पूर्वांचल के जिलों में बिजली व्यवस्था चरमराई, कर्मचारियों का मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन
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पूर्वांचल में बिजली कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आज विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। वाराणसी समेत सोनभद्र, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, मिर्जापुर और जौनपुर, चंदौली सहित अन्य जिलों में भी प्रदर्शन चालू है। कर्मचारियों के धरना-प्रदर्शन की वजह से बिजली की भी समस्या देखने को मिल रही है। जिस कारण आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वाराणसी में एमडी कार्यालय के बाहर बिजली कर्मचारियों धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। वह निजीकरण का विरोध और पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने सहित अन्य मांगों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं।
चंदौली जिले में भी आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। कई केंद्रों पर ताला जड़ दिया गया है। वह पुलिस तैनात कर दी गई है। चंदासी सब स्टेशन पर ताला बंद होने से पीडीडीयू नगर सहित आसपास के कई गांवों की आपूर्ति पूरी तरह से बंद हो गई है। इससे तकरीबन इलाके की दो लाख की आबादी प्रभावित है।
ऐसे ही सकलडीहा, चंदौली डिवीजन के अलावा चकिया, इलिया, नौगढ़, चहनियां, सैयदराजा, कमालपुर, धानापुर में भी आपूर्ति ठप है। निर्बाध रूप से आपूर्ति होती रहे, इसके लिए प्रशासन की तैयारी भी नाकाफी दिखी।
प्रशासन संविदा कर्मियों के भरोसे सब स्टेशन चलाने की तैयारी की थी लेकिन कई केंद्रों पर ताला लगने से आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। यह जरूर रहा कि केंद्रों पर सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बल तैनात रहा। बिजली न होने से लोग उमस भरी गर्मी में बेहाल रहे।
वार्ता सकारात्मक नहीं रही तो जारी रहेगा कार्य बहिष्कार :
मिर्जापुर में विद्युत विभाग के कर्मचारी सोमवार की सुबह 10 बजे से पूर्ण कार्य बहिष्कार पर चले गए। फतहा स्थित पावर कॉरपोरेशन के मुख्य अभियंता कार्यालय परिसर में जुटे कर्मचारियों ने निजीकरण का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इसको तत्काल वापस लिया जाए और कर्मचारियों की मांगें पूरी की जाएं।
यह निजीकरण आम जनता के हित में नहीं है। वक्ताओं ने कहा कि सोमवार की दोपहर 3 बजे से शासन और ऊर्जा मंत्री के साथ संगठन के पदाधिकारियों की वार्ता प्रस्तावित है। उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। यदि वार्ता सकारात्मक नहीं रही तो पूर्ण कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
जौनपुर जिले में भी निजीकरण के विरोध में बिजली निगम कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया। जौनपुर एसई कार्यालय परिसर में धरना दिया गया और मांगों के समर्थन में नारे लगाए।