{"_id":"61e556d56eaee245874e6054","slug":"paush-purnima-2022-magh-maas-snan-kashi-varanasi-holy-dip-in-ganga-devotees-faith-heavy-on-corona-and-winter-cold","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कोरोना और ठंड पर आस्था भारी : पौष पूर्णिमा पर पतितपावनी गंगा में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना और ठंड पर आस्था भारी : पौष पूर्णिमा पर पतितपावनी गंगा में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
Mon, 17 Jan 2022 05:15 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Mon, 17 Jan 2022 05:15 PM IST
सार
कड़ाके की ठंड के बावजूद लोगों का त्यौहार को लेकर उत्साह कम नहीं दिखा। स्नान-दान के बाद श्रद्धालुओं ने श्री काशी विश्वनाथ और अन्नपूर्णा मंदिर सहित अन्य देवालयों में विधिविधान से पूजा-अर्चना की।
विज्ञापन
कोरोना और ठंड पर आस्था भारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोरोना के खतरे के बीच पौष पूर्णिमा पर सोमवार को काशी में गंगा स्नान के लिए अच्छी खासी संख्या में भीड़ उमड़ी। संत-महात्माओं के साथ ही आम लोगों ने भी हर-हर गंगे के उद्घोष के साथ पवित्र डुबकी लगाई। इसके बाद पूजन-अर्चन व दान-पुण्य किया। कड़ाके की ठंड के बावजूद लोगों का त्यौहार को लेकर उत्साह कम नहीं दिखा।
विज्ञापन
स्नान-दान के बाद श्रद्धालुओं ने श्री काशी विश्वनाथ और अन्नपूर्णा मंदिर सहित अन्य देवालयों में विधिविधान से पूजा-अर्चना की। स्नान-ध्यान के लिए भोर से ही भक्तों की भीड़ लग गई थी। इस दौरान तटों पर दीप जलाकर कहीं मंगल कामनाएं की गईं तो कहीं अर्घ्य दिया गया। घाटों पर कतारबद्ध गरीबों को दान करने की भी होड़ मची रही।
विज्ञापन
दिन खुलने के बाद गंगा के दोनों किनारों पर भक्तों की भीड़ देखी गई। तमाम लोग नावों से स्नान के लिए उस पार गए। शीतला घाट, प्रयाग घाट, अहिल्याबाई घाट, मुंशी घाट, हनुमान घाट, तुलसी घाट, मीर घाट, रामघाट, पंचगंगा घाट, प्रह्लाद घाट, गायघाट और राजघाट पर स्नान के लिए अलग-अलग इलाके के श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा रहा। महिलाओं ने दीपदान भी किया। तमाम महिलाएं स्नान के बाद समूहों में बैठकर मंगल कामना के गीत भी गा रही थीं।
विज्ञापन
पढ़ेंः पौष पूर्णिमा स्नान के साथ मास पर्यंत अनुष्ठान शुरू, जानें इस पवित्र महीने का महत्व