पीईटी: भारत-पाकिस्तान संधि और चंद्रयान पर सवाल, रीजनिंग और सामान्य अध्ययन ने अभ्यर्थियों को उलझाया
PET Exam 2025 : पीईटी की परीक्षा में भारत-पाकिस्तान संधि और चंद्रयान पर सवाल पूछे गए। वहीं रीजनिंग और सामान्य अध्ययन ने अभ्यर्थियों को उलझा दिया। उधर, 10567 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
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उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) में पहले दिन 66 केंद्रों पर दो पालियों में 47134 अभ्यर्थियों में से 36669 ने परीक्षा दी। परीक्षा में भारत-पाकिस्तान संधि, चंद्रयान जैसे विषयों पर सवाल पूछे गए। वहीं रीजनिंग और सामान्य अध्ययन के सवालों में भी अभ्यर्थी उलझे रहे। पहले दिन 10567 ने अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। दूसरे दिन रविवार को भी दो पाली में 66 केंद्रों पर परीक्षा होगी। आयोग की ओर से सुबह 10 से 12 बजे तक और दोपहर में 3 से 5 बजे तक हुई परीक्षा के लिए आसपास के जिलों से बहुत से अभ्यर्थी एक दिन पहले ही आ गए थे।
सीसी कैमरे की निगरानी में केंद्र में प्रवेश द्वार पर सभी के प्रवेशपत्र सहित अन्य जरूरी कागजातों की जांच कर तलाशी भी ली गई। उधर परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थी एक दूसरे से सवालों का सही जवाब पूछते रहे। किसी ने मैथ के सवाल को कठिन बताया तो कोई रीजनिंग और सामान्य ज्ञान के सवाल को हल करने में समय अधिक लगने की बात करता नजर आया।
पहली पाली के पेपर में सवाल नंबर 19 में भारत-पाकिस्तान की ओर से 1960 में संधि पर हस्ताक्षर करने का सवाल पूछा गया जबकि 17 नंबर सवाल में चंद्रयान-3 के प्रक्षेपित करने का वर्ष पूछा गया। इधर केंद्रों पर सेक्टर, स्टेटिक मजिस्ट्रेट भी केंद्रों तैनात रहे।
एडीएम सिटी आलोक वर्मा ने बताया कि पहली पाली में पंजीकृत 23567 में 18402 ने परीक्षा दी वहीं 5165 अनुपस्थित रहे। इसके अलावा दूसरी पाली में 18267 परीक्षा में शामिल हुए 5300 ने परीक्षा नहीं दी। सभी केंद्रों पर सकुशल परीक्षा हुई, किसी तरह की कोई समस्या नहीं आई।
बोले अभ्यर्थी
- परीक्षा का फॉर्म भरने के बाद से ही तैयारी चल रही थी। पेपर में मैथ और सामान्य ज्ञान के सवाल कुछ कठिन रहे। भारत-पाकिस्तान संधि वाला सवाल छोड़ना पड़ा। -अतुल मौर्या, आजमगढ़
- पेपर के पैटर्न के समझने के लिए पुराने पेपर को हल किया था। सामान्य अध्ययन के सवाल ज्यादा कठिन रहा। इससे निर्धारित समय से अधिक समय सवालों को हल करने में लग गया। -अजीत गुप्ता, गोरखपुर
- पेपर मिलने के बाद पहले सवालों को गंभीरता से पढ़ा। गणित के सवाल अन्य सवालों की अपेक्षा कुछ कठिन आए थे। लाइन पैराग्राफ के सवालों को हल करने में कठिनाई हो रही थी। -आदर्श, आजमगढ़