पूर्व विधायक को सुरक्षा नहीं मिलने पर वाराणसी पुलिस कमिश्नर से स्पष्टीकरण तलब
कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय राय के भाई अवधेश राय की हत्या के मुकदमे में मुख्तार अंसारी समेत छह लोग नामजद हैं। अजय राय मुकदमे के चश्मदीद गवाह हैं। अजय राय ने जान का खतरा बताते हुए अदालत से सुरक्षा की मांग की थी
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विशेष न्यायाधीश एमपी एमएलए कोर्ट आलोक कुमार श्रीवास्तव ने गवाह को सुरक्षा न देने के मामले में पुलिस कमिश्नर वाराणसी ए सतीश गणेश से स्पष्टीकरण मांगा है। अदालत ने स्पष्टीकरण और गवाही के लिए 15 सितंबर की तिथि नियत की है। कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय राय के भाई अवधेश राय की हत्या के मुकदमे में मुख्तार अंसारी समेत छह लोग नामजद हैं।
अजय राय मुकदमे के चश्मदीद गवाह हैं। अजय राय ने जान का खतरा बताते हुए अदालत से सुरक्षा की मांग की थी, जिस पर अदालत ने 17 अगस्त को तत्काल सुरक्षा देने के लिए पुलिस कमिश्नर वाराणसी को आदेश दिया था। गवाही दर्ज कराने के दौरान अजय राय ने कोर्ट को बताया कि पूर्व में किए गए आदेश का राजनैतिक दबाव के कारण अनुपालन नहीं किया गया है।
वह बिना सुरक्षा के गवाही देने के लिए अदालत में उपस्थित हुए है, जिस पर अदालत ने पूर्व में दिए गए आदेश का अनुपालन ना करने पर पुलिस कमिश्नर वाराणसी से एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। तीन अगस्त 1991 थाना चेतगंज में अजय राय ने मुख्तार अंसारी समेत छह लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराया था।
बीएचयू में अध्यापक भर्ती के नियमों में बदलाव को चुनौती
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) वाराणसी में राजनीति शास्त्र के अध्यापकों की 2013 की भर्ती में अनियमितता के आरोप को लेकर दाखिल याचिका पर भारत सरकार, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग व बीएचयू से चार हफ्ते में जवाब मांगा है।
यह आदेश न्यायमूर्ति एमके गुप्ता तथा न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की खंडपीठ ने डॉ. प्रवीण कुमार सिंह की याचिका पर दिया है। याची का कहना है कि भर्ती शुरू होने के बाद आयोग ने नियमों में बदलाव किया। चयन मानक में परिवर्तन किया गया। पुराने नियम व बाद के नियमों में भारी अंतर आ गया है। याची का कहना है कि पुराने नियम से उसका भी चयन हो सकता था। याची के अधिवक्ता ने कहा खेल के नियम बीच में नहीं बदले जा सकते। चयन प्रक्रिया नियम विरुद्ध जारी है, जिसे चुनौती दी गई है।