फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Parents will have to pay fee under RTE from new session, schools have decided

नए सत्र से आरटीई के तहत अभिभावकों को देना होगा शुल्क, स्कूलों ने लिया फैसला

Mon, 28 Mar 2022 12:36 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 28 Mar 2022 12:36 AM IST
विज्ञापन
Parents will have to pay fee under RTE from new session, schools have decided
हर साल हजाराें अभिभावक अपने नौनिहाल के बेहतर भविष्य के लिए आरटीई के तहत निजी स्कूलों में बच्चों का दाखिला कराने के लिए दौड़ लगाते है। लेकिन इस साल अभिभावकों का ये सपना शासन की लेटलटिफी की वजह से टूट जाएगा। शासन की ओर से शुल्क प्रतिपूर्ति न मिलने का खामीयाजा गरीब अभिभावकों को उठाना पड़ेगा। क्योंकि इस साल न तो निजी विद्यालय आरटीई के तहत नए बच्चों का प्रवेश लेंगे न ही आरटीई के तहत पढ़ने वाले पुराने छात्रों को निशुल्क शिक्षा देंगे। रविवार को लोहता के भट्ठी स्थित ड्रीम लाइट पब्लिक स्कूल में प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के की हुई बैठक में स्कूल संचालकों ने प्रस्ताव पारित कर आरटीई के तहत पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों से शुल्क लेने का फैसला किया है।
विज्ञापन

एसोसिएशन की बैठक में अध्यक्ष रामआसरे पटेल ने कहा कि स्कूल प्रबंधन अधिनियम का ईमानदारी से पालन कर रहे हैं, लेकिन शासन की ओर से सहयोग नहीं किया जा रहा। पिछले तीन वर्षों से स्कूलों की प्रतिपूर्ति शुल्क नहीं देने के अलावा फीस भी नियमानुसार नहीं बढ़ाई गई है। वहीं बैठक में वंशलाल पटेल ने कहा कि इसको लेकर शिक्षा मंत्री, प्रमुख सचिव, जिलाधिकारी, मंडलायुक्त व अन्य अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायत की जा चुकी है। लेकिन फीस प्रतिपूर्ति के लिए शासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाए गए।
विज्ञापन

शासन के फेर में फंसा बच्चों का भविष्य
एक ओर जहां आरटीई के लिए सत्र 2022-23 में आवेदन का प्रथम चरण कि प्रक्रिया पुरी हो गई है। वहीं शासन के बजट के अभाव में बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। एक ओर बेसिक शिक्षा विभाग 30 मार्च को लॉटरी निकलने की तैयारी कर रहा है। वहीं प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के इस फैसले ने अभिभावकों की अपने लाडले के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अंतर्गत आने वाले 100 से ज्यादा स्कूलों ने प्रवेश देने से मना कर दिया है। एसोसिएशन के लाल बहादुर प्रजापति ने कहा कि बैठक में सर्वसम्मति से इस सत्र में अभिभावक से सहयोग के रूप में विद्यालय की फीस लेने का प्रस्ताव पारित किया गया। इस दौरान इंद्रजीत सिंह, प्रदीप गुप्ता, रामकरन पटेल, विनोद सिंह, गुड्डू वर्मा, रंजीत पटेल, घनश्याम प्रजापति, प्रदीप गुप्ता आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed