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UP: अपना और दोस्त का कर्ज चुकाने के लिए मांगी 50 लाख की रंगदारी, कागज की गड्डी लेकर पहुंची पुलिस ने खोल दी पोल
Fri, 26 Jan 2024 10:37 AM IST
प्रगति चंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: प्रगति चंद
Updated Fri, 26 Jan 2024 10:37 AM IST
सार
अपना और दोस्त का कर्ज चुकाने के लिए नौकर ने अपने मालिक से ही 50 लाख रुपये की रंगदारी मांग ली। लेकिन, चालाकी काम नहीं आई और दोनों दोस्त पकड़े गए। सादे कपड़ों में सिगरा थाने की पुलिस कागज की गड्डी बोरे में लेकर देने गई तो दोनों आरोपी दबोच लिए गए।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
महमूरगंज क्षेत्र की पंचशील नगर कॉलोनी निवासी एक व्यापारी से उनके नौकर ने अपने दोस्त के साथ मिलकर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। धमकी भरे फोन के अनुसार बोरे में कागज के नोटों की गड्डी लेकर सादे कपड़े पहने सिगरा थाने के पुलिसकर्मी पहुंचे तो दोनों आरोपी पकड़े गए। आरोपियों की पहचान किरहिया, खोजवा सरायनंदन के प्रताप घोष और घुघरानी गली, बांसफाटक के पंकज पाठक के रूप में हुई है। दोनों के पास से वारदात में प्रयुक्त तीन मोबाइल और एक बाइक बरामद की गई है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को डीसीपी काशी जोन ने 20 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया।
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पंचशील नगर कॉलोनी निवासी व्यापारी अंकित मेहरा ने सिगरा थाने की पुलिस को बुधवार को तहरीर दी। अंकित ने बताया कि उनके और उनकी पत्नी के मोबाइल पर दो अनजान नंबर से बीते 17 जनवरी से धमकी भरे फोन आ रहे हैं। फोन करने वाले 50 लाख रुपये की रंगदारी मांग रहे हैं। रुपये न देने पर गोली मारकर हत्या करने की धमकी दी जा रही है। डीसीपी काशी जोन आरएस गौतम ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर सिगरा थानाध्यक्ष राजू सिंह ने तफ्तीश शुरू की।
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सामने आया कि अंकित मेहरा का नौकर प्रताप घोष अपना पांच लाख और अपने दोस्त पंकज पाठक का 20 लाख रुपये का कर्ज चुकाने के लिए रंगदारी मांगने की साजिश रचा था। सिगरा थानाध्यक्ष राजू सिंह ने अपनी टीम के दरोगा अरुण प्रताप सिंह व कांस्टेबल अनूप कुशवाहा और सर्विलांस सेल के हेड कांस्टेबल सतेश राय के साथ दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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पुलिस कर्मी नौकर बन कर गया था रुपये देने
डीसीपी काशी जोन ने बताया कि बृहस्पतिवार की सुबह 10 बजे अंकित के मोबाइल पर फोन आया कि अपने नौकर राम सिंह से 50 लाख रुपये रामनगर भिजवाओ। पुलिस के बताए अनुसार राम सिंह घर से बोरे में कागज की गड्डी लेकर निकला। रास्ते में उसे रोककर सिपाही अनूप कुशवाहा ने उसका कपड़ा पहना। अनूप से थोड़ा फासला बनाकर सिगरा थानाध्यक्ष राजू सिंह अपनी टीम के साथ सादे कपड़ों में थे।
राम सिंह का मोबाइल लेकर अनूप रामनगर की ओर बढ़ा तो उसे कहा गया कि उधर मत आओ। अब भेलूपुर क्षेत्र में होटल ब्रॉडवे के पास आओ। होटल ब्रॉडवे के समीप रवींद्रपुरी रोड पर अनूप कागज की गड्डी से भरा बोरा लेकर पहुंचा। अनूप से प्रताप और पंकज बातचीत शुरू ही किए थे कि तब तक पीछे से आई पुलिस टीम ने दोनों को पकड़ लिया।
सात साल से व्यापारी के यहां काम कर रहा था प्रताप
प्रताप ने पूछताछ में बताया कि वह बिजली के तारों का थोक व्यापार करने वाले अंकित मेहरा के यहां सात साल से काम कर रहा था। अंकित के चाचा के यहां पंकज लगभग पांच साल पहले काम करता था। उसी समय से दोनों की दोस्ती थी। प्रताप ने बताया कि एक महीने पहले उसने ही अंकित से 50 लाख की रंगदारी मांगने की योजना बना कर पंकज को साथ देने के लिए तैयार किया। उसे भरोसा था कि बात पुलिस तक नहीं जाएगी और आसानी से पैसा भी मिल जाएगा। लगातार फोन करने पर व्यापारी पैसा देने को तैयार हो गए तो वह आश्वस्त हो गया कि वह अपनी योजना में सफल हो गया है। मगर, उसे नहीं पता था कि राम सिंह की जगह पुलिस कर्मी कागज की गड्डी लेकर आएंगे और वह पकड़ा जाएगा।
राम सिंह का मोबाइल लेकर अनूप रामनगर की ओर बढ़ा तो उसे कहा गया कि उधर मत आओ। अब भेलूपुर क्षेत्र में होटल ब्रॉडवे के पास आओ। होटल ब्रॉडवे के समीप रवींद्रपुरी रोड पर अनूप कागज की गड्डी से भरा बोरा लेकर पहुंचा। अनूप से प्रताप और पंकज बातचीत शुरू ही किए थे कि तब तक पीछे से आई पुलिस टीम ने दोनों को पकड़ लिया।
सात साल से व्यापारी के यहां काम कर रहा था प्रताप
प्रताप ने पूछताछ में बताया कि वह बिजली के तारों का थोक व्यापार करने वाले अंकित मेहरा के यहां सात साल से काम कर रहा था। अंकित के चाचा के यहां पंकज लगभग पांच साल पहले काम करता था। उसी समय से दोनों की दोस्ती थी। प्रताप ने बताया कि एक महीने पहले उसने ही अंकित से 50 लाख की रंगदारी मांगने की योजना बना कर पंकज को साथ देने के लिए तैयार किया। उसे भरोसा था कि बात पुलिस तक नहीं जाएगी और आसानी से पैसा भी मिल जाएगा। लगातार फोन करने पर व्यापारी पैसा देने को तैयार हो गए तो वह आश्वस्त हो गया कि वह अपनी योजना में सफल हो गया है। मगर, उसे नहीं पता था कि राम सिंह की जगह पुलिस कर्मी कागज की गड्डी लेकर आएंगे और वह पकड़ा जाएगा।