सिर मुढ़वाने के मामले में लखनऊ-दिल्ली तक मचा है हंगामा, लेकिन पुलिस को नेपाली युवक की तलाश
वाराणसी में रहने वाले एक नेपाली युवक को लेकर तीन दिन से लखनऊ और दिल्ली तक हंगामा मचा हुआ है। इस पूरे प्रकरण में खास बात यह है कि वह नेपाली युवक कौन था, क्या करता है और कहां रहता है, यह अब तक अबूझ पहेली बना हुआ है। पुलिस गलियां और मोहल्ले खंगाल कर नेपाली युवक का पता लगाने में जुटी हुई है।
वाराणसी में सोशल मीडिया में गुरुवार को एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में विश्व हिंदू सेना के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने गंगा घाट किनारे एक नेपाली युवक का सिर मुड़वाया दिया। इसके बाद नेपाली युवक के सिर पर जय श्रीराम लिख कर उसी से नेपाल के प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी कराए।
विश्व हिंदू सेना के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का कहना था कि नेपाल के प्रधानमंत्री द्वारा हाल ही में अयोध्या और श्रीराम को लेकर जो विवादित बयान दिया गया था, यह सब उसी के विरोध में है।
वीडियो वायरल होने पर मामले ने तूल पकड़ा तो शुक्रवार को पुलिस ने प्रकरण से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया और अन्य की तलाश की जा रही है। इन सबके बावजूद पुलिस अभी तक उस नेपाली युवक को नहीं खोज पाई है, जिसे लेकर यह घटना हुई।
'सिर मुड़वाने के लिए दिए थे 1500 रुपये'
गिरफ्तार चारों युवकों में से एक संतोष कुमार पांडेय ने बताया कि नेपाली युवक को सिर मुड़ाने के लिए विश्व हिंदू सेना के संस्थापक अरुण पाठक ने 1500 रुपये दिए थे। जबरदस्ती जैसी कोई बात नहीं थी और वह सिर मुड़वाने के लिए खुद तैयार था।
वहीं, पुलिस अफसरों का कहना है कि नेपाली युवक ने अंदाजा नहीं लगाया होगा कि इस घटना से कितना हंगामा मचेगा। नहीं तो शायद वह सिर मुड़वाने के लिए तैयार न होता।
एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि नेपाली युवक के साथ ही प्रकरण से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें लगी हुई हैं। नेपाली युवक सामने आए तो पता लगेगा कि वास्तविकता क्या है और क्या, कैसे हुआ।