वाराणसी आएंगे नेपाल के प्रधानमंत्री: सुरक्षा व्यवस्था का पुलिस आयुक्त ने खींचा खाका, अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी
नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा तीन अप्रैल को वाराणसी आएंगे। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम और पशुपतिनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने नेपाल के प्रधानमंत्री की वाराणसी यात्रा के संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक की।
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नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा एक से तीन अप्रैल के भारत दौरे पर रहेंगे। दिल्ली में आधिकारिक मुलाकातों के अलावा शेर बहादुर देउबा तीन अप्रैल को वाराणसी भी आएंगे। एक दिनी दौरे में नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा श्रीकाशी विश्वनाथ धाम और ललिता घाट स्थित पशुपति नाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे।
नेपाल के प्रधानमंत्री के वाराणसी आगमन के मद्दनेजर पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बुधवार को पुलिस टीम के साथ बैठक कर सुरक्षा का खाका खींचा और सुरक्षा के उपायों के लिए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए। भीड़ प्रबंधन, निर्बाध यातायात, पार्किंग, बैरियर, रुट डायवर्जन, फ्लीट व्यवस्था, पुलिस व्यवस्थापन और ब्रीफिंग इत्यादि पर चर्चा हुई।
भारत- नेपाल संबंध होंगे और बेहतर
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बाबतपुर एयरपोर्ट पर नेपाल के प्रधानमंत्री का स्वागत करेंगे। नेपाल के प्रधानमंत्री के बनारस आगमन के संबंध में अभी कोई प्रोटोकॉल नहीं आया है, लेकिन तैयारी शुरू कर दी गई है। माना जा रहा है कि भारत नेपाल के बीच कुछ समय से चल रहे विवाद के बीच भारत नेपाल संबंध एक बार दोबारा पटरी पर आने की ओर है।
पिछले साल प्रधानमंत्री बने शेर बहादुर देउबा
नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा का भारत में यह लंबे समय के बाद दौरा हो रहा है। वर्ष 2017 के बाद वह भारत आ रहे हैं। जुलाई 2021 में वह नेपाल के प्रधानमंत्री बने थे। उसके पूर्व केपी शर्मा ओली के नेपाल के प्रधानमंत्री रहते हुए भारत और नेपाल के बीच पारस्परिक संबंधों में दूरी आ गई थी।
13 जुलाई 2021 को ओली के पीएम पद से हटने के बाद शेर बहादुर देउबा ने नेपाल में पीएम की कुर्सी संभाली थी। उसके बाद से ही भारत से नेपाल के संबंधों के नए सिरे से बहाली की उम्मीद जगी थी।
पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है पशुपति नाथ का मंदिर
वाराणसी के ललिता घाट पर बना पशुपति नाथ का मंदिर भी नेपाली शैली की होने की वजह से नेपाल और वहां के पर्यटकों को आकर्षित करता है। नेपाली बौद्ध भी सारनाथ आते रहते हैं। इसके अतिरिक्त भी काशी विश्वनाथ और पशुपतिनाथ के बीच प्राचीन काल से संबंध हैं। गंगा और बागमती नदी का गहरा नाता है। इस लिहाज से नेपाली पीएम का काशी दौरा दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों को प्रगाढ़ करने में मददगार साबित होगा।