Fake IAS: आईएएस बन ग्रुप डी की नौकरी का दिया झांसा, 20 लाख ठगे; मंत्रालयों और विभागों से पत्र जारी करता था
Varanasi News: वाराणसी में फूलपुर थाने की पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। वहीं, सिगरा थाना क्षेत्र में एक फर्जी आईएएस गिरफ्तार किया गया है। वह आरपीएफ का एसआई बताकर धौंस जमा रहा था।
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फूलपुर थाना प्रभारी प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी की तलाश की जा रही है। कठिरांव निवासी पीड़ित दिनेश कुमार पटेल ने बताया कि उसका एक रिश्तेदार सुनील कुमार वर्मा बड़गांव का रहने वाला है। उसके माध्यम से आरोपी लोहता निवासी प्रदीप कुमार श्रीवास्तव से मिला।
उसने खुद को आईएएस और सहायक परिवहन आयुक्त बताया। फिर पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल में ग्रुप डी में नौकरी दिलाने के नाम पर मुझसे और रिश्तेदार से दिसंबर 2019 में 20 लाख रुपये लिए। इसके बाद पूर्वोत्तर रेलवे का फर्जी ज्वाइनिंग लेटर दिया।
बाद में पता चला कि प्रदीप कुमार श्रीवास्तव फ्रॉड है। शिक्षित बेरोजगारों से फ्रॉड कर मोटी रकम वसूलता है। फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार कर कई मंत्रालयों और विभागों से नियुक्ति पत्र जारी करता है। कई विभागों का पैड और मोहर भी बनवाकर रखा है।
बैंक का चेक दिया, लेकिन खाते में पैसे ही नहीं : पीड़ित ने बताया कि रिश्तेदार सुनील की प्रदीप से मुलाकात हुई। पैसे मांगने पर प्रदीप ने 20 लाख के चार चेक दिए और कहा जब वह कहेगा तब बैंक में लगाकर भुगतान करा लेना।
कुछ दिनों बाद जब बैंक में जाकर चेक दिखाया तो उस खाते में पैसे ही नहीं थे। फिर से तगादा करने पर प्रदीप ने दो सहयोगियों के साथ गालीगलौज कर मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। दिनेश की तहरीर कर फूलपुर पुलिस ने प्रदीप श्रीवास्तव और सुनील कुमार वर्मा समेत दो अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया है।
आरपीएफ के फर्जी एसआई को पुलिस ने किया गिरफ्तार, भेजा गया जेल
सिगरा थाना क्षेत्र के जवाहर नगर मार्केट में मंगलवार को फर्जी आरपीएफ एसआई बनकर दुकानदारों पर धौंस जमाने वाले आरोपी अमृत रंजन को पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से नकली पिस्टल, कूटरचित आईकार्ड बरामद हुआ। गिरफ्तार आरोपी बिहार भोजपुर के बिहिया गांव निवासी अमृत रंजन को जेल भेज दिया गया है।
सिगरा इंस्पेक्टर संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि जवाहर नगर में दुकानदारों ने सूचना दी कि एक व्यक्ति खुद को आरपीएफ का एसआई बताकर धौंस जमा रहा है। पुलिस टीम ने नेहरु मार्केट में व्यक्ति से पूछताछ की।
सफेद रंग की पीटी टी-शर्ट, ग्रे कलर की जींस और पुलिस बूट पहने, बेल्ट में होलिस्टर के साथ पिस्टल की जांच की गई तो वह नकली मिली। आईकार्ड पर इंडियन रेलवे का लोगो और अमृत रंजन की फोटो लगी थी। कड़ाई से पूछताछ में अमृत रंजन ने बताया कि वह आरपीएफ का एसआई नहीं है। फर्जी एसआई बनकर धौंस जमाता है। मुकदमा दर्ज किया गया।