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वाराणसी: बीएचयू में पीएचडी में दाखिले के नए नियमों का विरोध जारी, छात्रों ने छात्रों ने फूंका कुलपति का पुतला

Thu, 28 Sep 2023 09:33 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Thu, 28 Sep 2023 09:33 PM IST
सार

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में शोध प्रवेश परीक्षा के लिए जारी नियमावली के विरोध जारी है। गुरुवार को छात्रों ने कुलपति और परीक्षा नियंता का पुतला फूंका। चार दिन से परीक्षा नियंता कार्यालय पर छात्र धरना दे रहे हैं। 

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Protest continues against new rules for admission to PhD in BHU students burnt the effigy of Vice Chancellor
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में शोध प्रवेश परीक्षा के लिए जारी नियमावली के विरोध जारी है। गुरुवार को छात्रों ने कुलपति और परीक्षा नियंता का पुतला फूंका। चार दिन से परीक्षा नियंता कार्यालय पर छात्र धरना दे रहे हैं। बीते सोमवार से ही परीक्षा नियंता कार्यालय पर छात्र नियमावली पर सवाल उठाते हुए छात्र धरने पर हैं।

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उनका कहना है कि चार दिन बाद भी अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई ठोस फैसला नहीं दिया जा चुका है। प्रवेश आवेदन की व्यवस्था के बारे में भी नियमावली में गलत जानकारी दी गई है। चेतावनी दी कि जब तक मांगे मान ली नहीं जाएंगी, तब तक धरना जारी रहेगा।

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छात्रावास नियमावली में बदलाव चाहते हैं बीएचयू के छात्र

 बीएचयू में बिरला और ब्रोचा छात्रावास के बाद अब डॉक्टर भगवानदास छात्रावास के छात्रों ने भी छात्रावास आवंटन नियमावली पर सवाल खड़ा किया है। इसके विरोध में हॉस्टल के बाहर सड़क जाम कर विश्वविद्यालय प्रशासन से नई नियमावाली से आवंटन का फैसला वापस लेने की मांग की।

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हॉस्टल के बाहर धरने पर बैठे छात्रों ने बताया कि प्रशासन ने बिना पूर्व सूचना के छात्रावास आवंटन के लिए, प्रवेश परीक्षा के अंकों की जगह सेमेस्टर में आने वाली सीजीपीए को रखा है, जो कि उचित नहीं है। बार-बार रहने के स्थान बदलने से परेशानी होगी। कई बार आवाज उठाने के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। चेतावनी दी की जब तक मांगे नहीं मानी जाएंगी तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।

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