Kashi Vishwanath Dham: हाईटेक उपकरणों से लैस हुआ बाबा विश्वनाथ का धाम, ‘पिनाक’ से होगी सुरक्षा और निगरानी
काशी विश्वनाथ धाम का संचालन शुरू होने के बाद पूरे परिसर की सुरक्षा व्यवस्था केंद्रीयकृत हो जाएगी और एक ही भवन में सीआरपीएफ, बम स्क्वायड, पुलिस और पीएसी का कंट्रोल रूम हो जाएगा।
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श्री काशी विश्वनाथ धाम की सुरक्षा व निगरानी अब ‘पिनाक’ से होगी। धाम का नवनिर्मित सुरक्षा भवन ‘पिनाक’ का संचालन इसी माह से शुरू हो जाएगा। इसकी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। धाम का संचालन शुरू होने के बाद पूरे परिसर की सुरक्षा व्यवस्था केंद्रीयकृत हो जाएगी और एक ही भवन में सीआरपीएफ, बम स्क्वायड, पुलिस और पीएसी का कंट्रोल रूम हो जाएगा।
काशी विश्वनाथ धाम विस्तारीकरण के बाद 50 हजार 280 वर्ग मीटर में फैल गया है। धाम में शिव भक्तों की तादाद रोजाना बढ़ती जा रही है। धाम की सुरक्षा व्यवस्था के लिए नया सुरक्षा भवन पिनाक सावन के महीने में ही काम करना शुरू कर देगा। मंदिर प्रशासन ने पुलिस को भवन हैंडओवर करने के लिए पत्र भी भेज दिया है।
इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सिस्टम से चप्पे-चप्पे पर नजर
पिनाक भवन में फर्नीचर लगाने का काम चल रहा है जो कि दो दिन में पूरा हो जाएगा। श्री काशी विश्वनाथ धाम के सुरक्षा भवन का नाम पिनाक है। पिनाक भवन में इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सिस्टम (आईसीसीएस) लगाया गया है। जहां से धाम के सभी कैमरों से जोड़ा गया है। इसमें हर 8 घंटे पर की शिफ्ट में पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा।
ऐसे होंगे इंतजाम
गंगा घाट से लेकर धाम क्षेत्र में चार सौ से अधिक कैमरों से निगरानी की जा रही है। तीन मंजिला पिनाक भवन में सीआरपीएफ, पुलिस, पीएसी, एलआईयू और बम स्क्वायड की यूनिट तैनात होगी।
धाम क्षेत्र के रेड जोन की सुरक्षा केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल के हाथ में रहेगी। इसके अलावा विश्वनाथ धाम क्षेत्र यलो जोन में और उसके बाहर का क्षेत्र ग्रीन जोन होगा। येलो जोन में तलाशी और भीड़ नियंत्रण की जिम्मेदारी पहले की ही तरह सिविल पुलिस के पास रहेगी।
आग पर नियंत्रण के लिए लगाए गए स्वचालित उपकरण
श्री काशी विश्वनाथ धाम को अत्याधुनिक फायर फाइटर उपकरणों से लैस किया गया है। मंदिर में करीब एक लाख 45 हजार लीटर का वाटर टैंक है। पूरे परिसर में 96 फायर हाइड्रेंट लगे हैं। जिसमें एक्सटर्नल 41 और इंटरनल 55 फायर हाइड्रेंट और 494 स्मोक डिटेक्टर, 46 हीट डिटेक्टर लगे हैं।
इसके अलावा अलग-अलग तरह के करीब 224 फायर एक्सटिंग्विशर भी परिसर में लगे हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनिमेष सिंह ने बताया कि काशी विश्वनाथ धाम की ओर से एनओसी के लिए पत्र मिला है और जांच के बाद सिस्टम को शुरू कर दिया जाएगा।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी व पुलिस आयुक्त ने दी जानकारी
मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि भवन के संचालन के लिए पुलिस विभाग को पत्र भी भेज दिया गया है। जल्द ही इसके संचालन की उम्मीद है। वहीं पुलिस आयुक्त ए. सतीश गणेश ने कहा कि सावन से ही पिनाक भवन शुरू हो जाएगा, काम चल रहा है। आने वाले सप्ताह में इसके संचालन की योजना है।