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पूर्वांचल को पर्यटन हब बनाने की तैयारी, वीकेंड पर मस्ती को तैयार होंगे कई क्षेत्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 29 Apr 2018 08:44 PM IST
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विकेंड पर गंगा में मस्ती
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति 2018 में पूर्वांचल को पर्यटन हब बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। इसमें यहां के प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों को आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और ईको टूरिज्म, तीन आधार पर विकसित करने की योजना है।
इतना ही नहीं, विभिन्न क्षेत्रों के हस्तशिल्प को पर्यटन से जोड़ने का खाका तैयार किया जाएगा। वहीं क्रूज, वाटर स्पोर्ट्स व पारंपरिक खेलों और खान-पान के माध्यम से देशी-विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने पर जोर दिया गया है।
वाराणसी के सारनाथ में वर्ल्ड बैंक की मदद से प्रो-पूअर प्रोजेक्ट में तेजी लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया गया है। पर्यटकों की सुविधा के लिए टूरिस्ट फेसिलिटेशन सेंटर गोरखपुर और वाराणसी में बनाया जाएगा।
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ईको टूरिज्म के लिए कैमर सैंक्चुअरी मिर्जापुर, सुरहा ताल सैंक्चुअरी बलिया को उत्तर प्रदेश वन विभाग के सहयोग से विकसित किया जाएगा। इसके अलावा बनारस और गोरखपुर में तीन स्तर पर पर्यटन को विकसित करने की तैयारी है।
वाराणसी में आध्यात्मिक पर्यटन के अंतर्गत सारनाथ, ज्वाला देवी शक्तिपीठ, विंध्याचल विंध्यवासिनी वहीं, ऐतिहासिक पर्यटन के लिए रामनगर किला, मिर्जापुर, चंदौली जिले में विजयगढ़ किला, अघोरी किला, सिंगरौली दुर्ग, भिटारी को पर्यटन सुविधाओं से युक्त किया जाएगा।
हेरिटेज टूरिज्म के तहत सारनाथ, काशी के घाट, विंध्य क्षेत्र को भी सुविधा युक्त करना है वहीं ईको पर्यटन के तहत चंद्रप्रभा वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी, सुरहा ताल वाइल्ड लाइफ सैंक्चुअरी, कैमूर, हथियानाला ईको प्वाइंट, राजदरी, देवदरी, चूनादरी, मुक्खादरी, सिरसी फॉल, रिहंद बांध, सोन व्यू प्वाइंट, सलखान फोसिल पार्क को विकसित किया जाना है।
वहीं, गोरखपुर में कुशीनगर, अयोध्या, बखीरा सैंक्चुअरी, सोहागी बारवा सैंक्चुअरी, सुहेलवा वाइल्ड लाइफ, पार्वती आरंगा वाइल्डलाइफ, वेट्सलैंड इन बलरामपुर को भी वीकेंड पर छुट्टियां मनाने वालों को केंद्र में रख कर तैयार किया जाएगा।
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इतना ही नहीं, विभिन्न क्षेत्रों के हस्तशिल्प को पर्यटन से जोड़ने का खाका तैयार किया जाएगा। वहीं क्रूज, वाटर स्पोर्ट्स व पारंपरिक खेलों और खान-पान के माध्यम से देशी-विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने पर जोर दिया गया है।
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वाराणसी के सारनाथ में वर्ल्ड बैंक की मदद से प्रो-पूअर प्रोजेक्ट में तेजी लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया गया है। पर्यटकों की सुविधा के लिए टूरिस्ट फेसिलिटेशन सेंटर गोरखपुर और वाराणसी में बनाया जाएगा।
