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मिर्जापुर के एसपी की पहल, इस एप से आप भी कर सकेंगे अपराधियों की पहचान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी/मिर्जापुर
Updated Tue, 15 May 2018 02:12 PM IST
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पहचान एप
- फोटो : अमर उजाला
अपराधियों की तस्दीक करना अब पुलिस के साथ ही आम आदमी के लिए भी बेहद आसान होगा। इसके लिए एसपी मिर्जापुर की पहल पर एप तैयार किया गया है।
सोमवार को पुलिस लाइन में आयोजित कार्यशाला में जोन के दस जिलों की डीसीआरबी और स्वाट प्रभारियों के सामने एडीजी पीवी रामाशास्त्री ने आपराधिक डाटाबेस प्रणाली वाले पहचान एप को लांच कर उसके बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि आगामी 21 मई तक सभी दस जिले पहचान एप में अपराधियों से संबंधित डाटा फीड कर लें और इसके बाद पॉयलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसका आकलन किया जाएगा।
एसपी मिर्जापुर आशीष तिवारी ने बताया कि इस एप को इनोडल सॉल्यूशन के डेवलपर चिराग शाह की मदद से तैयार किया गया है। एप में सक्रिय अपराधी और डीसीआरबी के रिकॉर्ड के साथ ही अभियुक्तों को जेल भेजते समय उनका फोटो खींच कर क्रिमिनल डाटाबेस तैयार किया जाएगा।
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सोमवार को पुलिस लाइन में आयोजित कार्यशाला में जोन के दस जिलों की डीसीआरबी और स्वाट प्रभारियों के सामने एडीजी पीवी रामाशास्त्री ने आपराधिक डाटाबेस प्रणाली वाले पहचान एप को लांच कर उसके बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि आगामी 21 मई तक सभी दस जिले पहचान एप में अपराधियों से संबंधित डाटा फीड कर लें और इसके बाद पॉयलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसका आकलन किया जाएगा।
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एसपी मिर्जापुर आशीष तिवारी ने बताया कि इस एप को इनोडल सॉल्यूशन के डेवलपर चिराग शाह की मदद से तैयार किया गया है। एप में सक्रिय अपराधी और डीसीआरबी के रिकॉर्ड के साथ ही अभियुक्तों को जेल भेजते समय उनका फोटो खींच कर क्रिमिनल डाटाबेस तैयार किया जाएगा।
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ऐसे काम करेगा पहचान एप
बैठक करते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
जब भी पुलिस किसी संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ती है तो फोटो खींच कर उसके बारे में एप से आसानी से पता लगा सकती है। इसी तरह होटलों में जो लोग ठहरते हैं उनका विवरण परिचय पत्र के साथ दर्ज किया जाता है।
उसी जानकारी को फोटो के साथ पहचान एप में डालने पर होटल संचालक और पुलिस को पता लग जाएगा कि कोई अपराधी तो नहीं ठहरा है। इसी तरीके से किरायेदारों का सत्यापन भी एप की मदद से आसानी से किया जा सकेगा।
सभी जिलों के समस्त थानों को एक लॉगिन आईडी दी गई है। थाने उस लॉगिन आईडी व पासवर्ड की मदद से अपराधियों का विवरण एवं फोटो खींच कर डाटा फीड करेंगे। डीसीआरबी और स्वाट टीम थानों में पहचान एप के प्रयोग का प्रशिक्षण देंगी। यह एप मोबाइल और कंप्यूटर दोनों पर काम करेगा।
एसपी मिर्जापुर ने बताया कि आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का जितना अधिक से अधिक विवरण एप में दर्ज हो जाएगा, ऐसे लोगों को चिह्नित करने में उतनी ही आसानी होगी।
उसी जानकारी को फोटो के साथ पहचान एप में डालने पर होटल संचालक और पुलिस को पता लग जाएगा कि कोई अपराधी तो नहीं ठहरा है। इसी तरीके से किरायेदारों का सत्यापन भी एप की मदद से आसानी से किया जा सकेगा।
सभी जिलों के समस्त थानों को एक लॉगिन आईडी दी गई है। थाने उस लॉगिन आईडी व पासवर्ड की मदद से अपराधियों का विवरण एवं फोटो खींच कर डाटा फीड करेंगे। डीसीआरबी और स्वाट टीम थानों में पहचान एप के प्रयोग का प्रशिक्षण देंगी। यह एप मोबाइल और कंप्यूटर दोनों पर काम करेगा।
एसपी मिर्जापुर ने बताया कि आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का जितना अधिक से अधिक विवरण एप में दर्ज हो जाएगा, ऐसे लोगों को चिह्नित करने में उतनी ही आसानी होगी।