पीएम की सौगात: वाराणसी में अब रो-रो बोट और फेरी क्रूज से कर सकेंगे गंगा की सैर, जानें किराया और इसकी खास बातें
रो-रो सर्विस बोट और फेरी क्रूज से का शुभारंभ होने से काशी में पर्यटन को बढ़ावा मिलना तय है। साथ ही पर्यटक गंगा की लहरों में लुफ्त उठाएंगे। रो-रो बोट और फेरी क्रूज के संचालन के लिए अभी किराया तय नहीं हुआ है।
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गंगा में इन योजनाओं का शुभारंभ होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलना तय है। साथ ही पर्यटक गंगा की लहरों में लुफ्त उठाएंगे। रो-रो बोट और फेरी क्रूज के संचालन के लिए अभी किराया तय नहीं हुआ है। रो-रो बोट में एक साथ 200 सैलानीयों के बैठने के साथ चार कार और दो ट्रक रखने की जगह हैं।
एक रो-रो बोट की कीमत 11 करोड़ रुपये है बतायी गयी है। जबकि फेरी क्रूज़ में 100 सैलानियों की बैठने की व्यवस्था है। फेरी क्रूज 10 करोड़ 71 लाख रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ है। रो-रो बोट को को चुनार घाट (मिर्जापुर) से मार्कण्डेय महादेव घाट तक चलाने की व्यवस्था की गई है।
फेरी क्रूज अस्सीघाट से राजघाट तक गंगा की लहरों पर दौड़ेगा। इसके लिए राजघाट और अस्सी पर टिकट काउंटर बनने के साथ पर्यटकों के बैठने की व्यवस्था की गई है। पंचकोसी मार्ग और रामेश्वर में विश्राम स्थल बनने से दर्शनार्थियों को काफी सुविधा होगी। यहां भी पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
रो-रो बोट पर मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि एक एक रो-रो में सात कर्मचारी तैनात रहेंगे। कर्मचारियों के रहने के लिए अंदर कमरे बनाये गए हैं। भोजन के लिए पैंट्री कार की व्यवस्था है। एक घंटे में करीब 40 लीटर डीजल की खपत होगी। एक रो-रो का नाम विवेकानंद क्रूज और दूसरे का साममाणिक साव क्रूज है। रो-रो बोट पर्यटकों को एक ओपन रेस्टॉरेंट का एहसास कराएगा। दूर-दराज से आने वाले पर्यटकों को रो-रो सर्विस काफी पसंद आएगी।