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ईको टूरिज्म के लिए कैमर सैंक्चुअरी मिर्जापुर, सुरहा ताल सैंक्चुअरी बलिया को उत्तर प्रदेश वन विभाग के सहयोग से विकसित किया जाएगा। इसके अलावा बनारस और गोरखपुर में तीन स्तर पर पर्यटन को विकसित करने की तैयारी है।
वाराणसी में आध्यात्मिक पर्यटन के अंतर्गत सारनाथ, ज्वाला देवी शक्तिपीठ, विंध्याचल विंध्यवासिनी वहीं, ऐतिहासिक पर्यटन के लिए रामनगर किला, मिर्जापुर, चंदौली जिले में विजयगढ़ किला, अघोरी किला, सिंगरौली दुर्ग, भिटारी को पर्यटन सुविधाओं से युक्त किया जाएगा।
हेरिटेज टूरिज्म के तहत सारनाथ, काशी के घाट, विंध्य क्षेत्र को भी सुविधा युक्त करना है वहीं ईको पर्यटन के तहत चंद्रप्रभा वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी, सुरहा ताल वाइल्ड लाइफ सैंक्चुअरी, कैमूर, हथियानाला ईको प्वाइंट, राजदरी, देवदरी, चूनादरी, मुक्खादरी, सिरसी फॉल, रिहंद बांध, सोन व्यू प्वाइंट, सलखान फोसिल पार्क को विकसित किया जाना है।
वहीं, गोरखपुर में कुशीनगर, अयोध्या, बखीरा सैंक्चुअरी, सोहागी बारवा सैंक्चुअरी, सुहेलवा वाइल्ड लाइफ, पार्वती आरंगा वाइल्डलाइफ, वेट्सलैंड इन बलरामपुर को भी वीकेंड पर छुट्टियां मनाने वालों को केंद्र में रख कर तैयार किया जाएगा।
कानपुर से काशी के बीच क्रूज चलाने पर भी मंथ्ान
काशी में रामनगर, अस्सी से राजघाट तक पहले ही क्रूज चलाने को लेकर पर्यटन विभाग ने कार्य शुरू कर दिया है। अब कानपुर से वाराणसी के बीच क्रूज चलाने की फिजिबिलटी को लेकर सर्वे किया जाएगा।
कानपुर, श्रिंगवेरपुर, कौशांबी, इलाहाबाद, मिर्जापुर से वाराणसी के बीच क्रूज रूट बनेगा। इसके अलावा अस्सी घाट और राज घाट के बीच हाउस बोट्स, मोटर बोट्स और वाटर स्पोर्ट्स के विशेष पैकेज शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा रिहंद डैम, गोरखपुर के रामघाट ताल में वाटर स्पोर्ट्स कराने की तैयारी है।
हस्तकला, शिल्प की भव्यता भी दिखेगी
काशी लगायत पूर्वांचल के हस्तकला, शिल्प को पर्यटन से जोड़ने पर भी प्रमुखता से कार्य होगा। प्रमुख शिल्प को बनाने से लेकर उसके तैयार होने तक की कहानी, खास बात आदि सैलानियों को दिखाई जाएगी।
इसके लिए शिल्पग्राम और शिल्प बाजार लगाए जाएंगे। इससे शिल्पियों, कलाकारों को रोजगार भी मिलेगा। इसमें प्रमुख रूप से भदोही के कालीन, वाराणसी सिल्क, गोरखपुर का टेराकेाटा, निजामाबाद का ब्लैक पाटरी आदि शामिल है।
कानपुर, श्रिंगवेरपुर, कौशांबी, इलाहाबाद, मिर्जापुर से वाराणसी के बीच क्रूज रूट बनेगा। इसके अलावा अस्सी घाट और राज घाट के बीच हाउस बोट्स, मोटर बोट्स और वाटर स्पोर्ट्स के विशेष पैकेज शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा रिहंद डैम, गोरखपुर के रामघाट ताल में वाटर स्पोर्ट्स कराने की तैयारी है।
हस्तकला, शिल्प की भव्यता भी दिखेगी
काशी लगायत पूर्वांचल के हस्तकला, शिल्प को पर्यटन से जोड़ने पर भी प्रमुखता से कार्य होगा। प्रमुख शिल्प को बनाने से लेकर उसके तैयार होने तक की कहानी, खास बात आदि सैलानियों को दिखाई जाएगी।
इसके लिए शिल्पग्राम और शिल्प बाजार लगाए जाएंगे। इससे शिल्पियों, कलाकारों को रोजगार भी मिलेगा। इसमें प्रमुख रूप से भदोही के कालीन, वाराणसी सिल्क, गोरखपुर का टेराकेाटा, निजामाबाद का ब्लैक पाटरी आदि शामिल है।