पीएम मोदी बोले- कोरोना संक्रमण की रफ्तार थमी है, तीसरी लहर को मुसीबत मानकर करें तैयारी
कोरोना के खिलाफ वाराणसी की लड़ाई की प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी मॉडल की प्रशंसा की। शुक्रवार को उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के 100 कोरोना योद्धाओं से संवाद किया।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कोरोना से जंग लड़ रहे फ्रंट लाइन वर्कर्स से कहा, वर्तमान में कोरोना संक्रमण की रफ्तार थमी है, मगर चुनौती कम नहीं हुई है। तीसरी लहर को मुसीबत मानकर आगे की तैयारी जारी रखी जाए। शहरी और ग्रामीण इलाकों में तैनात डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ की ट्रेनिंग पर ध्यान देना होगा, जिससे व्यवस्था के सही उपयोग के साथ लोगों को लाभ मिल सके।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीएचयू, डीआरडीओ सहित बनारस के बड़े अस्पताल को ट्रेनिंग सेंटर के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इसमें ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य कर्मियों को उपकरणों के प्रयोग सहित अन्य सुविधाओं के उपयोग की सही तरीके से जानकारी मिल सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि महामारी के इस दौर में काशी ने जिस तरीके से न केवल वाराणसी बल्कि पूर्वांचल और बिहार के जिलों के लोगों की सेवा की, उसे केवल प्रदेश नहीं, बल्कि पूरे देश में रोल मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। इसकी सराहना भी हो रही है।
आईसीयू में बेड बढ़ाने की बात हो या ऑक्सीजन का संकट दूर करने या फिर कम समय में 750 बेड का डीआरडीओ अस्पताल तैयार कराया जाना यह अपने आप में एक अनूठी मिसाल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के साथ आशा और एएनएम की भूमिका को भी अहम बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने व्यापारियों के द्वारा दुकान बंद रखने के आह्वान की भी सराहना की। कहा कि ग्रामीण इलाकों में इलाज के साथ-साथ माइक्रो कंटेनमेंट जोन में जिस तरह से दवाओं का वितरण किया गया, उससे बहुत हद तक व्यवस्था पर नियंत्रण पाने में सफलता मिली। पीएम मोदी ने जन कल्याणकारी योजनाओं को भी कोरोना की लड़ाई में सहायक मानते हुए कहा कि आयुष्मान योजना, उज्ज्वला, स्वच्छ भारत योजना के साथ ही पूरे विश्व में जिस तरह योग को बढ़ावा दिया गया। यह भी कोरोना की लड़ाई लड़ने में अहम भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि अस्पतालों में कोरोना, ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज की छोटी-छोटी वीडियो रिकॉर्डिंग कर उससे डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षित करने का भी एक बेहतर माध्यम है और इससे लोगों को आगे बढ़ने की सीख भी मिलेगी। प्रधानमंत्री ने गांव में जुड़े स्वास्थ्य केंद्रों से जुड़े लोगों को वेबिनार के माध्यम से भी स्वास्थ्य सुविधाओं और उपकरणों के इस्तेमाल की जानकारी देने की बात कही, जिससे तीसरी लहर की लड़ाई को आसानी से जीता जा सके।
इस दौरान एमएलसी एके शर्मा, मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल, जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा, ईशा दुहन, बीएचयू से एमएस प्रो. केके गुप्ता, डीआरडीओ अस्पताल से ब्रिगेडियर सुकृति बावेजा, मंडलीय अस्पताल से एसआईसी डॉक्टर प्रसन्न कुमार, होमी भाभा कैंसर अस्पताल से डाक्टर असीम मिश्रा, सीएमओ डॉक्टर वीबी सिंह सहित सभी जनप्रतिनिधि आदि मौजूद रहे।
पीएम बोले, बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद से जीतेगी काशी
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि सामूहिक प्रयास और बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद से काशी कोरोना से जंग जीतेगी। मेरी काशी के लोग मरीज, बुजुर्गों की परिवार के सदस्य के तौर पर मदद की। दवा से लेकर खाने तक की चिंता नहीं करनी पड़ी। मां अन्नपूर्णा की नगरी और साधना के तप से इस महामारी में काशी ने खुद को संभाला है।
उन्होंने कहा, महामारी के दौर में काशी में लोगों ने जिस तरह से मोर्चा सभाला अब इसकी चर्चा देश में हो रही है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, सुरक्षा बलों के कार्यों के जितनी सराहना की जाय कम है। कोरोना से चल रही लड़ाई में योग और आयुष ने बड़ी ताकत दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि महादेव की नगरी में लोगों ने आध्यात्मिक क्षमता के साथ सेवा का परिचय दिया हैं।
काशी कवच बना लड़ाई का सबसे बड़ा हथियार
पीएम मोदी ने बताया कि काशी में क्या-क्या हो रहा है और किस तरह से लोगों को इलाज मिल रहा है। इसकी पल-पल की जानकारी भी वह लेते रहते हैं। मुश्किल समय में किस तरह से काम किया, यह काशी से सीखा जा सकता है। काशी में सर्वत्र बाबा विश्वनाथ विराजमान है और जब बाबा का अंश रूप हर कोई है तो सब ने सेवा भाव से सिद्ध भी कर दिया। काशी में शिव के कल्याण की भावना से ही सेवा का भाव पैदा हुआ।
पीएम मोदी ने बताया कि काशी में क्या-क्या हो रहा है और किस तरह से लोगों को इलाज मिल रहा है। इसकी पल-पल की जानकारी भी वह लेते रहते हैं। मुश्किल समय में किस तरह से काम किया, यह काशी से सीखा जा सकता है। काशी में सर्वत्र बाबा विश्वनाथ विराजमान है और जब बाबा का अंश रूप हर कोई है तो सब ने सेवा भाव से सिद्ध भी कर दिया। काशी में शिव के कल्याण की भावना से ही सेवा का भाव पैदा हुआ।
पूर्वांचल की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए चुनौती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना टीकाकरण को लेकर चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ को एक नई जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जहां एक वायल में 10 लोगों के टीकाकरण की बात की जा रही है, वही देश में कई जगहों पर 11 लोगों का भी टीकाकरण हो रहा है। इससे जहां न केवल वैक्सीन की बर्बादी रुक रही है, बल्कि टीके का सही उपयोग हो रहा है।
उन्होंने बताया कि वायल में 10 लोगों के लगाने के बाद भी सिरिंज में भी वैक्सीन बची रहती है, जिसको लेकर के 11 लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है। इसके लिए स्टाफ नर्स सहित अन्य पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण देकर 10 की जगह 11 लोगों का टीकाकरण कराया का सकता है। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने ऐसा प्रयास जल्द कराने का आश्वासन दिया है।
पीएम ने व्यापारियों के प्रयास को भी सराहा और कहा, काशी ने खुद को समर्पित किया और लोगों ने दुकान बंद कर संक्रमण रोकने के लिए आगे आए। आर्थिक लाभ की चिंता किए बिना सेवा में जुटे।