गंगा घाट पर आधी रात बच्चों से अश्लीलता, न्यूरोलॉजिस्ट ने दौड़ाया तो नशे में धुत लोग भागे
गंगा घाटों पर रोजाना शाम गहराते ही गांजा, चरस और शराब पीने वाले अपनी मनमानी पर उतारू हो जाते हैं। वहीं, पुलिस है कि निरीक्षण या कार्रवाई की बजाय चुप्पी साधे रहती है। इस संबंध में गंगा घाटों के किनारे शाम के समय टहलने वाले संभ्रांत लोग लगातार पुलिस से शिकायत भी करते रहते हैं। इसके बावजूद भी कार्रवाई न होना पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. विजय नाथ मिश्रा रोजाना गंगा घाटों के किनारों संभ्रांत लोगों की टोली के साथ टहलते हैं। बुधवार की रात 12:10 बजे डॉ. मिश्रा ने देखा कि तुलसी घाट पर कुछ लोग गुब्बारा बेचने वाले बच्चों से अश्लीलता से बात करते हुए दुर्व्यवहार कर रहे थे। बच्चों के साथ बदसलूकी देख डॉ. मिश्रा नशे में धुत लोगों की ओर दौड़े तो वह भाग निकले। डॉ. मिश्रा ने घाट के घटनाक्रम का वीडियो पुलिस को ट्वीट किया तो प्रभारी निरीक्षक भेलूपुर को अभियान चलाकर कार्रवाई का निर्देश दिया गया।
यह स्थिति सिर्फ एक घाट की नहीं है, बल्कि शाम से देर रात तक ऐसा नजारा कई घाटों पर देखने को मिल जाता है। इस संबंध में डॉ. मिश्रा ने कहा कि गंगा घाटों पर लोग सुकून और शांति तलाशने आते हैं, लेकिन नशेडि़यों ने माहौल बिगाड़ दिया है। जिला पुलिस और प्रशासन से अपील है कि ऐसे लोगों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए। ताकि, काशी के घाटों की गलत छवि देश और दुनिया में प्रस्तुत न होने पाए।