फर्जी विधायक बन अधिकारियों को गालियां और धमकी देने वाला गिरफ्तार
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पुलिस की मानें तो सीयूजी पर कॉल कर धमकी देने के मुख़्य आरोपी बलिया जेल में निरुद्घ है। पकड़ा गया आरोपी मुख्य आरोपी का सहयोगी है। मऊ जिले के कोपागंज थाने के प्रभारी निरीक्षक आरके द्विवेदी को 20 और 21 मई को जौनपुर के मुंगरा बादशाहपुर की पूर्व विधायक सीमा द्विवेदी के नाम पर और बिहार के सहरसा जिला जज और सचिवालय से तीन अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन कर जान से मारने तथा पूरे परिवार को क्षति पहुंचाने की धमकी दी गई थी।
फोन करने वाले ने पुलिस पर कोपागंज थाना क्षेत्र के ही भरथिया कादीपुर में उपजे जमीन विवाद को निपटाने के लिए फोन किया था। इस पर कोपागंज थाना प्रभारी ने रिपोर्ट दर्ज कराई।
साथ ही उस फोन कॉल के बारे में जानकारी जुटाने जुट गई। रिकार्ड खंगालने के दौरान पुलिस को पता चला कि घटना का मुख्य आरोपी चंदन कन्नौजिया उर्फ चांदनी पुत्र गुलाब धोबी है जो बलिया जिले के बांसडीह थाना क्षेत्र के गोठौली गांव का है।
पुलिस ने बताया कि जेल में निरुद्घ चंदन कन्नौजिया उर्फ चांदनी जेल से ही कभी जिला जज तो कभी विधायक तो कभी सचिवालय से सचिव बनकर पुलिस सहित विभाग के अन्य अधिकारियों को फोन कर धमकाने के साथ ही गालियां भी देता था। उसके विरुद्घ गाजीपुर, बलिया और मऊ जिले में धोखाधड़ी और अधिकारियों को धमकाने के कई मामले दर्ज हैं।
जेल में मोबाइल का प्रयोग प्रशासन पर प्रश्न चिन्ह
मऊ के अपर पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि मामले में एक आरोपी को दबोचा गया है। जांच चल रही है। जैसे-जैसे तथ्य मिलते जाएंगे कार्रवाई आगे बढ़ती रहेगी।
बलिया जिला जेल में धोखाधड़ी सहित अन्य अपराधिक मामलों में निरुद्व चंदन कन्नौजिया द्वारा कभी विधायक तो कभी जज तो कभी सचिव आदि बन कर धड़ल्ले से फोन करने का मामला उजागर होने पर प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रश्न चिह्न खड़ा कर दिया। सख्ती के बाद जेल में मोबाइल और सिम कैसे पहुुंच रहा । जबकि सिम बिना आधार कार्ड से लिंक कराए चालू नही हो सकते ।