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वाराणसी: प्रो. डीसी राय बोले- एआई कभी इंसान, पत्रकार या शिक्षक का स्थान नहीं ले सकता
Mon, 24 Aug 2026 02:43 PM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Mon, 24 Aug 2026 02:43 PM IST
सार
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और इंडिया हैबिटेट सेंटर के निदेशक प्रो. केजी सुरेश ने कहा कि एआई के साथ अपनी समझ और विवेक का संतुलन बनाने वाला पत्रकार ही भविष्य में बड़ा होगा।
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बीएचयू में एआई और पत्रकारिता पर आधारित तीन दिन की अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बीएचयू में एआई और पत्रकारिता पर आधारित तीन दिन की अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का रविवार को समापन हुआ। इस दौरान चार पूर्व और वर्तमान कुलपतियों का संबोधन हुआ। मुख्य वक्ता बिहार के डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि के कुलपति प्रो. डीसी राय ने कहा कि एआई कभी इंसान, पत्रकार या शिक्षक का स्थान नहीं ले सकता। उन्होंने शिक्षकों से छात्रों को केवल तकनीक का उपयोग सिखाने के बजाय स्वतंत्र और तार्किक चिंतन के लिए प्रेरित करने की बात कही।
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माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और इंडिया हैबिटेट सेंटर के निदेशक प्रो. केजी सुरेश ने कहा कि एआई के साथ अपनी समझ और विवेक का संतुलन बनाने वाला पत्रकार ही भविष्य में बड़ा होगा। डेटा आज के दौर का नया ईंधन बन चुका है। एआई के युग में सबसे बड़ा संकट विश्वसनीयता का है।
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एआई व्यवस्था में सुशासन ला सकता है संवेदना नहीं
कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने कहा कि एआई व्यवस्था में सुशासन तो ला सकता है, लेकिन इसमें संवेदनाओं की भारी कमी है। लद्दाख विवि के कुलपति प्रो. साकेत कुशवाहा ने कहा कि एआई अब केवल बड़े संस्थानों और तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है। श्वेता पवार ने ऑनलाइन सुरक्षा और साइबर खतरों पर चर्चा की। इस दौरान एक ई-बुक बनारस, अगेन का लोकार्पण किया गया। आयोजन सचिव डॉ. बाला लखेंद्र ने बताया कि संगोष्ठी में 230 शोध पत्रों की प्रस्तुतियां हुईं।
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