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विजय मिश्र के टर्न से बदला पूर्वांचल का सियासी समीकरण!
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी/गाजीपुर
Updated Fri, 17 Feb 2017 07:32 PM IST
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बसपा महासचिव सतीश मिश्रा व विजय मिश्रा।
- फोटो : amar ujala
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सपा के धर्मार्थ कार्य मंत्री विजय मिश्र ने गुरुवार की शाम बसपा का दामन थाम लिया। इसके साथ ही पूर्वांचल के राजनीतिक गलियारे में नयी हलचल शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि विजय मिश्र के बसपा में आने से ब्राह्मण मतदाताओं का बहुजन समाज पार्टी की तरफ झुकाव होना संभव है।
विजय मिश्र से पहले अंसारी बंधुओं के बसपा में शामिल होने से मुस्लिम मतदाताओं का झुकाव पहले से ही बसपा की तरफ बढ़ा है।
अब ब्राह्मण मतदाता अगर दल में आते हैं, तो पूर्वांचल के सियासी समीकरण में बदलाव होना तय है।
हालांकि राजनीतिक पंडितों का कहना है कि विजय मिश्र का कद सपा में एक बड़े नेता के रूप में था। इसका वह कितना फायदा बसपा को पहुंचा सकते हैं, यह तो वक्त ही बताएगा।
गाजीपुर सदर विधानसभा सीट से विधायक रहे विजय मिश्र को इस बार टिकट नहीं मिला। इससे नाराज विजय मिश्र को अंतत: बसपा का दामन थामना पड़ा।
नामांकन के अंतिम दिन उन्होंने बसपा की सदस्यता ग्रहण की। पूर्वांचल में बसपा को मजबूत करने में जुटी बसपा सुप्रीमो मायावती ने सपा के एक और कद्दावर नेता को अपनी पार्टी में जगह दी है।
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अब देखना है कि मिश्र के आने से बसपा कितनी मजबूत होती है।
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विजय मिश्र से पहले अंसारी बंधुओं के बसपा में शामिल होने से मुस्लिम मतदाताओं का झुकाव पहले से ही बसपा की तरफ बढ़ा है।
अब ब्राह्मण मतदाता अगर दल में आते हैं, तो पूर्वांचल के सियासी समीकरण में बदलाव होना तय है।
हालांकि राजनीतिक पंडितों का कहना है कि विजय मिश्र का कद सपा में एक बड़े नेता के रूप में था। इसका वह कितना फायदा बसपा को पहुंचा सकते हैं, यह तो वक्त ही बताएगा।
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गाजीपुर सदर विधानसभा सीट से विधायक रहे विजय मिश्र को इस बार टिकट नहीं मिला। इससे नाराज विजय मिश्र को अंतत: बसपा का दामन थामना पड़ा।
नामांकन के अंतिम दिन उन्होंने बसपा की सदस्यता ग्रहण की। पूर्वांचल में बसपा को मजबूत करने में जुटी बसपा सुप्रीमो मायावती ने सपा के एक और कद्दावर नेता को अपनी पार्टी में जगह दी है।
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अब देखना है कि मिश्र के आने से बसपा कितनी मजबूत होती है।
बसपा के इस चाल से विरोधी सकते में
बसपा सुप्रीमो मायावती
- फोटो : amar ujala
अंसारी बंधुओं के रूप में मुस्लिम चेहरे को अपने पाले में लाने के बाद अब बीएसपी ने सपा के दिग्गज ब्राह्मण नेता विजय मिश्र को भी पार्टी से जोड़कर ब्राह्मण मत को भी अपनी तरफ मोड़ने का सियासी खेल खेला है।
विजय मिश्र के बसपा में आने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि वह चुनाव लड़ने नहीं, बल्कि ब्राह्मण वोट को बसपा की तरफ मोड़ने और गाजीपुर तथा आस-पास की सीटों पर प्रभाव डालने का काम करेंगे।
देखा जाए तो विजय मिश्र कभी सपा के खास लोगों में गिने जाते थे। पार्टी के अंदर के झगड़े का असर इन पर भी पड़ा और दूरियां बढ़ने लगी। दूरियां इतनी बढ़ गई कि उन्होंने सपा को टाटा कह दिया।
विजय मिश्र के बसपा में आने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि वह चुनाव लड़ने नहीं, बल्कि ब्राह्मण वोट को बसपा की तरफ मोड़ने और गाजीपुर तथा आस-पास की सीटों पर प्रभाव डालने का काम करेंगे।
देखा जाए तो विजय मिश्र कभी सपा के खास लोगों में गिने जाते थे। पार्टी के अंदर के झगड़े का असर इन पर भी पड़ा और दूरियां बढ़ने लगी। दूरियां इतनी बढ़ गई कि उन्होंने सपा को टाटा कह दिया।