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बिलासपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति नहीं बन सकेंगे प्रो.सदानंद शाही
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sat, 22 Jul 2017 01:57 PM IST
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प्रो.सदानंद शाही
- फोटो : facebook
बीएचयू में हिंदी विभाग के प्रो. सदानंद शाही अब छत्तीसगढ़ के बिलासपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति नहीं बन पाएंगे। छत्तीसगढ़ राजभवन ने इस संबंध में 23 मई को जारी अपना आदेश निरस्त कर दिया।
प्रो. शाही के कुलपति बनाए जाने के बाद बीएचयू विधि विभाग के एक छात्र ने कुलाधिपति से शिकायत कर उनकी नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए इसे नियमों के विपरीत बताया था। मामले की राजभवन ने जांच कराई और अब 19 जुलाई को इसका आदेश भी जारी कर दिया गया।
बिलासपुर यूनिवर्सिटी के नए कुलपति के पद पर 23 मई को कुलाधिपति बलराम जी दास टंडन ने प्रो. शाही को जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके बाद 29 मई को विधि संकाय के छात्र सौरभ तिवारी ने कुलाधिपति को पत्र लिखकर नियुक्ति को अवैधानिक बताया था।
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छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत यूजीसी की ओर से जारी विज्ञापन में कुलपति के लिए दस साल की प्रोफेसरशिप या इसके समकक्ष शिक्षाविद से आवेदन मांगे गए थे। शिकायतकर्ता के अनुसार प्रोफेसर पद पर डॉ. शाही का कार्यकाल नौ साल छह माह है।
इसके बाद कुलपति ने 12 जून को तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दोनों पक्षों को सुना और कमेटी की रिपोर्ट के बाद आखिरकार 19 जुलाई को उनकी नियुक्ति रद्द करने का आदेश जारी हो गया।
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प्रो. शाही के कुलपति बनाए जाने के बाद बीएचयू विधि विभाग के एक छात्र ने कुलाधिपति से शिकायत कर उनकी नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए इसे नियमों के विपरीत बताया था। मामले की राजभवन ने जांच कराई और अब 19 जुलाई को इसका आदेश भी जारी कर दिया गया।
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बिलासपुर यूनिवर्सिटी के नए कुलपति के पद पर 23 मई को कुलाधिपति बलराम जी दास टंडन ने प्रो. शाही को जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके बाद 29 मई को विधि संकाय के छात्र सौरभ तिवारी ने कुलाधिपति को पत्र लिखकर नियुक्ति को अवैधानिक बताया था।
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छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत यूजीसी की ओर से जारी विज्ञापन में कुलपति के लिए दस साल की प्रोफेसरशिप या इसके समकक्ष शिक्षाविद से आवेदन मांगे गए थे। शिकायतकर्ता के अनुसार प्रोफेसर पद पर डॉ. शाही का कार्यकाल नौ साल छह माह है।
इसके बाद कुलपति ने 12 जून को तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दोनों पक्षों को सुना और कमेटी की रिपोर्ट के बाद आखिरकार 19 जुलाई को उनकी नियुक्ति रद्द करने का आदेश जारी हो गया।