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वाराणसी आ रहे प्रधानमंत्री मोदी, पीएमओ ने मांगी इन परियोजनाओं की सूची
Sat, 15 Dec 2018 05:00 PM IST
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न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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Published by: utpal utpal
Updated Sat, 15 Dec 2018 05:00 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 29 दिसंबर के वाराणसी दौरे के मद्देनजर प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस माह के अंत में पूरी होने वाली परियोजनाओं की सूची मांगी है। अब तक की जानकारी के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान के क्षेत्रीय केंद्र और बीएचयू के महामना मदन मोहन मालवीय कैंसर संस्थान के लोकार्पण को हरी झंडी दे दी गई है। इसके अलावा अन्य निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जा रही है।
चावल अनुसंधान संस्थान का क्षेत्रीय केंद्र पूर्वी भारत में पहला अंतरराष्ट्रीय केंद्र होगा। इसमें आधुनिक प्रयोगशाला में चावल और पुआल में भारी धातुओं की गुणवत्ता व स्तर का पता लगाया जाएगा। इससे मौसम के विपरीत और गुणवत्ता वाले चावल उत्पादन में मदद मिलेगी। सोमवार को जिलाधिकारी ने केंद्र का निरीक्षण कर संचालन के तरीके को समझा। संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि 17 एकड़ जमीन पर फसल उत्पादन कर प्रयोग शुरू कर दिया गया है।
दूसरी ओर बीएचयू में बन रहे महामना मदन मोहन मालवीय कैंसर संस्थान के निर्माण कार्य में तेजी आई है। आगे की बिल्डिंग बनकर लगभग तैयार है। अन्य भवनों का काम तेज हो गया है। चिकित्सकों के साथ ही पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं। संस्थान की आधारशिला 22 दिसंबर, 16 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी। प्री-फैब्रिकेशन तकनीक पर आधारित संस्थान में मरीजों को एक ही छत के नीचे जांच और इलाज की सुविधाएं मिलेंगी।
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चावल अनुसंधान संस्थान का क्षेत्रीय केंद्र पूर्वी भारत में पहला अंतरराष्ट्रीय केंद्र होगा। इसमें आधुनिक प्रयोगशाला में चावल और पुआल में भारी धातुओं की गुणवत्ता व स्तर का पता लगाया जाएगा। इससे मौसम के विपरीत और गुणवत्ता वाले चावल उत्पादन में मदद मिलेगी। सोमवार को जिलाधिकारी ने केंद्र का निरीक्षण कर संचालन के तरीके को समझा। संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि 17 एकड़ जमीन पर फसल उत्पादन कर प्रयोग शुरू कर दिया गया है।
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दूसरी ओर बीएचयू में बन रहे महामना मदन मोहन मालवीय कैंसर संस्थान के निर्माण कार्य में तेजी आई है। आगे की बिल्डिंग बनकर लगभग तैयार है। अन्य भवनों का काम तेज हो गया है। चिकित्सकों के साथ ही पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं। संस्थान की आधारशिला 22 दिसंबर, 16 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी। प्री-फैब्रिकेशन तकनीक पर आधारित संस्थान में मरीजों को एक ही छत के नीचे जांच और इलाज की सुविधाएं मिलेंगी।
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पीएम देखेंगे 17 उत्पादों की विशेष प्रदर्शनी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 दिसंबर को अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे में जीआई, ओडीओपी और महिला सशक्तीकरण के लिहाज से नए प्रयोगों की शुरुआत करेंगे। दौरे में प्रधानमंत्री 17 जीआई उत्पादों की विशेष प्रदर्शनी तो देखेंगे ही, उनकी मौजूदगी में पहली बार 10 से 15 हथकरघा उत्पादों की निर्माण प्रक्रिया का सीधा प्रसारण किया जाएगा। इस प्रसारण में 50 फीसदी से अधिक महिला हस्तशिल्पी शामिल होंगी। हस्तकला संकुल में इस खास आयोजन के लिए तैयारी शुरू हो गई है।
आयोजन में वाराणसी परिक्षेत्र के पहले से तय 10 उत्पादों के साथ-साथ सात संभावित उत्पाद प्रधानमंत्री को दिखाए जाने हैं। विशेष प्रदर्शनी में जीआई में शामिल होने वाले सात संभावित उत्पादों में वाराणसी के हैंड ब्लॉक प्रिंट, जरदोजी, वुडकार्विंग, मिर्जापुर के पीतल के बर्तन, चुनार की रेड क्ले ग्लेज्ड पॉटरी और बलुआ पत्थर के अलावा गोरखपुर की टेराकोटा को जगह दी गई है।
जीआई विशेषज्ञ डॉ. रजनीकांत को जीआई पैवेलियन और इसके सीधे प्रसारण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उत्साहित डॉ. रजनीकांत कहते हैं कि महिला कारीगरों की दक्षता के सीधे प्रसारण के जरिए हम महिला सशक्तीकरण को और ताकत दे सकेंगे।
फिलहाल, देश में 326 जीआई उत्पादों का पंजीकरण किया गया है। आयोजन में प्रधानमंत्री की उपस्थिति से देश की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाने वाले इस सेक्टर के ‘अच्छे दिन’ की उम्मीद की जा सकती है।
सूत्रों का कहना है कि इसी दौरान प्रधानमंत्री परंपरागत कुटीर उद्योगों से जुड़े लोगों के कौशल विकास और आर्थिक मजबूती के लिए किट और कर्ज का वितरण भी कर सकते हैं। हालांकि अभी तक इसे अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है।
आयोजन में वाराणसी परिक्षेत्र के पहले से तय 10 उत्पादों के साथ-साथ सात संभावित उत्पाद प्रधानमंत्री को दिखाए जाने हैं। विशेष प्रदर्शनी में जीआई में शामिल होने वाले सात संभावित उत्पादों में वाराणसी के हैंड ब्लॉक प्रिंट, जरदोजी, वुडकार्विंग, मिर्जापुर के पीतल के बर्तन, चुनार की रेड क्ले ग्लेज्ड पॉटरी और बलुआ पत्थर के अलावा गोरखपुर की टेराकोटा को जगह दी गई है।
जीआई विशेषज्ञ डॉ. रजनीकांत को जीआई पैवेलियन और इसके सीधे प्रसारण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उत्साहित डॉ. रजनीकांत कहते हैं कि महिला कारीगरों की दक्षता के सीधे प्रसारण के जरिए हम महिला सशक्तीकरण को और ताकत दे सकेंगे।
फिलहाल, देश में 326 जीआई उत्पादों का पंजीकरण किया गया है। आयोजन में प्रधानमंत्री की उपस्थिति से देश की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाने वाले इस सेक्टर के ‘अच्छे दिन’ की उम्मीद की जा सकती है।
सूत्रों का कहना है कि इसी दौरान प्रधानमंत्री परंपरागत कुटीर उद्योगों से जुड़े लोगों के कौशल विकास और आर्थिक मजबूती के लिए किट और कर्ज का वितरण भी कर सकते हैं। हालांकि अभी तक इसे अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है।