पुलिस की पाठशाला: काशी जोन के DCP ने बच्चों को बताए सुरक्षा के टिप्स, साइबर सुरक्षा की दी जानकारी
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शुक्रवार को सनबीम भगवानपुर में पुलिस की पाठशाला आयोजित की गई। डीसीपी काशी जोन आरएस गौतम ने बच्चों को सुरक्षा का पाठ पढ़ाया तो बच्चों ने भी निडर होकर सवाल पूछे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सहन करने से या छिपाने से अपराध बढ़ता है। अगर आपके साथ कुछ गलत होता है तो आपको पहली बार में ही विरोध करना चाहिए। नजरअंदाज करने से अपराध बढ़ता है। ये बातें शुक्रवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सनबीम भगवानपुर में आयोजित पुलिस की पाठशाला में डीसीपी काशी जोन आरएस गौतम ने कहीं।
उन्होंने बच्चों को सुरक्षा का पाठ पढ़ाया तो बच्चों ने भी निडर होकर सवाल पूछे। डीसीपी ने कहा कि वर्तमान समय में हमारी सुरक्षा सबसे अहम है। जब हम सुरक्षित रहेंगे तो समाज और देश सुरक्षित रहेगा। सुरक्षित माहौल में अच्छा काम होगा और ये देश और समाज की तरक्की के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में बताया।
मोबाइल पर कभी ना करें ये गलती
डीसीपी ने कहा कि कोई किस नियत से आपको छू रहा है, ये आप बेहतर महसूस कर सकते हैं। अगर आपको लगता है कि सामने वाला गलत है तो बिना डरे विरोध करें और पुलिस से संपर्क करें। समाज के बीच से ही लोग पुलिस सेवा में आते हैं। ऐसे में डरे बिना पुलिस के सामने खुलकर अपनी बात रखनी चाहिए।
इस दौरान उन्होंने साइबर क्राइम के बारे में भी विद्यार्थियों को जानकारी दी। बताया कि अनजान नंबर से आए किसी भी लिंक पर क्लिक ना करें। सोशल मीडिया पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। डीसीपी काशी जोन ने विद्यार्थियों को महिला अपराध, हेल्पलाइन नंबर 1090 व 112, यातायात नियम, इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर के बारे में बताया। कहा कि विद्यार्थी अच्छे नागरिक बनकर अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को समझें तो समाज में आपराधिक घटनाएं कम होंगी।
सवाल पूछने वाले बच्चों को दी गई पुस्तक
सवाल: अगर हम किसी अनजान जगह पर खो जाएं तो क्या किसी अनजान व्यक्ति से मदद मांग सकते हैं? - आयुषी
जवाब: किसी भी अनजान से मदद मांगने से पहले हेल्पलाइन नंबर 112 पर संपर्क करें। पुलिस आपको घर तक छोड़ेगी।
सवाल: किसी दुर्घटना के समय हम एंबुलेंस से संपर्क करते हैं तो उन्हें जगह का कैसे पता चलता है? - उदय
जवाब: जिस क्षेत्र से एंबुलेंस को फोन किया जाता है, वहां मौजूद एंबुलेंस के पास फोन पहुंच जाता है।
सवाल: रोजाना कई घटनाएं होती हैं। किस घटना को पहले हल करना है, पुलिस कैसे तय करती है? - विशालाक्षी
जवाब: घटनाएं प्रमुखता के आधार पर हल की जाती हैं। वैसे तो पुलिस का लक्ष्य हर घटना को मौके पर ही हल करना होता है।
सवाल: अगर मेरे साथ कोई घटना हो गई तो एफआईआर कैसे फाइल करें? - आदित्य
जवाब: आप यूपी कॉप एप की मदद से ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करा सकते हैं। या फिर पास के चौकी या थाने पर जाकर भी एफआईआर पंजीकृत करा सकते हैं।
सवाल: अगर किसी के साथ लूट और डकैती की घटना हो और मौके पर पुलिस न पहुंचे तो क्या करें? - नीलेंद्र
जवाब: पुलिस हर जगह मौके पर पहुंच जाती है। किसी कारण नहीं पहुंच पाई तो आत्मरक्षा के लिए कदम उठाए जा सकते हैं।
सवाल: अगर हम कहीं ऐसी जगह फंस जाते हैं जहां मदद के लिए कोई मौजूद ना हो और किसी को फोन भी न कर सकें तो क्या करना चाहिए? - सृजन
जवाब: ऐसी जगह पर सेल्फ डिफेंस कर अपना बचाव करना चाहिए। इसके बाद पुलिस के पास पहुंच घटना की जानकारी देनी चाहिए।
सवाल: किसी अनजान व्यक्ति की पहचान कैसे करें कि वह मदद करेगा या मौके का फायदा उठाएगा? - आयुषी
जवाब: व्यक्ति की पहचान उसके बातचीत, हावभाव और व्यवहार से की जा सकती है।
सवाल: किसी दूसरे शहर में फंस जाए तो पुलिस के कौन से नंबर पर फोन कर सकते हैं? - अन्वेशी
जवाब: किसी भी शहर या राज्य में फंसने पर पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर संपर्क किया जा सकता है। तत्काल मदद मिलेगी।
सवाल: आत्मरक्षा में उठाए गए कदम में कुछ अनहोनी हो जाए तो क्या कार्रवाई हो सकती है? - उत्कर्ष
जवाब: अपने बचाव में आप कोई भी कदम उठा सकते हैं। बशर्ते आपके पास इसका सबूत होना चाहिए कि आपने वो कदम अपने बचाव में उठाया है।