बनारस में 12 नवंबर को मल्टी मॉडल टर्मिनल का शुभारंभ करेंगे पीएम मोदी
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देश के पहले इनलैंड वॉटर हाइवे-वन वाराणसी से हल्दिया (पश्चिम बंगाल) में 365 दिन बड़े मालवाहक जहाज चलेंगे। एक जलपोत कोलकाता से 28 अक्तूबर को चल चुका है। इस जलपोत पर पेप्सिको के 16 कंटेनर लदे हैं।
वाराणसी से हल्दिया के बीच जलमार्ग की दूरी 1390 किलोमीटर है। अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर पीएम मोदी 16 कंटनेरों को लेकर चले मालवाहक जहाज एमवी आरएन टैगोर को टर्मिनल पर रिसीव भी करेंगे।
बता दें कि, इसी हफ्ते में दो दिन के दौरे पर बनारस आए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि नवंबर में रामनगर के मल्टी मॉडल टर्मिनल को प्रधानमंत्री राष्ट्र को समर्पित करेंगे। साथ ही कहा था कि टर्मिनल के चालू होने से काशी से हल्दिया तक हर माह एक लाख टन की माल की ढुलाई आसानी से होगी। इससे माल भाड़े में कमी आएगी और सामान सस्ते होंगे। यहां से व्यापारी और किसान कोलकाता के रास्ते अपने सामान राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार में भेज सकेंगे।
https://t.co/v56iKbJtYX Sri @narendramodi ji to recieve the container vessel traveled for the first time on Inland waterways NW1 Ganga at Varanasi on 12th Nov at newly developed Multimodel Terminal and shall dedicate the terminal to nation. pic.twitter.com/80TyY7iaqL
— Nitin Gadkari (@nitin_gadkari) November 3, 2018
खिड़किया घाट से किया था रवाना
बता दें कि गंगा में वाराणसी से हल्दिया तक जल परिवहन के लिए परीक्षण की शुरुआत के दौरान वाराणसी से दो जलपोत हल्दिया रवाना किए थे। 12 अगस्त 2016 को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा खिड़किया घाट से हरी झंडी दिखाकर रवाना किए गए दो जलपोतों में मारुति कारें और भवन निर्माण की सामग्री रवाना की गई थी। इसी दौरान मल्टी मॉडल टर्मिनल की आधारशिला भी रखी गई थी।
पहली बार कोलकाता से वाराणसी के लिए जलपोत रवाना किया गया है। नेशनल वाटरवेज-1 के रास्ते आ रहे जलपोत पर खानपान का सामान लदा है। रामनगर के राल्हूपुर में लगभग बन चुके मल्टी मॉडल टर्मिनल पर उतारे जाएंगे। वाराणसी से यही जलपोत इफ्को द्वारा निर्मित उर्वरक लेकर लौटेंगे।
जल मार्ग की राह में बाधा बन रही कछुआ सेंक्चुअरी का मामला हाल में ही सुलझा लिया गया है। ट्रायल के दौरान कछुआ सेंक्चुअरी में दो घंटे की समय सीमा के नियम के कारण रामनगर से इसकी शुरुआत नहीं हो सकी थी।