फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   PM modi said kasji ek roop anek in Handicraft package in varanasi

ओडीओपी पर प्रधानमंत्री ने दिया जोर, बोले- काशी एक है लेकिन इसके रूप अनेक

Sun, 16 Feb 2020 05:15 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sun, 16 Feb 2020 05:15 PM IST
विज्ञापन
PM modi said kasji ek roop anek in Handicraft package in varanasi
प्रधानमंत्री मोदी, सीएम योगी और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के साथ ओडीओपी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। - फोटो : अमर उजाला।
वाराणसी में बड़ा लालपुर के दीनदयाल हस्तकला संकुल में काशी एक रूप अनेक कार्यक्रम में आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत को मैन्युफैक्चरिंग पावर बनाना है। इसके प्रोडक्ट को दुनिया भर में पहुंचाना है।
विज्ञापन


प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी में ये मेरा तीसरा कार्यक्रम है। सबसे पहले मैं अध्यात्म के कुंभ में था। फिर मैं आधुनिकता के कुंभ में गया, बनारस के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। अब मैं एक प्रकार से स्वरोजगार के कुंभ में पहुंच गया हूं। यहां भांति-भांति के कलाकार, शिल्पकार एक ही छत के नीचे हैं।
विज्ञापन


एक-एक धागे को जोड़कर, मिट्टी के एक-एक कण को घटकर, बेहतरीन निर्माण करने वालों के साथ, दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों को चलाने वाले, एक ही छत के नीचे बैठे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि सच में, काशी एक है, लेकिन उसके रूप अनेक हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की हमेशा से ही ये शक्ति रही है कि यहां के हर क्षेत्र, हर जिले की पहचान से कोई ना कोई विशेष कला, विशेष आर्ट और विशेष उत्पाद जुड़ा रहा है। ये सदियों से हमारे वहां परंपरा रही है। हमारे कारोबारियों, व्यापारियों ने इसका प्रचार दुनियाभर में किया है। हमारे पास संसाधनों की और कौशल की कभी कमी नहीं रही है, बस एक व्यापक सोच के साथ काम करने की जरूरत है। जरूरत बस इस कहानी को दुनिया तक पहुंचाने की है। उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ डिजायन इसमें बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा।

पीएम ने कहा कि बदलती दुनिया, बदलते समय, बदलती मांग के अनुसार इन उत्पादों में भी जरूरी बदलाव करें। इसके लिए इन पारंपरिक उद्योगों से जुड़े साथियों को ट्रेनिंग, आर्थिक मदद, नई तकनीक और मार्केटिंग की सुविधा देनी बहुत जरूरी है। इस बार का जो बजट है, उसने भी सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट कर दिया है। सिर्फ इस साल के लिए नहीं बल्कि आने वाले 5 वर्षों के लिए छोटे और मझोले उद्योगों के विकास का एक खाका खींचा गया है।

उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ डिजायन द्वारा पिछले 2 वर्षों में, 30 जिलों के 3500 से ज्यादा शिल्पकारों, बुनकरों को डिजाइन में सहायता दी गई है। क्राफ्ट से जुड़े उत्पादों में सुधार के लिए एक हजार कलाकारों को Tool Kit भी दिए गए हैं। यहां आने से पहले मैं वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट से जुड़ी प्रदर्शनी को भी देखकर आया हूं। यूपी के अलग-अलग हिस्सों के उत्पादों का शानदार कलेक्शन वहां है। वहां दोना-पत्तल बनाने वाले कारीगरों को आधुनिक मशीनें भी दी गईं हैं। उनका आत्मविश्वास देखते ही बन रहा था।

इस साल के बजट में, यूपी में बन रहे डिफेंसकॉरिडोर के लिए भी करीब 3700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। हाल ही में लखनऊ में दुनियाभर की डिफेंस कंपनियों ने यहां उद्योग लगाने की रुचि दिखाई, कई कंपनियां समझौते भी कर चुकी हैं। आज कोशिश ये की जा रही है कि सामान्य जन को और सामान्य कारोबारी को कागजों के, दस्तावेजों के बोझ से मुक्त किया जाए। सरकारी प्रक्रियाएं उलझाने के बजाय सुलझाने वाली हों, रास्ता दिखाने वाली हों, इसके लिए काम किया जा रहा है।

GST लागू होने से देश के लॉजिस्टिक्स में व्यापक बदलाव आया है। अब इस बदलाव को और मजबूत किया जा रहा है। देश में पहली बार नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी तैयार की जा रही है। इससे लघु उद्योग और सशक्त होंगे। देश के Wealth Creators को अनावश्यक परेशानी ना हो, इसके लिए पहली बार टैक्सपेयर्स चार्टर बनाया जा रहा है। इससे टैक्सपेयर के अधिकार तय होंगे। टैक्स कलेक्शन को Faceless किया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed