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Varanasi News: कस्टडी रिमांड के पहले दिन पुलिस ने समर से पूछे 25 सवाल
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भोजपुरी अभिनेत्री आकांक्षा दुबे को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी गायक समर सिंह उर्फ समरजीत को बृहस्पतिवार की शाम सारनाथ थाने की पुलिस ने जिला जेल से कस्टडी रिमांड में लिया। रिमांड के पहले दिन पुलिस ने समर से 25 सवाल पूछे। पुलिस के सभी सवालों का सार यही रहा कि आखिर समर से जुड़ी हुई ऐसी कौन सी बात थी कि जिसके चलते आकांक्षा को आत्महत्या करना पड़ा।
भदोही जिले के चौरी बाजार क्षेत्र बरदहां गांव की रहने वाली आकांक्षा दुबे बीते 26 मार्च को सारनाथ क्षेत्र स्थित एक होटल में मृत मिली थीं। आकांक्षा को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में समर सिंह और उसके दोस्त संजय सिंह के खिलाफ सारनाथ थाने में मुकदमा दर्ज है। दोनों को गिरफ्तार कर अदालत के आदेश से जेल भेजा गया था। बुधवार को सारनाथ थाने की पुलिस के अनुरोध पर अदालत ने समर की पांच दिन की कस्टडी रिमांड मंजूर की थी।
कस्टडी रिमांड के पहले दिन पुलिस ने समर से पूछा कि वह आकांक्षा के संपर्क में कब से और कैसे था? दोनों के बीच किस तरह के रिश्ते थे? दोनों के लिव इन रिलेशन में रहने की बात के पीछे की हकीकत क्या है? 23 म्यूजिक एलबम में साथ काम करने और एक-दूसरे के काफी करीब होने के बावजूद दोनों अचानक दूर क्यों हो गए? दोनों के बीच लेनदेन का क्या विवाद था और आकांक्षा का समर पर कितना बकाया था? आकांक्षा को धमकाने संबंधी बात के पीछे की सच्चाई क्या है? 25 मार्च की रात आकांक्षा से क्या बातचीत हुई थी? आकांक्षा आत्महत्या के लिए क्यों विवश हुई? पूछताछ करने वाली पुलिस टीम के अनुसार समर का मोबाइल और आकांक्षा के साथ उसके फिल्म एग्रीमेंट व लेनदेन संबंधी कागजात को भी बरामद किया जाना बेहद जरूरी है। इसके लिए पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद समर सिंह को लखनऊ और मुंबई के गोरेगांव स्थित उसके ऑफिस ले जाया जाएगा।
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खुद को बेकसूर बताता रहा समर
पुलिस सूत्रों ने बताया कि पूछताछ के पहले दिन समर सिंह खुद को बेकसूर बताता रहा। पूछताछ में वह सहयोग तो कर रहा है, लेकिन घुमा-फिराकर यही दोहराने लग जा रहा था कि आकांक्षा की आत्महत्या से उसका कोई वास्ता नहीं है। अगर वह कसूरवार होता तो आकांक्षा सुसाइड नोट लिखतीं और उसे दोषी ठहरातीं। या फिर, अपने किसी अन्य करीबी को यह जरूर बतातीं कि वह समर के चलते आत्महत्या करने के लिए विवश हुई हैं। समर ने कहा कि उसका भविष्य बर्बाद करने के लिए उसे गलत तरीके से फंसाया जा रहा है।
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छह घंटे की देरी से जेल पहुंची पुलिस
