वाराणसी कैंसर संस्थान का बढ़ेगा दायरा, मरीजों को मिलेंगी कई सुविधाओं की सौगात
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वाराणसी में कैंसर के मरीजों की सुविधा के लिए कैंसर संस्थान का विस्तार किया जा रहा है। इसमे जहां टाटा कैंसर संस्थान की ओर से मुजफ्फरपुर में एक नया कैंसर अस्पताल खोला जा रहा है वही वाराणसी में भी कैंसर के इलाज से जुड़ी सुविधाओं में भी बढ़ोतरी की जा रही है।
टाटा मेमोरियल संस्थान के निदेशक राजेंद्र बर्वे और होमी भाभा कैंसर संस्थान के निदेशक डॉक्टर सत्यजीत प्रधान ने कैंसर अस्पताल के दूसरे स्थापना दिवस पर प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि सुविधाओं में बढ़ोतरी से मरीजों को इलाज में सहूलियत होगी।
सुविधाओं के बारे में राजेंद्र बर्वे ने बताया कि 18 मई 2018 से लेकर 31 जनवरी 2021 तक दोनों अस्पतालों में 34248 नए मरीजों का पंजीकरण हुआ। जबकि 11706 सर्जरी की गई है। इसके अलावा 3944 मरीजों को रेडियोथैरेपी भी दी गई है।
बताया कि 19 फरवरी 2019 को प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन के बाद 180 बेड के होमी भाभा संस्थान और 350 बेड वाले महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर संस्थान में कोरोना काल में चुनौतियों के बावजूद भी मरीजों को देखा गया।
सबसे बड़ी बात है कि 2019 की तुलना में 2020 में कोरोना संक्रमण के बाद भी अधिक मरीजों को देखा गया। 2019 जहां 12292 नए मरीज मिले थे वहीं 2020 में संख्या 14438 हो गई। डॉक्टर सत्यजीत प्रधान ने बताया कि आने वाले दिनों में भी कई नई सुविधाओं की शुरुआत की जा रही है, जिससे कि कैंसर मरीजों को उनके घर के पास अत्याधुनिक इलाज की सुविधा मिल सके।
इसमें प्रदेश सरकार के साथ जुड़कर वाराणसी के सेवापुरी ब्लाक में कैंसर स्क्रीनिंग, नगर निगम में कैंसर स्क्रीनिंग के साथ ही पूरी क्षमता के साथ बोन मैरो ट्रांसप्लांट को भी शुरू किया जाएगा। दूरदराज से आने वाले मरीजों के लिए धर्मशाला, न्यूक्लियर मेडिसिन के लिए महामना पंडित मदन मोहन मालवीय सन्स्थान में आइसोटोप उत्पादन की सुविधा शुरू की जाएगी।