वाराणसी एयरपोर्ट ने हासिल की ये सफलता, छह साल में तीन गुना बढ़े विमान यात्री
कोरोना काल के बीच दो महीने तक विमान सेवा ठप होने के बावजूद वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट पर पिछले 6 साल में तीन गुना विमान यात्रियों की संख्या बढ़ी है। लॉकडाउन से पहले के भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण ने आंकड़े जारी किए। एयरपोर्ट के अधिकारियों के अनुसार वाराणसी आने-जाने वाले घरेलू यात्रियों और विदेशी सैलानियों के अलावा पूर्वांचल के जिलों के आम यात्रियों की संख्या भी बढ़ी है।
साल 2019-20 में 30,54,953 यात्रियों का आवागमन बाबतपुर एयरपोर्ट पर हुआ। हालांकि कोरोना महामारी के पहले मार्च 2020 वित्तीय वर्ष तक 30 लाख से अधिक बढ़ने की संभावना थी। वित्तीय वर्ष 2014-15 में 10,19,973 यात्रियों का आवागमन हुआ था। एयरपोर्ट अथॉरिटी के आंकड़े के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2018-19 में 1,98,704 अंतरराष्ट्रीय व 25,86,311 घरेलू यात्रियों का आवागमन हुआ।
इसकी तुलना में अधिकारियों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2019-20 में यात्रियों की संख्या तक 3 लाख से अधिक बढ़ने की उम्मीद थी, जिसे प्राप्त कर लिया गया।
आवागमन यात्रियों के आंकड़े
वर्ष आवगमन यात्री
2014-15 1019973
2015-16 1383982
2016-17 1916454
2017-18 2087581
2018-19 2785015
2019-20 3054953
छह सालों में तीन गुना बढ़ा विमानों का आवागमन
लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पिछले 6 सालों में विमानों के आवागमन में भी तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई। 2014-15 में कुल 8,801 विमान एयरपोर्ट पर आए। जिसमें 875 अंतरराष्ट्रीय एवं 7926 घरेलू विमानों का आवगमन हुआ। वहीं जनवरी 2019-20 में कुल 24,899 विमान, जिसमें 2042 अंतरराष्ट्रीय एवं 22,857 घरेलू विमानों का आवगमन हुआ है। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार मार्च तक 24 हजार से अधिक विमानों का आवागमन होना था, लेकिन मगर कोरोना महामारी की वजह से विमान सेवा पर रोक लगा दी गई।
हवाई अड्डे पर स्थित मुख्य टर्मिनल भवन वर्ष 2010 में बनकर तैयार हुआ। नवंबर 2010 में टर्मिनल भवन से यात्रियों का आवागमन शुरू हुआ। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार इस टर्मिनल भवन में एक समय में 800 यात्रियों की संभालने की क्षमता है। इसमें दो एयरोब्रिज, चार एस्केलेटर और पांच लिफ्ट हैं। इमिग्रेशन, चेक-इन व कस्टम काउंटर भी है। नया टर्मिनल बनने के बाद पुराने टर्मिनल भवन में कार्गो, एटीसी, कम्युनिकेशन, मौसम सहित अन्य विभाग के कार्यलय संचालित होते हैं। एयरपोर्ट निदेशक आकाशदीप माथुर के अनुसार इस एयरपोर्ट को 2012 में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का दर्जा मिला। इसके बाद सुविधाएं बढ़ी तो यात्रियों की संख्या भी बढ़ती गई।