BHU: साल में दो बार पीएचडी में दाखिला, इंटरव्यू से पहले स्क्रीनिंग टेस्ट भी; एकेडमिक काउंसिल ने दी जानकारी
Varanasi News: बीएचयू में अब पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया साल में दो बार होगी। एकेडमिक काउंसिल ने इंटरव्यू से पहले स्क्रीनिंग टेस्ट कराने, मुख्य और एलाइड विषयों की संयुक्त मेरिट सूची बनाने तथा कुल सीटों के आधार पर आरक्षण तय करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। विश्वविद्यालय प्रशासन का दावा है कि इससे प्रवेश प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और छात्रहितैषी बनेगी।
विस्तार
BHU College Varanasi: बीएचयू में पीएचडी की प्रवेश प्रक्रिया को साल में दो बार होगी। बीएचयू में एकेडमिक काउंसिल की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी की अध्यक्षता में पीएचडी प्रवेश-2026 के तीन एजेंडों पर चार घंटे तक मंथन हुआ।
इसमें पीएचडी के इंटरव्यू के पहले एक स्क्रीनिंग टेस्ट कराने पर सहमति बनी है। हालांकि कुलपति ने कहा कि जो विभाग चाहे इसे लागू करे या न करे। ये भी माना गया कि डीआरसी जो सलाह देगी वही यूएसीबी फैसला लेगी।
विभागों में पीएचडी के लिए कुल सीटों का 20 फीसदी एलाइड है। यदि एलाइड सीट खाली जा रही है तो विभाग से पूछकर इसमें प्रवेद दे दिया जाएगा। पीएचडी दाखिले में इंटरव्यू से पहले स्क्रीनिंग टेस्ट, यूनिफाइड सब्जेक्ट बास्केट मेन और एलाइड विषयों में पीएचडी और तीसरा एजेंडा लोकेशन वाइज और मोड वाइज सीट मैट्रिक्स था। बीएचयू प्रशासन की ओर से जारी सूचना में बताया गया कि पीएचडी प्रवेश परीक्षा को ज्यादा सुगम और पारदर्शी बनाया जाएगा। कम अवधि में प्रक्रिया पूरा कराने के लिए एकेडमिक काउंसिल ने कई प्रस्तावों को पारित किया।
बैठक में बताया गया कि सभी विभागों को यह स्वतंत्रता दी जाएगी कि वे पीएचडी प्रवेश के लिए साक्षात्कार से पहले स्क्रीनिंग टेस्ट करें। अब विभाग यह तय कर सकेंगे कि एक स्क्रीनिंग टेस्ट के माध्यम से चयनित विद्यार्थियों को ही साक्षात्कार के लिए बुलाया जाए। इस स्क्रीनिंग परीक्षा के स्वरूप या अन्य पक्षों पर निर्णय विश्वविद्यालय स्तर की एक समिति करेगी, जिसके गठन को काउंसिल की ओर से मंजूरी दे दी गई है।
मुख्य और एलाइड विषयों की एक मेरिट बनेगी: दूसरे प्रस्ताव के तहत अब पीएचडी प्रवेश के लिए विभागों में मुख्य विषय और एलाइड विषयों की एक समावेशित मेरिट सूची तैयार की जाएगी।
कुल सीटों के आधार पर होगी आरक्षित सीटों की गणना
एकेडमिक काउंसिल ने उस प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई है जिसके तहत आरक्षित सीटों की गणना विभाग की कुल सीटों (मुख्य परिसर, महिला महाविद्यालय, दक्षिणी परिसर, संबद्ध महाविद्यालय आदि सभी को मिलाकर) के आधार पर करते हुए सभी श्रेणियों की सीटों की सूचना प्रवेश के पहले ही अभ्यर्थियों को दे दी जाएगी। इसके बाद संबंधित इकाइयों में आरक्षित श्रेणियों के अभ्यर्थियों का आवंटन उसी श्रेणी के आधार पर किया जाएगा, ताकि किसी भी वर्ग के अभ्यर्थी को नुकसान न हो और प्रक्रिया आराम से आगे बढ़े।
देशभर के प्रतिभावान विद्यार्थी आएंगे : वीसी
कुलपति ने कहा कि बैठक में लिए गए निर्णयों से देशभर से प्रतिभावान विद्यार्थी विश्वविद्यालय की ओर तो आकर्षित होंगे। साथ ही प्रवेश प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से कम अवधि में पूरा भी किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया के समय से पूरा होने से न सिर्फ शैक्षणिक सारणी का प्रभावी रूप से संचालन संभव होगा बल्कि विद्यार्थियों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।