{"_id":"61b9dc634223c97faf46498e","slug":"prime-minister-added-four-new-resolutions-to-build-new-india-gave-slogan-beti-padhao-and-kaushal-badhao","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"प्रधानमंत्री ने नए भारत के निर्माण के लिए चार नए संकल्प जोड़े, बेटी पढ़ाओ और कौशल बढ़ाओ का नारा दिया ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रधानमंत्री ने नए भारत के निर्माण के लिए चार नए संकल्प जोड़े, बेटी पढ़ाओ और कौशल बढ़ाओ का नारा दिया
Wed, 15 Dec 2021 05:49 PM IST
गीतार्जुन गौतम
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Wed, 15 Dec 2021 05:49 PM IST
सार
पीएम ने गोधन को ग्रामीण सिर्फ दूध का स्रोत बनाने के बजाय प्रगति के अन्य आयामों से जोड़ने पर जोर दिया। पीएम ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव में देश कई संकल्पों पर काम कर रहा है।
विज्ञापन
स्वर्वेद मंदिर में पीएम मोदी का संबोधन
- फोटो : एएनआई
विस्तार
काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता, सृजन और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का संकल्प दिलाया था तो नए भारत के निर्माण के लिए उन्होंने चार नए संकल्प और भी जोड़े हैं। उमरहां में निर्मित देश के सबसे बड़े मेडिटेशन सेंटर (ध्यान केंद्र) स्वर्वेद महामंदिर में पहुंचे प्रधानमंत्री ने बेटी पढ़ाओ और कौशल बढ़ाओ का नारा दिया तो स्वराज और सुराज का भी मंत्र बताया। योग साधकों से कहा कि देश के मनोरथ से जुड़े इन संकल्पों को पूरा करें तो सपनों के नए भारत का निर्माण दूर नहीं रहेगा।
विज्ञापन
करीब 27 मिनट के संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि स्वराज के साथ हमें सुराज के लक्ष्य पर भी आगे बढ़ना है। इन दोनों का रास्ता भारतीय ज्ञान, विज्ञान, जीवनशैली और पद्धतियों से निकलेगा। इसके लिए जैविक खेती से जुड़ने की अपील की। गोधन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का केंद्र बताते हुए इसे सिर्फ दूध का स्रोत बनाने के बजाय प्रगति के अन्य आयामों से जोड़ने पर जोर दिया। पीएम ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव में देश कई संकल्पों पर काम कर रहा है। दो साल बाद विहंगम योग केंद्र का 100वां अधिवेशन होगा। आपके पास दो साल का उत्तम समय है। यह समय नए भारत के निर्माण के संकल्पों को पूरा करने में लगाएं। यह ऐसे संकल्प हों, जो सद्गुरु सदाफल देव महाराज के संकल्पों की भी सिद्धि करे और देश का मनोरथ भी पूरा करते हों।
विज्ञापन
विज्ञापन
नए भारत के पांच नए संकल्प::
बेटी को पढ़ाना और कौशल बढ़ाना: प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की प्रगति के लिए बेटियों की शिक्षा जरूरी है, मगर अब उनका कौशल निखारना भी उतना ही अनिवार्य हो गया है। हर परिवार यह संकल्प ले कि वह बेटियों के स्किल डेवलपमेंट के लिए काम करेगा। समाज की अन्य बेटियों को भी हुनरमंद बनाने की जिम्मेदारी उठाएगा।
पानी बचाना: पानी जीवन की सबसे बड़ी जरूरत है। इसके बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। पानी बचाने के लिए गंगा समेत सभी नदियों को स्वच्छ रखना होगा। इसके लिए हमें अभियान चलाने होंगे।
प्राकृतिक खेती: केमिकल छोड़कर आर्गेनिक फार्मिंग की ओर दुनिया लौट रही है। हमें भी इस दिशा में आगे आना होगा। प्राकृतिक खेती से जुड़ें और इसके लिए अन्य किसानों को प्रेरित करें। देश का किसान जब इस खेती से जुड़ेगा तो अच्छे स्वास्थ्य के साथ समृद्धि भी हासिल करेगा।
सेवा: जो जहां भी है, जिस व्यवसाय में है, वह सेवा के कार्यों से जुड़े। कोई ऐसा काम जरूर करें, जिसका लाभ समाज को मिले
बेटी को पढ़ाना और कौशल बढ़ाना: प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की प्रगति के लिए बेटियों की शिक्षा जरूरी है, मगर अब उनका कौशल निखारना भी उतना ही अनिवार्य हो गया है। हर परिवार यह संकल्प ले कि वह बेटियों के स्किल डेवलपमेंट के लिए काम करेगा। समाज की अन्य बेटियों को भी हुनरमंद बनाने की जिम्मेदारी उठाएगा।
पानी बचाना: पानी जीवन की सबसे बड़ी जरूरत है। इसके बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। पानी बचाने के लिए गंगा समेत सभी नदियों को स्वच्छ रखना होगा। इसके लिए हमें अभियान चलाने होंगे।
प्राकृतिक खेती: केमिकल छोड़कर आर्गेनिक फार्मिंग की ओर दुनिया लौट रही है। हमें भी इस दिशा में आगे आना होगा। प्राकृतिक खेती से जुड़ें और इसके लिए अन्य किसानों को प्रेरित करें। देश का किसान जब इस खेती से जुड़ेगा तो अच्छे स्वास्थ्य के साथ समृद्धि भी हासिल करेगा।
सेवा: जो जहां भी है, जिस व्यवसाय में है, वह सेवा के कार्यों से जुड़े। कोई ऐसा काम जरूर करें, जिसका लाभ समाज को मिले