झुलाकर दर्शन किए।
इस्कॉन मंदिर में अभिषेक और संकीर्तन
दुर्गाकुंड स्थित इस्कॉन मंदिर में राधाष्टमी महोत्सव के तहत अभिषेक, भोग, आरती, कीर्तन और प्रवचन हुए। राधारानी के दर्शन और हरिनाम संकीर्तन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रीराधा-कृष्ण का सुगंधित फूलों और विभिन्न द्रव्यों से अभिषेक किया गया। भक्तों ने पुष्प और भोग अर्पित किए।
मंदिर अध्यक्ष अच्युत मोहन दास ने कहा कि श्रीराधारानी भगवान श्रीकृष्ण की आनंददायिनी शक्ति और प्रेम-भक्ति का स्वरूप हैं। राधाष्टमी भक्तों के लिए राधारानी के चरणों में शरणागति और भक्ति की भावना को मजबूत करने का विशेष अवसर है। कार्यक्रम के बाद भक्तों में महाप्रसाद वितरित किया गया। पूजन में साक्षी मुरारी दास, रसिक गोविंद दास, रामकेशव दास, मुरारी गुप्त दास आदि मौजूद रहे।
108 व्यंजनों का लगाया भोग
हरे कृष्ण हरे राम संकीर्तन सोसाइटी की ओर से महमूरगंज स्थित माहेश्वरी भवन में तीन दिवसीय राधाष्टमी महोत्सव के दूसरे दिन श्रीराधा गोविंद देव के विग्रहों का विशेष शृंगार किया गया। हरिनाम संकीर्तन और महामंत्र जप के बीच दोपहर 12 बजे महाआरती के साथ प्राकट्योत्सव मनाया गया। पुजारी संजय प्रभु के शंखनाद और संकीर्तन से माहेश्वरी भवन का वातावरण ब्रजधाम जैसा हो गया। भजनों पर महिलाएं, युवतियां और पुरुष श्रद्धालु झूमते नजर आए।
शाम को हरिनाम संकीर्तन के बाद तुलसी देवी की आराधना हुई। श्रीराधा गोविंद देव, भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा के विग्रहों का भी शृंगार कर पूजन किया गया। श्री चैतन्य महाप्रभु और श्रीनृसिंह देव की वंदना के बाद विग्रहों को 108 व्यंजनों का भोग लगाया गया। इस दौरान नृत्यनाटिका में कृष्णा मिश्रा, रागिनी कुमारी और जाह्नवी गुप्ता ने प्रस्तुति दी। सोसाइटी के अध्यक्ष कृष्ण प्रसाद दास ने बताया कि महोत्सव के अंतिम दिन रविवार शाम पूजन-अर्चन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम और नृत्यनाटिका प्रतियोगिता होगी।
जरीदार वस्त्रों से हुआ शृंगार
राधाष्टमी पर पातालेश्वर क्षेत्र में श्रीराधा-कृष्ण की झांकी सजाई गई। मथुरा से मंगाए गए जरीदार वस्त्रों और आभूषणों से विग्रहों का शृंगार किया गया। मक्खन, मेवा, मिश्री, फल-फूल और मिष्ठान का भोग लगाया गया। महिलाओं ने राधारानी के जन्मोत्सव पर सोहर गीत गाकर उनका गुणगान किया। पूजन में गीतकार कन्हैया दुबे केडी, कार्तिक पटेल, कृष्णा पटेल, गणेश पटेल, यथार्थ और महेश पंकज सहित अन्य लोग शामिल रहे।