समर की पुलिस कस्टडी रिमांड की अवधि बृहस्पतिवार की सुबह 10 बजे से शुरू हुई थी। इससे पहले बुधवार को पुलिस ने उसे सात दिन की कस्टडी रिमांड पर देने के लिए अदालत से अनुरोध किया था। लेकिन, बृहस्पतिवार को जब समर को कस्टडी रिमांड पर लेने की बारी आई तो सारनाथ थाने की पुलिस सुस्त दिखी और लगभग छह घंटे की देरी से शाम चार बजे जिला जेल पहुंची। इस संबंध में पूछे जाने पर पुलिस ने सफाई दी कि विवेचक मुकदमे से संबंधित साक्ष्य के संकलन की कार्रवाई में जुटे थे। इसी वजह से उन्हें जिला जेल पहुंचने में देरी हुई।
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भदोही जिले के चौरी बाजार क्षेत्र बरदहां गांव की रहने वाली आकांक्षा दुबे बीते 26 मार्च को सारनाथ क्षेत्र स्थित एक होटल में मृत मिली थीं। आकांक्षा को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में समर सिंह और उसके दोस्त संजय सिंह के खिलाफ सारनाथ थाने में मुकदमा दर्ज है। दोनों को गिरफ्तार कर अदालत के आदेश से जेल भेजा गया था। बुधवार को सारनाथ थाने की पुलिस के अनुरोध पर अदालत ने समर की पांच दिन की कस्टडी रिमांड मंजूर की थी।
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कस्टडी रिमांड के पहले दिन पुलिस ने समर से पूछा कि वह आकांक्षा के संपर्क में कब से और कैसे था? दोनों के बीच किस तरह के रिश्ते थे? दोनों के लिव इन रिलेशन में रहने की बात के पीछे की हकीकत क्या है? 23 म्यूजिक एलबम में साथ काम करने और एक-दूसरे के काफी करीब होने के बावजूद दोनों अचानक दूर क्यों हो गए? दोनों के बीच लेनदेन का क्या विवाद था और आकांक्षा का समर पर कितना बकाया था? आकांक्षा को धमकाने संबंधी बात के पीछे की सच्चाई क्या है? 25 मार्च की रात आकांक्षा से क्या बातचीत हुई थी? आकांक्षा आत्महत्या के लिए क्यों विवश हुई? पूछताछ करने वाली पुलिस टीम के अनुसार समर का मोबाइल और आकांक्षा के साथ उसके फिल्म एग्रीमेंट व लेनदेन संबंधी कागजात को भी बरामद किया जाना बेहद जरूरी है। इसके लिए पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद समर सिंह को लखनऊ और मुंबई के गोरेगांव स्थित उसके ऑफिस ले जाया जाएगा।
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खुद को बेकसूर बताता रहा समर
पुलिस सूत्रों ने बताया कि पूछताछ के पहले दिन समर सिंह खुद को बेकसूर बताता रहा। पूछताछ में वह सहयोग तो कर रहा है, लेकिन घुमा-फिराकर यही दोहराने लग जा रहा था कि आकांक्षा की आत्महत्या से उसका कोई वास्ता नहीं है। अगर वह कसूरवार होता तो आकांक्षा सुसाइड नोट लिखतीं और उसे दोषी ठहरातीं। या फिर, अपने किसी अन्य करीबी को यह जरूर बतातीं कि वह समर के चलते आत्महत्या करने के लिए विवश हुई हैं। समर ने कहा कि उसका भविष्य बर्बाद करने के लिए उसे गलत तरीके से फंसाया जा रहा है।
छह घंटे की देरी से जेल पहुंची पुलिस
समर की पुलिस कस्टडी रिमांड की अवधि बृहस्पतिवार की सुबह 10 बजे से शुरू हुई थी। इससे पहले बुधवार को पुलिस ने उसे सात दिन की कस्टडी रिमांड पर देने के लिए अदालत से अनुरोध किया था। लेकिन, बृहस्पतिवार को जब समर को कस्टडी रिमांड पर लेने की बारी आई तो सारनाथ थाने की पुलिस सुस्त दिखी और लगभग छह घंटे की देरी से शाम चार बजे जिला जेल पहुंची। इस संबंध में पूछे जाने पर पुलिस ने सफाई दी कि विवेचक मुकदमे से संबंधित साक्ष्य के संकलन की कार्रवाई में जुटे थे। इसी वजह से उन्हें जिला जेल पहुंचने में देरी हुई।